7 जुलाई 2026
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मणिपुर को मिला नया डीजीपी: मुकेश सिंह संभालेंगे कमान, राजीव सिंह कैबिनेट सचिवालय जाएंगे

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मणिपुर को मिला नया डीजीपी: मुकेश सिंह संभालेंगे कमान, राजीव सिंह कैबिनेट सचिवालय जाएंगे

सारांश

मणिपुर को नया पुलिस प्रमुख मिल रहा है — जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों का अनुभव रखने वाले लद्दाख डीजीपी मुकेश सिंह तीन साल के डेपुटेशन पर राज्य की कमान संभालेंगे। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब नई भाजपा सरकार के गठन के बाद मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाली की कोशिशें जारी हैं।

मुख्य बातें

मुकेश सिंह (आईपीएस, 1996 बैच, एजीएमयूटी कैडर) को तीन वर्ष के इंटर-कैडर डेपुटेशन पर मणिपुर का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है।
एसीसी की मंजूरी 15 मई 2026 को गृह मंत्रालय के प्रस्ताव के बाद दी गई।
वर्तमान डीजीपी राजीव सिंह (1993 बैच, त्रिपुरा कैडर) को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) नियुक्त किया गया।
मणिपुर में 3 मई 2023 से भड़की जातीय हिंसा में अब तक कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है।
राज्य 13 फरवरी 2025 से 4 फरवरी 2026 तक राष्ट्रपति शासन के अधीन रहा; अब युमनम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार सत्ता में है।

मणिपुर को नया पुलिस महानिदेशक मिलने जा रहा है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने लद्दाख के मौजूदा पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह को तीन वर्ष की अवधि के लिए इंटर-कैडर डेपुटेशन पर मणिपुर भेजने की मंजूरी दे दी है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय 15 मई को गृह मंत्रालय से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर लिया गया। मुकेश सिंह वर्तमान डीजीपी राजीव सिंह का स्थान लेंगे, जिन्हें कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) के पद पर नियुक्त किया गया है।

मुकेश सिंह: पृष्ठभूमि और अनुभव

मुकेश सिंह एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 1996 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है।

उन्होंने 15 जनवरी 2026 को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के डीजीपी का कार्यभार संभाला था। इससे पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर में रियासी, पुलवामा, पुंछ और जम्मू में पुलिस अधीक्षक के रूप में आतंकवाद और उग्रवाद-रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अनुभव को मणिपुर की वर्तमान सुरक्षा स्थिति के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक माना जा रहा है।

राजीव सिंह का कार्यकाल और विदाई

त्रिपुरा कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव सिंह 1 जून 2023 से मणिपुर के डीजीपी के रूप में कार्यरत रहे। उन्होंने मणिपुर का पदभार ऐसे समय में संभाला था जब राज्य अपने सबसे अशांत दौरों में से एक से गुजर रहा था।

मणिपुर आने से पहले राजीव सिंह ने त्रिपुरा में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और नई दिल्ली स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय में महानिरीक्षक (अभियान) के रूप में सेवाएं दी थीं। एसीसी ने उनकी कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) के रूप में नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है।

मणिपुर की जातीय हिंसा: पृष्ठभूमि

3 मई 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की थी, जिसकी शुरुआत पहाड़ी जिलों में आदिवासी संगठनों द्वारा आयोजित 'आदिवासी एकजुटता मार्च' से हुई। यह मार्च मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में निकाला गया था।

इस संघर्ष में अब तक कम से कम 260 लोगों की जान जा चुकी है, हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और पहाड़ी व घाटी दोनों जिलों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस अशांति के कारण राज्य में लगभग एक वर्ष के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा।

राष्ट्रपति शासन और नई सरकार

मणिपुर 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन के अधीन रहा। 4 फरवरी 2026 को राज्य में नई भाजपा-नीत सरकार के गठन से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति शासन हटाया गया। इसके बाद भाजपा-नीत एनडीए विधायक दल के नेता युमनम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

नई नियुक्ति का महत्व

अधिकारियों के अनुसार, नए डीजीपी की नियुक्ति इसलिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हिंसा प्रभावित राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास जारी रखे हुए हैं। गौरतलब है कि यह नियुक्ति नई राज्य सरकार के गठन के तीन महीने से भी कम समय के भीतर की जा रही है, जो संकेत देती है कि केंद्र सुरक्षा ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने को प्राथमिकता दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कोई भी डीजीपी दीर्घकालिक शांति नहीं ला सकता।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के नए डीजीपी मुकेश सिंह कौन हैं?
मुकेश सिंह एजीएमयूटी कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं। उन्होंने 15 जनवरी 2026 को लद्दाख के डीजीपी का पदभार संभाला था और इससे पहले जम्मू-कश्मीर में रियासी, पुलवामा, पुंछ और जम्मू में पुलिस अधीक्षक के रूप में आतंकवाद-रोधी अभियानों में काम किया है।
मणिपुर में नए डीजीपी की नियुक्ति क्यों की गई?
वर्तमान डीजीपी राजीव सिंह को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) के पद पर स्थानांतरित किया गया है, जिसके कारण यह रिक्ति उत्पन्न हुई। अधिकारियों के अनुसार, नई नियुक्ति का उद्देश्य हिंसा प्रभावित राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और सामान्य स्थिति बहाली के प्रयासों को गति देना है।
मणिपुर में जातीय हिंसा कब शुरू हुई और अब तक कितना नुकसान हुआ?
मणिपुर में जातीय हिंसा 3 मई 2023 को 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के बाद भड़की थी, जो मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में निकाला गया था। इस संघर्ष में अब तक कम से कम 260 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन कब से कब तक रहा?
मणिपुर 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन के अधीन रहा। 4 फरवरी 2026 को नई भाजपा-नीत सरकार के गठन से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति शासन हटाया गया और युमनम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
मुकेश सिंह को मणिपुर के लिए कितने समय के लिए नियुक्त किया गया है?
एसीसी ने मुकेश सिंह को तीन वर्ष की अवधि के लिए इंटर-कैडर डेपुटेशन पर मणिपुर भेजने की मंजूरी दी है। यह आदेश कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा 15 मई को गृह मंत्रालय के प्रस्ताव के बाद जारी किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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