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मणिपुर के नए डीजीपी मुकेश सिंह इंफाल पहुंचे, 1 जून को संभालेंगे पुलिस प्रमुख का पदभार

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मणिपुर के नए डीजीपी मुकेश सिंह इंफाल पहुंचे, 1 जून को संभालेंगे पुलिस प्रमुख का पदभार

सारांश

मणिपुर को नया पुलिस प्रमुख मिल रहा है — आईआईटी दिल्ली से पढ़े और जम्मू-कश्मीर के उग्रवाद-रोधी अभियानों में पारंगत आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह 1 जून से डीजीपी की कमान संभालेंगे। संवेदनशील राज्य में यह बदलाव केंद्र सरकार की सुरक्षा प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

मुकेश सिंह को मणिपुर का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है; वे 1 जून 2026 को औपचारिक पदभार ग्रहण करेंगे।
वे एजीएमयूटी कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इससे पहले लद्दाख के डीजीपी थे।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 15 मई 2026 को गृह मंत्रालय के प्रस्ताव के बाद तीन वर्षों की प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दी।
निवर्तमान डीजीपी राजीव सिंह (त्रिपुरा कैडर, 1993 बैच) को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) नियुक्त किया गया।
मुकेश सिंह ने रियासी, पुलवामा, पुंछ और जम्मू में उग्रवाद-रोधी अभियानों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया है।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह मणिपुर के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद 30 मई 2026 को इंफाल पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार वे 1 जून 2026 को राज्य के पुलिस प्रमुख के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति केंद्र और राज्य सरकार दोनों की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।

नई नियुक्ति का विवरण

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने मुकेश सिंह के अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर तीन वर्षों के लिए मणिपुर में तबादले को मंजूरी दी है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय गृह मंत्रालय से 15 मई 2026 को प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर लिया गया। मुकेश सिंह मणिपुर में तबादले से पूर्व लद्दाख के डीजीपी के पद पर कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने 15 जनवरी 2026 को कार्यभार संभाला था।

मुकेश सिंह की पृष्ठभूमि और अनुभव

मुकेश सिंह एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और 1996 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए थे। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक की उपाधि प्राप्त की है। गौरतलब है कि उन्होंने जम्मू और कश्मीर में कई संवेदनशील पदों पर कार्य किया है — उग्रवाद और विद्रोह-रोधी अभियानों के दौरान रियासी, पुलवामा, पुंछ और जम्मू में पुलिस अधीक्षक के रूप में उनकी तैनाती रही है। यह अनुभव मणिपुर जैसे संवेदनशील राज्य में उनकी भूमिका के लिए विशेष महत्व रखता है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुकेश सिंह ने इंफाल पहुंचने के बाद सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने मुकेश सिंह को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुकेश सिंह के 'व्यापक अनुभव और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड' के साथ उन्हें विश्वास है कि वे राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने में मजबूत नेतृत्व प्रदान करेंगे।

निवर्तमान डीजीपी राजीव सिंह की नई भूमिका

मुकेश सिंह मौजूदा डीजीपी राजीव सिंह का स्थान लेंगे, जिन्हें 21 मई 2026 को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) नियुक्त किया गया था। त्रिपुरा कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव सिंह 1 जून 2023 से मणिपुर के डीजीपी के रूप में कार्यरत थे। मणिपुर का पदभार संभालने से पहले उन्होंने त्रिपुरा में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और नई दिल्ली स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) मुख्यालय में महानिरीक्षक (संचालन) के रूप में भी कार्य किया था।

आगे की राह

मुकेश सिंह का कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब मणिपुर में सुरक्षा स्थिति निरंतर केंद्र सरकार की निगरानी में है। उनके पास जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद-रोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है, जो मणिपुर की परिस्थितियों में उनकी रणनीतिक दृष्टि को आकार देगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि नए पुलिस प्रमुख राज्य में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में क्या ठोस कदम उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मणिपुर की जटिलता जम्मू-कश्मीर से भिन्न और कहीं अधिक सामाजिक-जातीय प्रकृति की है। असली कसौटी यह होगी कि नए डीजीपी केवल अभियानात्मक दक्षता दिखाते हैं या समुदायों के बीच विश्वास बहाली में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। केंद्र की यह नियुक्ति संकेत देती है कि मणिपुर में 'ऑपरेशनल फर्स्ट' दृष्टिकोण अभी भी नीति का केंद्र है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुकेश सिंह को मणिपुर का डीजीपी क्यों नियुक्त किया गया?
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गृह मंत्रालय के 15 मई 2026 के प्रस्ताव के आधार पर मुकेश सिंह को तीन वर्षों की अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर मणिपुर भेजने को मंजूरी दी। वे लद्दाख के डीजीपी के रूप में कार्यरत थे और उनके जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद-रोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है।
मुकेश सिंह कब मणिपुर डीजीपी का पदभार संभालेंगे?
मुकेश सिंह 1 जून 2026 को मणिपुर के पुलिस महानिदेशक के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। वे 30 मई 2026 को इंफाल पहुंच चुके हैं।
मणिपुर के पूर्व डीजीपी राजीव सिंह को कहाँ भेजा गया है?
त्रिपुरा कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव सिंह को 21 मई 2026 को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) नियुक्त किया गया है। वे 1 जून 2023 से मणिपुर के डीजीपी के रूप में कार्यरत थे।
मुकेश सिंह का पेशेवर अनुभव कैसा है?
मुकेश सिंह एजीएमयूटी कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में रियासी, पुलवामा, पुंछ और जम्मू में पुलिस अधीक्षक के रूप में उग्रवाद-रोधी अभियानों में कार्य किया है और 15 जनवरी 2026 तक लद्दाख के डीजीपी रहे।
मणिपुर में डीजीपी की नियुक्ति किस प्रक्रिया से होती है?
मणिपुर जैसे राज्यों में अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर डीजीपी की नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) की मंजूरी से होती है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) आधिकारिक आदेश जारी करता है, जो गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर आधारित होता है।
राष्ट्र प्रेस
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