सिकल सेल उन्मूलन पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल का आह्वान: भीमपुर में 'गजेल' मशीन और 'मिशन रानी' का शुभारंभ

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सिकल सेल उन्मूलन पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल का आह्वान: भीमपुर में 'गजेल' मशीन और 'मिशन रानी' का शुभारंभ

सारांश

भीमपुर में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का संदेश सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं था — 'गजेल' जांच मशीन का लोकार्पण और 'मिशन रानी' की शुरुआत दर्शाती है कि 2047 के सिकल सेल मुक्त भारत के लक्ष्य को ज़मीन पर उतारने की कोशिश अब जनजातीय बस्तियों तक पहुंच रही है।

मुख्य बातें

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 20 मई 2026 को बैतूल के भीमपुर में सिकल सेल स्वास्थ्य शिविर को संबोधित किया।
सिकल सेल एनीमिया व थैलेसीमिया जांच की अत्याधुनिक मशीन 'गजेल' का लोकार्पण किया गया; भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित होगी।
महिलाओं व किशोरी बालिकाओं में एनीमिया नियंत्रण के लिए 'मिशन रानी' अभियान की शुरुआत की गई।
देशभर में अब तक 7 करोड़ से अधिक सिकल सेल स्क्रीनिंग हो चुकी है; लक्ष्य 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाना।
विवाह-पूर्व स्वास्थ्य कार्ड मिलान को अनिवार्य बनाने की अपील; सेजल उईके (94% CBSE), शिवानी उईके व कल्याणी कोड़पे को सम्मानित किया गया।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 20 मई 2026 को बैतूल जिले के भीमपुर में आयोजित सिकल सेल स्वास्थ्य शिविर एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी से मुक्ति के लिए जागरूकता और जनभागीदारी ही सबसे कारगर हथियार है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उचित उपचार से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है, और सजगता, सहयोग तथा सावधानी से इसका पूर्ण उन्मूलन संभव है। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय मामले मंत्री दुर्गादास उईके भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय संकल्प और स्क्रीनिंग की प्रगति

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है और इस दिशा में केंद्र व राज्य सरकार मिलकर गंभीरता से कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक 7 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी है। बैतूल जिले में चल रहे उन्मूलन प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास' के मंत्र के साथ सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।

'गजेल' मशीन का लोकार्पण और 'मिशन रानी' की शुरुआत

राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया की जांच के लिए अत्याधुनिक मशीन 'गजेल' का लोकार्पण किया। यह मशीन जनजातीय बाहुल्य भीमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित की जाएगी और आनुवांशिक रक्त रोगों की त्वरित एवं सटीक पहचान में सहायक होगी।

इसके साथ ही राज्यपाल ने 'मिशन रानी' अभियान का भी शुभारंभ किया, जिसमें स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा जनजातीय कार्य विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे। यह अभियान महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और गर्भवती माताओं में एनीमिया नियंत्रण के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। अभियान के तहत हीमोग्लोबिन जांच, संपूर्ण रक्त जांच, सीरम फेरिटिन, विटामिन बी-12 एवं विशेष रक्त परीक्षण किए जाएंगे।

विवाह-पूर्व स्वास्थ्य कार्ड मिलान की अपील

राज्यपाल पटेल ने जोर देकर कहा कि कोई भी बच्चा सिकल सेल से प्रभावित न हो, इसके लिए विवाह से पूर्व लड़के और लड़की के स्वास्थ्य कार्ड का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए एलोपैथी, आयुर्वेद और होम्योपैथी — तीनों चिकित्सा पद्धतियों में शोध एवं उपचार के प्रयास जारी हैं। सिकल सेल और टी.बी. के मरीजों को तैलीय व फास्ट फूड से परहेज, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई।

जनजातीय विकास और शिक्षा पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना को उन्होंने जनजातीय ग्रामों के अधोसंरचना विकास की दृष्टि से अभूतपूर्व बताया। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों का मानचित्र तैयार कर सरकारी प्रयासों को आवश्यकताओं के अनुरूप पहुंचाने के निर्देश दिए और बेटियों को प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक समान व गुणवत्तापूर्ण अवसर देने का आग्रह किया।

हितलाभ वितरण और उपलब्धियों का सम्मान

कार्यक्रम में राज्यपाल पटेल ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सिकल मित्र प्रमाण पत्र, जेनेटिक कार्ड, फूड बास्केट, मां गंगा आजीविका स्वयं सहायता समूह सहायता और सी.सी.एल. राशि वितरित की। सी.बी.एस.ई. कक्षा 12वीं में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली सेजल उईके, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शिवानी उईके तथा अंतर्राष्ट्रीय कराटे में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कल्याणी कोड़पे को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। केंद्रीय मंत्री उईके ने राज्यपाल के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चल रहे सिकल सेल जागरूकता अभियानों की प्रशंसा की और भीमपुर में जांच मशीन के लोकार्पण को जनजातीय समुदायों के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार 2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही है और जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि जांच के बाद कितने मरीजों को निरंतर उपचार और फॉलो-अप मिल रहा है — यह डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। 'गजेल' मशीन जैसी पहल तभी सार्थक होगी जब प्रशिक्षित मानव संसाधन और आपूर्ति श्रृंखला उसके साथ टिकी रहे, जो जनजातीय क्षेत्रों में ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रही है। 'मिशन रानी' की बहु-विभागीय संरचना सराहनीय है, परंतु अंतर-विभागीय समन्वय की कमी भारत के स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पुरानी कमज़ोरी है — 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए इस बार जवाबदेही तंत्र को भी उतना ही मज़बूत बनाना होगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकल सेल उन्मूलन के लिए भारत सरकार का क्या लक्ष्य है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इस दिशा में देशभर में अब तक 7 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर कार्य कर रही हैं।
'गजेल' मशीन क्या है और यह कहाँ लगाई जाएगी?
'गजेल' सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसी आनुवांशिक रक्त बीमारियों की त्वरित एवं सटीक जांच के लिए अत्याधुनिक मशीन है। इसे बैतूल जिले के भीमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित किया जाएगा, जो जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है।
'मिशन रानी' अभियान क्या है और इससे किसे लाभ होगा?
'मिशन रानी' महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और गर्भवती माताओं में एनीमिया नियंत्रण के लिए शुरू किया गया बहु-विभागीय अभियान है। इसमें स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा जनजातीय कार्य विभाग मिलकर हीमोग्लोबिन जांच, सीरम फेरिटिन, विटामिन बी-12 और सिकल सेल-थैलेसीमिया की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करेंगे।
सिकल सेल बीमारी को अगली पीढ़ी में फैलने से कैसे रोकें?
राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अनुसार, विवाह से पूर्व लड़के और लड़की के स्वास्थ्य कार्ड का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। जानकारी के अभाव में यह आनुवांशिक बीमारी माता-पिता से बच्चों तक पहुंचती है, इसलिए प्री-मैरिटल स्क्रीनिंग सबसे प्रभावी निवारक उपाय है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना से जनजातीय समुदायों को क्या लाभ मिल रहा है?
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के प्रयास किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के ज़रिए जनजातीय ग्रामों में अधोसंरचना विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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