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क्या जनजातीय वर्ग के विकास में सिकलसेल एक बड़ी बाधा है? - राज्यपाल मंगूभाई पटेल

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क्या जनजातीय वर्ग के विकास में सिकलसेल एक बड़ी बाधा है? - राज्यपाल मंगूभाई पटेल

सारांश

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने जनजातीय वर्ग के विकास में सिकलसेल की गंभीरता पर प्रकाश डाला है। उन्होंने विवाह पूर्व सिकलसेल की जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि जनजातीय समुदाय को इस बीमारी से बचाया जा सके। जानिए इस सम्मेलन में और क्या कहा गया।

मुख्य बातें

सिकलसेल की जांच विवाह पूर्व आवश्यक है।
शिक्षा ही समाज का विकास का आधार है।
जनजातीय समुदाय को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए।
नशे का त्याग जरूरी है।
भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।

भोपाल, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय वर्ग के विकास में सिकलसेल एक गंभीर बाधा है, इसलिए विवाह पूर्व इस बीमारी की जांच कराना आवश्यक है।

सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के ग्राम मोगराखेड़ा में आयोजित जनजातीय विकास सशक्तिकरण सम्मेलन में राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल को एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी बताते हुए कहा कि यह जनजातीय समुदाय के विकास में बड़ी बाधा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रोग को वर्ष 2047 तक समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय मिशन प्रारंभ किया है, जिसका शुभारंभ वर्ष 2023 में शहडोल जिले से किया गया था। राज्यपाल ने विवाह पूर्व सिकल सेल की जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य की पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सके।

राज्‍यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षा ही बदलाव की सशक्त बुनियाद है। शिक्षा के माध्यम से ही परिवार, समाज और देश के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। हमारे देश का प्रत्येक बच्चा चाहे वह बालक हो या बालिका, सभी को शिक्षा के समान अवसर मिलना चाहिए। शिक्षित बच्चे ही एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र की नींव रखते हैं।

उन्‍होंने जनजातीय समुदाय के नागरिकों से आह्वान किया कि शिक्षा के साथ-साथ हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़ना होगा। स्वामी विवेकानंद के प्रेरक कथन "उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए" का उल्लेख करते हुए राज्यपाल पटेल ने सभी से सतत प्रयास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का भी आह्वान किया।

राज्यपाल पटेल ने नशे को व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि नशा व्यक्ति को आर्थिक और सामाजिक रूप से खोखला कर देता है तथा देश के विकास में भी बाधक बनता है। उन्होंने नागरिकों से नशा त्याग कर स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।

पटेल ने जनजातीय समुदाय के महान नायक भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए बताया कि गुजरात के एकता नगर में भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। वहीं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भगवान बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने का प्रयास है। इससे जनजातीय समुदाय को शासन की योजनाओं और सेवाओं से जोड़कर सशक्त बनाया जा रहा है।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि सरकार जनजातीय समुदाय को सशक्त और समर्थ बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, सड़क और कनेक्टिविटी सहित विकास की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के नागरिकों से आह्वान किया कि वे शिक्षित और जागरूक बनें, शासन की योजनाओं का पात्रतानुसार स्वयं लाभ लें और दूसरों को भी लाभ दिलाने में सहयोग करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्यपाल पटेल ने जो कदम उठाने का सुझाव दिया है, वह निश्चित रूप से एक सकारात्मक दिशा में है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकलसेल बीमारी क्या है?
सिकलसेल एक आनुवंशिक बीमारी है जो रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करती है।
इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है?
विवाह पूर्व सिकलसेल की जांच कराकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
राज्यपाल का इस विषय पर क्या कहना है?
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने इसे जनजातीय विकास में एक बाधा बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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