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क्या मध्य प्रदेश में पेसा की समितियां जनजातीय वर्ग के विवाद निपटाने में प्रभावी हैं?: राज्यपाल पटेल

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क्या मध्य प्रदेश में पेसा की समितियां जनजातीय वर्ग के विवाद निपटाने में प्रभावी हैं?: राज्यपाल पटेल

सारांश

क्या पेसा की समितियां मध्य प्रदेश में जनजातीय वर्ग के विवादों का समाधान करने में सफल हो रही हैं? राज्यपाल पटेल के अनुसार, यह पहल जनजातीय समाज के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विवादों के निपटारे में सहायक साबित हो रही है। जानें इस विषय पर पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

पेसा के तहत समितियां विवादों का समाधान कर रही हैं।
राज्यपाल पटेल ने जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को सराहा।
समितियों द्वारा सामाजिक सौहार्द्र को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पेसा नियमों का क्रियान्वयन आवश्यक है।
सफलताओं का प्रचार-प्रसार होना चाहिए।

भोपाल, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बताया कि जनजातीय समाज के सशक्तिकरण में पेसा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसके तहत गठित समितियां आपसी विवादों के समाधान में काफी प्रभावी साबित हो रही हैं।

राज्यपाल पटेल ने राजभवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम प्रदान किए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता जरूरी है। संबंधित विभाग को पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने का नवाचार करना चाहिए।

उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना करते हुए कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र और भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों और आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का यह कार्य सराहनीय है।

इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। संबंधित विभाग को इन सफलताओं की बुकलेट तैयार कर वितरित करनी चाहिए। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिंदुओं की गहराई से समीक्षा की गई।

राज्यपाल पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाइयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान के संबंध में आने वाले नवाचार प्रयासों की जानकारी दी। राज्यपाल पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जनजातीय समुदाय के लिए एक सकारात्मक पहल है। यह न केवल विवादों के समाधान में मदद कर रही है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी सहायक है। ऐसे प्रयासों से जनजातीय वर्ग को सशक्त बनाकर, समाज में स्थिरता का माहौल तैयार किया जा रहा है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेसा समितियों का उद्देश्य क्या है?
पेसा समितियों का मुख्य उद्देश्य जनजातीय विवादों का निपटारा करना और सामाजिक सौहार्द्र को बढ़ावा देना है।
क्या पेसा नियमों का पालन हो रहा है?
राज्यपाल पटेल के अनुसार, पेसा नियमों का पालन स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है, जिससे विवादों का समाधान हो रहा है।
क्या पेसा की समितियां प्रभावी हैं?
हां, पेसा की समितियां विवाद निवारण में प्रभावी साबित हो रही हैं, जिससे जनजातीय समुदाय को लाभ हो रहा है।
इस पहल का क्या महत्व है?
यह पहल जनजातीय समाज के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आर्थिक और सामाजिक विकास में मदद करती है।
राष्ट्र प्रेस
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