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भूपेंद्र सिंह का आरोप: सपा सरकार में कांवड़ यात्रा और रामनवमी जुलूस रोके जाते थे

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भूपेंद्र सिंह का आरोप: सपा सरकार में कांवड़ यात्रा और रामनवमी जुलूस रोके जाते थे

सारांश

यूपी के तीन भाजपा नेताओं ने एक साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोला — धार्मिक भेदभाव से लेकर एआई वीडियो तक। भूपेंद्र सिंह का कांवड़ यात्रा वाला आरोप, संजय निषाद की सशर्त भाजपा वफादारी और दिनेश प्रताप सिंह का पलटवार — यह तीन मोर्चों पर एक साझा राजनीतिक आक्रामकता की तस्वीर है।

मुख्य बातें

कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में कांवड़ यात्रा और रामनवमी जुलूस बाधित किए जाते थे।
भूपेंद्र सिंह ने अखिलेश यादव पर पत्रकारों को जाति से संबोधित कर अपमानित करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की।
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने संकेत दिया कि वे सामाजिक मुद्दे हल न होने पर भाजपा समर्थन पर पुनर्विचार करेंगे।
निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकारी नौकरियों में असमान प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया।
BJP प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सपा द्वारा CM योगी को रावण दर्शाने वाले एआई वीडियो और महंगाई के आरोपों पर पलटवार किया।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में कांवड़ यात्रा, रामनवमी के जुलूस और हिंदुओं के अन्य धार्मिक आयोजनों को जानबूझकर बाधित किया जाता था। इसी दिन कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी अखिलेश यादव पर अलग-अलग मुद्दों पर निशाना साधा।

धार्मिक आयोजनों पर सपा के रवैये का आरोप

भूपेंद्र सिंह ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान बहुसंख्यक समाज के धार्मिक आयोजनों के साथ भेदभाव किया जाता था। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के अपने त्योहार मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और बहुसंख्यक समाज को अपमानित करने का आरोप लगाया।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विभिन्न धार्मिक आयोजनों और उनसे जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

पत्रकारों से जुड़ा विवाद और माफी की मांग

भूपेंद्र सिंह ने पत्रकारों के साथ सपा के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पत्रकारों के सवालों पर उनकी जाति पूछते हैं और मीडिया को अपमानित करते हैं। उन्होंने सपा से पत्रकार जगत से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने युवाओं को गुमराह कर अराजकता फैलाने का प्रयास किया।

संजय निषाद का सामाजिक न्याय पर पलटवार

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए भाजपा के साथ जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इन मुद्दों की दिशा में आगे नहीं बढ़ती तो आगे पुनर्विचार किया जाएगा — जो एक सशर्त समर्थन की ओर संकेत करता है।

निषाद ने संविधान की मूल भावना — समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय — का हवाला देते हुए कहा कि सभी दल सत्ता में आने के बाद अपने वादे भूल जाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इसीलिए जनता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सरकार को प्राथमिकता दे रही है।

आरक्षण और प्रतिनिधित्व पर सवाल

अखिलेश यादव के 'संविधान बचाओ' बयान पर पलटवार करते हुए निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में कुछ विशेष वर्गों के परिवारों का अनुपातहीन प्रतिनिधित्व है। उनका सवाल था कि दूसरी जातियों को उनका उचित हक क्यों नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान का असली उद्देश्य सभी को समान अवसर देना है, न कि अवसरों को कुछ वर्गों तक सीमित रखना।

एआई वीडियो और महंगाई पर BJP का पलटवार

BJP के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने उस एआई-जनित वीडियो पर सपा को घेरा जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कथित तौर पर रावण के रूप में चित्रित किया गया था। उन्होंने महंगाई के आरोपों पर भी जोरदार पलटवार किया। यह बयानबाजी उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक मौसम की तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है, जहाँ सपा और भाजपा के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जाति और मीडिया तीनों मोर्चों को एक साथ साधती है। भूपेंद्र सिंह का कांवड़ यात्रा वाला आरोप सत्यापन योग्य साक्ष्य के बिना है, जबकि संजय निषाद की सशर्त वफादारी की भाषा गठबंधन की कमज़ोरी को भी उजागर करती है। सबसे उल्लेखनीय है निषाद का वह बयान जहाँ उन्होंने कहा कि अगर भाजपा 'दरवाजे बंद करेगी' तो पुनर्विचार होगा — यह निष्ठा की नहीं, सौदेबाजी की भाषा है। मुख्यधारा की कवरेज इस भीतरी तनाव को नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेंद्र सिंह ने सपा सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान कांवड़ यात्रा, रामनवमी के जुलूस और हिंदुओं के धार्मिक आयोजन बाधित किए जाते थे। उन्होंने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण की राजनीति और बहुसंख्यक समाज को अपमानित करने का भी आरोप लगाया।
संजय निषाद ने भाजपा समर्थन पर क्या कहा?
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि वे भाजपा के साथ सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए आए हैं, व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भाजपा इन मुद्दों की दिशा में दरवाजे बंद करती है तो आगे पुनर्विचार किया जाएगा।
सपा द्वारा CM योगी को रावण दिखाने वाले एआई वीडियो पर BJP ने क्या कहा?
BJP के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने इस एआई-जनित वीडियो को लेकर सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई के आरोपों पर भी पलटवार किया।
भूपेंद्र सिंह ने पत्रकारों के मसले पर क्या कहा?
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पत्रकारों के सवाल पर उनकी जाति पूछते हैं और मीडिया को अपमानित करते हैं। उन्होंने सपा से पत्रकार जगत से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
संजय निषाद ने आरक्षण और सामाजिक न्याय पर क्या रुख अपनाया?
निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकारी नौकरियों में कुछ विशेष वर्गों का अनुपातहीन प्रतिनिधित्व है। उन्होंने कहा कि संविधान का उद्देश्य सभी को समान अवसर देना है और दूसरी जातियों को उनका हक मिलना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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