भूपेंद्र सिंह का आरोप: सपा सरकार में कांवड़ यात्रा और रामनवमी जुलूस रोके जाते थे
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में कांवड़ यात्रा, रामनवमी के जुलूस और हिंदुओं के अन्य धार्मिक आयोजनों को जानबूझकर बाधित किया जाता था। इसी दिन कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी अखिलेश यादव पर अलग-अलग मुद्दों पर निशाना साधा।
धार्मिक आयोजनों पर सपा के रवैये का आरोप
भूपेंद्र सिंह ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान बहुसंख्यक समाज के धार्मिक आयोजनों के साथ भेदभाव किया जाता था। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के अपने त्योहार मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और बहुसंख्यक समाज को अपमानित करने का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विभिन्न धार्मिक आयोजनों और उनसे जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
पत्रकारों से जुड़ा विवाद और माफी की मांग
भूपेंद्र सिंह ने पत्रकारों के साथ सपा के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पत्रकारों के सवालों पर उनकी जाति पूछते हैं और मीडिया को अपमानित करते हैं। उन्होंने सपा से पत्रकार जगत से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने युवाओं को गुमराह कर अराजकता फैलाने का प्रयास किया।
संजय निषाद का सामाजिक न्याय पर पलटवार
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए भाजपा के साथ जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इन मुद्दों की दिशा में आगे नहीं बढ़ती तो आगे पुनर्विचार किया जाएगा — जो एक सशर्त समर्थन की ओर संकेत करता है।
निषाद ने संविधान की मूल भावना — समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय — का हवाला देते हुए कहा कि सभी दल सत्ता में आने के बाद अपने वादे भूल जाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इसीलिए जनता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सरकार को प्राथमिकता दे रही है।
आरक्षण और प्रतिनिधित्व पर सवाल
अखिलेश यादव के 'संविधान बचाओ' बयान पर पलटवार करते हुए निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में कुछ विशेष वर्गों के परिवारों का अनुपातहीन प्रतिनिधित्व है। उनका सवाल था कि दूसरी जातियों को उनका उचित हक क्यों नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान का असली उद्देश्य सभी को समान अवसर देना है, न कि अवसरों को कुछ वर्गों तक सीमित रखना।
एआई वीडियो और महंगाई पर BJP का पलटवार
BJP के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने उस एआई-जनित वीडियो पर सपा को घेरा जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कथित तौर पर रावण के रूप में चित्रित किया गया था। उन्होंने महंगाई के आरोपों पर भी जोरदार पलटवार किया। यह बयानबाजी उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक मौसम की तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है, जहाँ सपा और भाजपा के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है।