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क्या सपा शासनकाल में कांवड़ यात्रा की गरिमा और सुरक्षा उपेक्षित रही?

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क्या सपा शासनकाल में कांवड़ यात्रा की गरिमा और सुरक्षा उपेक्षित रही?

सारांश

उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सपा मुखिया अखिलेश यादव के कांवड़ यात्रा पर दिए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अखिलेश पर आस्था का राजनीतिक दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि सपा शासनकाल में कांवड़ यात्रा की गरिमा को नजरअंदाज किया गया।

मुख्य बातें

कांवड़ यात्रा की गरिमा और सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है।
राजनीतिक अवसरवाद पर चर्चा हो रही है।
योगी सरकार ने धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

लखनऊ, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कांवड़ यात्रा को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अखिलेश पर आस्था का राजनीतिक दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि जो लोग कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवा चुके हैं, वे आज श्रद्धालुओं के हित की बातें करके जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि सपा शासनकाल में न तो कांवड़ यात्रा की गरिमा का ध्यान रखा गया और न ही सुरक्षा की उचित व्यवस्था की गई। आज जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कांवड़ियों के मार्ग और उनकी सुरक्षा की व्यवस्था का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं और मांस-मदिरा की दुकानों को बंद कराने से लेकर साफ-सफाई, मेडिकल, ट्रैफिक आदि सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कर रहे हैं, तब अखिलेश यादव को अचानक कांवड़ियों की चिंता होने लगी है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान न केवल राजनीतिक अवसरवाद है, बल्कि आस्था पर की गई पिछली राजनीति को छिपाने का प्रयास भी है। यूपी की जनता उनके मंसूबों को भलीभांति समझ चुकी है और उनके हर एजेंडे को नाकाम करने का मन बना चुकी है।

कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा एक कैडर आधारित पार्टी है, जहां संगठन के सभी निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी जैसी परिवारवाद आधारित पार्टी को भाजपा की नेतृत्व प्रणाली पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जो पार्टी अपने संगठन में परिवार से बाहर किसी का नाम सोच भी नहीं सकती, वह लोकतंत्र की बात कैसे कर सकती है? अखिलेश यादव के बयानों से यह स्पष्ट है कि उन्हें न तो आस्था की समझ है और न ही व्यवस्थाओं के प्रति कोई अनुभव। योगी सरकार में आस्था का सम्मान सर्वोपरि है और सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को न केवल सुविधा देना है, बल्कि कांवड़ यात्रा की पवित्रता को अक्षुण्ण भी रखना है।

उन्होंने कहा कि यह वही सरकार है जिसने हर धार्मिक आयोजन को सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के साथ सम्पन्न कर एक नई मिसाल कायम की है। योगी सरकार ने श्रद्धा, सुरक्षा और व्यवस्था का अद्वितीय समन्वय स्थापित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दल एक दूसरे के प्रति सम्मान रखें और श्रद्धालुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांवड़ यात्रा का महत्व क्या है?
कांवड़ यात्रा हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें श्रद्धालु गंगा जल लेकर अपने स्थानों पर शिवालयों में अर्पित करते हैं।
क्या अखिलेश यादव का बयान सही है?
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि यह बयान केवल राजनीतिक अवसरवाद है, जबकि अखिलेश यादव ने सुरक्षा और श्रद्धालुओं के हितों की बात की है।
राष्ट्र प्रेस
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