योगी के AI वीडियो पर BJP नेता श्यामधनी राही ने अखिलेश यादव को घेरा, मुकदमे की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कथित एआई-निर्मित वीडियो प्रसारित किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता श्यामधनी राही ने 2 सितंबर 2026 को लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राही ने चेतावनी दी कि हिंदू समाज इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धर्म व संस्कृति के प्रतीक हैं, और उन्हें बदनाम करने का यह प्रयास अस्वीकार्य है।
BJP नेता की कड़ी प्रतिक्रिया
BJP नेता श्यामधनी राही ने कहा कि अखिलेश यादव द्वारा एआई वीडियो के ज़रिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि धूमिल करने की कोशिश न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि राजनीतिक नैतिकता की सीमाएँ भी लाँघती है। उन्होंने कहा, 'जो अपने पिता का सम्मान नहीं कर सकता, वह किसी और का सम्मान कैसे कर सकता है।'
राही ने अखिलेश यादव पर 'मानसिक रूप से दिवालिया' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें 'इलाज के लिए अस्पताल जाने की ज़रूरत है।' उन्होंने दावा किया कि हिंदू समाज इस मामले में मुकदमा दर्ज कराएगा और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को पुनः मुख्यमंत्री बनाएगा।
पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा
इसी अवसर पर मौलाना यासूब अब्बास ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों को कथित तौर पर तोड़े जाने और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय और हिंदुओं पर उत्पीड़न की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं, और इसके विरोध में आवाज़ें उठाई गई हैं तथा प्रदर्शन भी हुए हैं।
मौलाना अब्बास ने कहा कि पाकिस्तान में एक विचारधारा इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है, और पाकिस्तान सरकार पर इसमें मौन समर्थन का आरोप लगता रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मदरसों पर कार्रवाई को लेकर बहस
उत्तराखंड में मदरसों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर मौलाना यासूब अब्बास ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मदरसों पर कार्रवाई की जा रही है, तो शिशु मंदिरों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? उनके अनुसार, किसी भी समुदाय की शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले निर्णय सोच-समझकर लिए जाने चाहिए, अन्यथा देश को बड़ा नुकसान होगा।
दूसरी ओर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के मीडिया संयोजक करौली शंकर महादेव ने मानक पूरे न करने वाले मदरसों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 50 वर्षों से ऐसे मदरसे संचालित हो रहे हैं, जहाँ से पढ़े कुछ लोग कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों में शामिल हुए हैं। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा न करने वाले किसी भी मदरसे के खिलाफ कार्रवाई उचित है।
राजनीतिक परिदृश्य और आगे की दिशा
गौरतलब है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नज़दीक आते-आते BJP और सपा के बीच राजनीतिक तनाव तेज़ होता जा रहा है। एआई वीडियो का यह विवाद डिजिटल प्रचार की नई सीमाओं और उसके कानूनी-नैतिक पहलुओं पर बहस को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है और सपा इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।