सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद का दावा: यूपी में अगली सरकार समाजवादी पार्टी की, युवाओं को मिलेगा रोज़गार
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने 9 अगस्त 2026 को लखनऊ में दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी जीतेगी और प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार आने पर युवाओं को रोज़गार देना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
सपा का युवा एजेंडा
चांद ने कहा कि विपक्ष की भूमिका में समाजवादी पार्टी लगातार युवाओं से जुड़े मुद्दों को संसद से सड़क तक उठा रही है। उनके अनुसार, बेरोज़गारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और पेपर लीक जैसे असली मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
भाजपा पर धार्मिक राजनीति का आरोप
सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही भारतीय जनता पार्टी का पूरा चुनाव प्रचार हिंदू-मुसलमान, मंदिर-मस्जिद, लव जिहाद, हिजाब, मदरसा, यूसीसी और हलाल उत्पादों जैसे धार्मिक मुद्दों के इर्द-गिर्द सिमट जाता है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कांड पर भी भाजपा के पास कोई उत्तर नहीं है और जनता इस बार उनके छलावे में नहीं आएगी।
धर्मेंद्र प्रधान के पोस्ट पर पलटवार
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चांद ने कहा कि छात्रों को किसी ने गुमराह नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधान उन छात्रों को गुमराह कह रहे हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई।
झारखंड पेपर लीक विरोध पर सपा का रुख
झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी का मत है कि संवाद से ही समाधान निकलता है। उन्होंने भरोसा जताया कि झारखंड सरकार बातचीत के ज़रिए इस समस्या का हल निकालेगी।
'हर घर तिरंगा' और ओमप्रकाश राजभर पर प्रतिक्रिया
'हर घर तिरंगा' अभियान पर चांद ने कहा कि तिरंगा हर भारतीय के दिल में बसा है और देशवासी आज़ादी का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि भाजपा को ज़रूर तिरंगा यात्रा निकालनी चाहिए, क्योंकि भाजपा से जुड़े संगठनों का स्वतंत्रता आंदोलन में कोई उल्लेखनीय इतिहास नहीं रहा। मंत्री ओमप्रकाश राजभर के एक पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चांद ने कहा कि राजभर के बयानों से उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं लगता और सपा को उनके प्रति पूरी सहानुभूति है। यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और सभी प्रमुख दल अभी से अपनी रणनीतियाँ साधने में जुट गए हैं। सपा की यह आक्रामक प्रेस वार्ता इसी चुनावी तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।