सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद का भाजपा पर हमला: '12 साल में आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह विफल'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने 2 अगस्त 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की BJP सरकार देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम रही है।
आंतरिक सुरक्षा पर सपा का आरोप
फखरुल हसन चांद ने कहा, 'भाजपा आतंकवाद को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन BJP के नेतृत्व वाली सरकार देश को आंतरिक और बाहरी सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की जान चली गई। उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए माँग की कि 'पीड़ित मजदूर परिवारों को अधिकतम आर्थिक सहायता और सुरक्षा दी जाए।'
युवाओं पर भाजपा के रवैये की आलोचना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैसूर में दिए गए उस बयान — कि 'युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं' — पर पलटवार करते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा, 'उसी देश के नौजवानों पर भाजपा ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया। जब वे जनहित के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, उन्हें खालिस्तानी, पाकिस्तानी कहा गया।' उन्होंने जोड़ा कि भाजपा को समझना चाहिए कि ये युवा देश का भविष्य हैं और अपनी माँगों के लिए सड़क पर उतरे थे।
ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर सपा का रुख
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP को सत्ता से बाहर करने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को गठबंधन का खुला प्रस्ताव दिया है। इस पर फखरुल हसन चांद ने स्पष्ट किया, 'जो दल लगातार समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाता है और कमियाँ गिनाता है, वही गठबंधन की भी बात करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में AIMIM का कोई जनाधार नहीं है और 2027 में सपा अकेले दम पर BJP को सत्ता से बाहर करेगी।
विधानसभा सत्र में उठाए जाएंगे ये मुद्दे
सोमवार से शुरू हो रहे यूपी विधानसभा मानसून सत्र के बारे में सपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी सदन में विद्यालय बंद होने, किसानों-मजदूरों की समस्याओं, छात्रों के मुद्दों और राम मंदिर चढ़ावे के विवाद सहित जनता से जुड़े सभी मसलों को उठाएगी। गौरतलब है कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब प्रदेश में कई सरकारी विद्यालय बंद होने की खबरें सामने आई हैं।
आगे क्या
विधानसभा के मानसून सत्र में सपा के इन मुद्दों को उठाने से सत्तारूढ़ BJP और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह राजनीतिक सरगर्मी उत्तर प्रदेश की सियासत में नई गर्माहट लाने का संकेत देती है।