2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद का भाजपा पर हमला: '12 साल में आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह विफल'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद का भाजपा पर हमला: '12 साल में आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह विफल'

सारांश

यूपी विधानसभा मानसून सत्र से ठीक पहले सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने BJP पर 12 साल में आंतरिक सुरक्षा नाकाम करने का आरोप लगाया, कुलगाम हमले में मारे गए मजदूरों के परिवारों के लिए मुआवजे की माँग की, और 2027 में सपा की अकेले जीत का दावा किया।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने 2 अगस्त 2026 को लखनऊ में भाजपा पर 12 वर्षों में आंतरिक सुरक्षा विफल करने का आरोप लगाया।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हाल के आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत पर सपा ने पीड़ित परिवारों के लिए अधिकतम आर्थिक सहायता की माँग की।
युवाओं पर पैलेट गन के इस्तेमाल और उन्हें 'खालिस्तानी-पाकिस्तानी' कहे जाने पर सपा ने भाजपा की कड़ी आलोचना की।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव को सपा ने यह कहते हुए खारिज किया कि यूपी में AIMIM का कोई जनाधार नहीं।
सपा ने विधानसभा सत्र में विद्यालय बंद होने, किसान-मजदूर समस्याओं और राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे उठाने की घोषणा की।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने 2 अगस्त 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की BJP सरकार देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम रही है।

आंतरिक सुरक्षा पर सपा का आरोप

फखरुल हसन चांद ने कहा, 'भाजपा आतंकवाद को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन BJP के नेतृत्व वाली सरकार देश को आंतरिक और बाहरी सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की जान चली गई। उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए माँग की कि 'पीड़ित मजदूर परिवारों को अधिकतम आर्थिक सहायता और सुरक्षा दी जाए।'

युवाओं पर भाजपा के रवैये की आलोचना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैसूर में दिए गए उस बयान — कि 'युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं' — पर पलटवार करते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा, 'उसी देश के नौजवानों पर भाजपा ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया। जब वे जनहित के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे, उन्हें खालिस्तानी, पाकिस्तानी कहा गया।' उन्होंने जोड़ा कि भाजपा को समझना चाहिए कि ये युवा देश का भविष्य हैं और अपनी माँगों के लिए सड़क पर उतरे थे।

ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर सपा का रुख

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP को सत्ता से बाहर करने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को गठबंधन का खुला प्रस्ताव दिया है। इस पर फखरुल हसन चांद ने स्पष्ट किया, 'जो दल लगातार समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाता है और कमियाँ गिनाता है, वही गठबंधन की भी बात करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में AIMIM का कोई जनाधार नहीं है और 2027 में सपा अकेले दम पर BJP को सत्ता से बाहर करेगी।

विधानसभा सत्र में उठाए जाएंगे ये मुद्दे

सोमवार से शुरू हो रहे यूपी विधानसभा मानसून सत्र के बारे में सपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी सदन में विद्यालय बंद होने, किसानों-मजदूरों की समस्याओं, छात्रों के मुद्दों और राम मंदिर चढ़ावे के विवाद सहित जनता से जुड़े सभी मसलों को उठाएगी। गौरतलब है कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब प्रदेश में कई सरकारी विद्यालय बंद होने की खबरें सामने आई हैं।

आगे क्या

विधानसभा के मानसून सत्र में सपा के इन मुद्दों को उठाने से सत्तारूढ़ BJP और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह राजनीतिक सरगर्मी उत्तर प्रदेश की सियासत में नई गर्माहट लाने का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आमतौर पर BJP के एजेंडे का हिस्सा रहा है। ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर सपा का ठंडा रवैया बताता है कि 2027 से पहले वह अल्पसंख्यक वोटबैंक को लेकर किसी साझेदारी की बजाय अपनी स्वतंत्र छवि मज़बूत करना चाहती है। असली सवाल यह है कि सदन में उठाए जाने वाले ये मुद्दे — स्कूल बंद, किसान संकट, राम मंदिर चढ़ावा — क्या ठोस विधायी दबाव बन पाएंगे या महज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सिमट जाएंगे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
फखरुल हसन चांद ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में BJP सरकार देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कुलगाम आतंकी हमले में मजदूरों की मौत और युवाओं पर पैलेट गन के इस्तेमाल को भी मुद्दा बनाया।
कुलगाम आतंकी हमले में कौन मारा गया?
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई। सपा ने पीड़ित परिवारों को अधिकतम आर्थिक सहायता और सुरक्षा देने की माँग की है।
क्या सपा ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर राज़ी है?
नहीं। सपा प्रवक्ता ने AIMIM के गठबंधन प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा कि यूपी में AIMIM का कोई जनाधार नहीं है। सपा का दावा है कि वह 2027 में अकेले दम पर BJP को सत्ता से बाहर करेगी।
यूपी विधानसभा मानसून सत्र में सपा कौन से मुद्दे उठाएगी?
सपा ने घोषणा की है कि वह सत्र में विद्यालय बंद होने, किसानों-मजदूरों की समस्याओं, छात्रों के मुद्दों और राम मंदिर चढ़ावे के विवाद को सदन में उठाएगी। पार्टी का कहना है कि जनता से जुड़े सभी मसले उठाए जाएंगे।
2027 यूपी चुनाव को लेकर सपा की क्या रणनीति है?
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने स्पष्ट किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी। पार्टी किसी भी ऐसे दल से गठबंधन के पक्ष में नहीं दिखती जो उस पर लगातार सवाल उठाता हो।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले