सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद का आरोप: भाजपा विपक्ष तोड़ रही है, धर्म से असली मुद्दे छुपा रही है
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंगलवार, 2 जून 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP का चरित्र विपक्षी दलों को तोड़ने और धर्म-आधारित मुद्दों की आड़ में बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसी बुनियादी समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने का रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, यूपी एनकाउंटर और पेपर लीक विवाद एक साथ सुर्खियों में हैं।
पश्चिम बंगाल: हिंसा और केंद्र की खामोशी पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कथित अंदरूनी असंतोष और ममता बनर्जी की बैठक में कई विधायकों के न पहुँचने की खबरों पर चांद ने कहा कि BJP का पुराना तरीका विपक्षी दलों को भीतर से तोड़ना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर खुलेआम हमले हो रहे हैं और वहाँ भय व दहशत का माहौल है।
सपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब पहले बंगाल में कोई घटना होती थी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तत्काल प्रतिक्रिया देते थे, लेकिन TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद केंद्र सरकार की चुप्पी क्यों है। उन्होंने कहा कि पूरा इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर ममता बनर्जी के साथ खड़ा है।
परिसीमन और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर विरोध
केंद्र सरकार के परिसीमन और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की दिशा में बढ़ाए जा रहे कदमों पर चांद ने कहा कि BJP की नीयत साफ नहीं है। उनके अनुसार, 2023 में विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन अब परिसीमन को लेकर BJP का अलग एजेंडा सामने आ रहा है।
उन्होंने कहा कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की माँग केवल राष्ट्रीय दलों की है और इसका असली उद्देश्य क्षेत्रीय दलों को कमज़ोर करना है। समाजवादी पार्टी (सपा) ऐसे किसी भी प्रयास का समर्थन नहीं करेगी।
यूपी एनकाउंटर, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकाउंटर पर चांद ने दावा किया कि अखिलेश यादव द्वारा जारी पीडीए ऑडिट के आँकड़ों में पीडीए समाज के लोगों के खिलाफ कार्रवाई अधिक दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि 'हाफ एनकाउंटर' पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और पीडीए समाज के साथ अन्याय हो रहा है।
पेपर लीक और NTA की कार्यप्रणाली पर उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जाँच का चलना यह दर्शाता है कि सरकार की अपनी जाँच पर भरोसा नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, भाजपा सरकार के कार्यकाल में शायद ही कोई परीक्षा विवादों से बच पाई हो और युवाओं का सरकार पर से विश्वास उठता जा रहा है।
धर्म बनाम विकास: भाजपा पर ध्यान भटकाने का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गाय हमारी माता है, पशु नहीं' वाले बयान पर चांद ने कहा कि सभी धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए, लेकिन साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि मांस निर्यात में उत्तर प्रदेश की बड़ी हिस्सेदारी पर सरकार का रुख क्या है।
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP हर बार धर्म-आधारित मुद्दों को उठाकर बेरोजगारी, महंगाई, किसान और मजदूरों के सवालों से बचने का प्रयास करती है। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) पर सुझाव माँगे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार को बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर सुझाव माँगने चाहिए थे।
अन्य मुद्दे: बुलडोजर, ओम प्रकाश राजभर और दिल्ली हत्याकांड
बिजनौर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र देने पर चांद ने कहा कि घर का अधिकार सभी नागरिकों को मिलना चाहिए, लेकिन BJP शासित राज्यों में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चांद ने आरोप लगाया कि राजभर, राजभर समाज के लोगों की हत्या के मामलों पर चुप रहते हैं और BJP से सवाल पूछने से डरते हैं। दिल्ली के उस्मानपुर में नाबालिग की चाकू मारकर हत्या की घटना पर उन्होंने कहा कि ऐसी सभी घटनाएँ निंदनीय हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अप्रत्यक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं और सपा अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ को मज़बूत करने में जुटी है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी जनता के सवालों को सामने रखती रहेगी।