26 जून 2026
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कर्नाटक आबकारी घोटाले पर सपा का रुख: फखरूल हसन चांद बोले — भ्रष्टाचारियों पर हो सख्त कार्रवाई

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कर्नाटक आबकारी घोटाले पर सपा का रुख: फखरूल हसन चांद बोले — भ्रष्टाचारियों पर हो सख्त कार्रवाई

सारांश

सपा प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने कर्नाटक आबकारी घोटाले में सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए भाजपा पर विपक्ष तोड़ने, संविधान बदलने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने देश में 'अघोषित आपातकाल' की भी बात कही।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने 26 जून को लखनऊ में कहा कि कर्नाटक आबकारी घोटाले में आरोपियों पर बिना रियायत के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह 2024 लोकसभा चुनाव में 240 सीटों तक सिमटने के बाद खरीद-फरोख्त से सांसद तोड़कर दो-तिहाई बहुमत और संविधान बदलाव की कोशिश कर रही है।
सपा ने भाजपा के चुनावी वादों — 2 करोड़ रोज़गार और 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने — पर सवाल उठाए।
चांद ने देश में 'अघोषित आपातकाल' का आरोप लगाते हुए पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने की बात कही।
राहुल गांधी के पोस्टर विवाद को सपा ने 'सुनियोजित' और 'बेवजह' करार दिया; CAG रिपोर्ट को विपक्ष परेशान करने का हथियार बताया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने शुक्रवार, 26 जून को लखनऊ में कहा कि कर्नाटक आबकारी विभाग घोटाले में शामिल आरोपियों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा का हमेशा से यह सैद्धांतिक मानना रहा है कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए, चाहे आरोपी किसी भी दल से जुड़ा हो।

भ्रष्टाचार पर सपा का स्पष्ट रुख

फखरूल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी का स्पष्ट मत है कि जब भी और जहाँ भी भ्रष्टाचार सामने आए, उसके विरुद्ध तत्काल और निर्णायक कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए 'निरर्थक बयान' दे रहे हैं। उनके अनुसार, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के तहत देश में न्यायिक व्यवस्था और धार्मिक स्वतंत्रता दोनों सुरक्षित हैं, इसलिए एनडीए नेताओं के ऐसे बयानों पर ध्यान देने की ज़रूरत नहीं है।

भाजपा पर संविधान बदलने का आरोप

सपा प्रवक्ता ने शरद पवार के उस बयान — जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) एकजुट है और कोई दल नहीं छोड़ रहा — पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) विपक्षी दलों को तोड़कर संविधान में बदलाव लाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 सीटों तक सिमट जाने के बाद भाजपा अब खरीद-फरोख्त के ज़रिये सांसदों को तोड़ने और दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश में है, ताकि वह संविधान में संशोधन कर सके। चांद ने दावा किया कि सपा और तमाम विपक्षी दल संविधान की रक्षा के लिए 'मज़बूती से एकजुट' हैं।

भाजपा के चुनावी वादों पर सवाल

समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर फखरूल हसन चांद ने भाजपा के पुराने चुनावी वादों की याद दिलाई — 2 करोड़ रोज़गार, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना। उन्होंने सवाल किया कि इन वादों का क्या हुआ और आरोप लगाया कि भाजपा का ध्यान देश को मज़बूत करने के बजाय पार्टी के हित में मुद्दे उठाने पर केंद्रित रहता है।

उन्होंने कहा, 'भाजपा इसी बात पर ध्यान देती है कि किन मुद्दों को उठाने के बाद उनकी पार्टी को मज़बूती मिलेगी — किसान, युवा और रोज़गार जैसे असली सवाल उनके एजेंडे में नहीं हैं।'

अघोषित आपातकाल का आरोप

NCERT की पुस्तकों में आपातकाल का विषय शामिल किए जाने पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि देश में आज 'अघोषित आपातकाल' जारी है। उनके अनुसार, सरकार के विरुद्ध बोलने वाले विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और अधिकारियों को 'पाकिस्तानी' या 'खालिस्तानी' कहकर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और पत्रकारों को डराने-धमकाने के कथित मामलों का भी उल्लेख किया।

राहुल गांधी पोस्टर और CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर उत्तर प्रदेश में भाजपा द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर चांद ने कहा कि हर सरकार को पासपोर्ट रिकॉर्ड के ज़रिये अपने नागरिकों की विदेश यात्रा की जानकारी होती है, इसलिए यह विवाद 'बेवजह' है। उन्होंने इसे युवाओं और किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाने की 'सुनियोजित कोशिश' बताया।

पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार से जुड़ी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट पर सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इसका उपयोग विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है और यह भाजपा के 'राजनीतिक एजेंडे' का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इन कोशिशों का 'माकूल जवाब' मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उत्तर प्रदेश की राजनीतिक ज़मीन पर भाजपा को घेरने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सपा ने भ्रष्टाचार-विरोध के मंच का उपयोग करते हुए संविधान, रोज़गार और प्रेस स्वतंत्रता जैसे विविध मुद्दों को एक ही बयान में पिरोया — यह 'विपक्षी एकता' की कथा को मज़बूत करने की कोशिश है। हालाँकि, यह भी उल्लेखनीय है कि सपा ने कर्नाटक में काँग्रेस सरकार के विरुद्ध आए घोटाले के आरोपों पर सीधे टिप्पणी से परहेज़ किया, जो उनकी 'गठबंधन-सावधानी' को दर्शाता है। 'अघोषित आपातकाल' जैसे तीखे आरोप बिना ठोस साक्ष्य के लगाए गए हैं, जो मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर बिना जाँच के स्वीकार कर लिए जाते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक आबकारी घोटाले पर सपा का क्या कहना है?
सपा प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने 26 जून को कहा कि कर्नाटक आबकारी विभाग घोटाले में शामिल आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। सपा का मानना है कि भ्रष्टाचार के हर मामले में निर्णायक कदम उठाना ज़रूरी है।
सपा ने भाजपा पर संविधान बदलने का आरोप क्यों लगाया?
सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा 2024 लोकसभा चुनाव में 240 सीटें जीतने के बाद खरीद-फरोख्त से सांसद तोड़कर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है, ताकि संविधान में बदलाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
फखरूल हसन चांद ने 'अघोषित आपातकाल' किसे कहा?
सपा प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा समय में देश में 'अघोषित आपातकाल' है, जिसमें सरकार के विरुद्ध बोलने वाले विपक्षी नेताओं और पत्रकारों को 'पाकिस्तानी' या 'खालिस्तानी' कहकर बदनाम किया जाता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और पत्रकारों को डराने के कथित मामलों का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी के पोस्टर विवाद पर सपा का क्या रुख है?
सपा प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश में भाजपा द्वारा राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर लगाए गए पोस्टरों को 'बेवजह का विवाद' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को पासपोर्ट रिकॉर्ड से नागरिकों की विदेश यात्रा की जानकारी होती है और यह पोस्टर अभियान युवाओं व किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाने की 'सुनियोजित कोशिश' है।
सपा ने भाजपा के किन चुनावी वादों पर सवाल उठाए?
सपा प्रवक्ता ने भाजपा के 2 करोड़ रोज़गार देने, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के वादों की याद दिलाई और पूछा कि ये वादे पूरे क्यों नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इन असली मुद्दों की बजाय ध्यान भटकाने वाले विषय उठाती है।
राष्ट्र प्रेस
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