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क्या संभल में जज के ट्रांसफर पर समाजवादी पार्टी का हमला उचित है?

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क्या संभल में जज के ट्रांसफर पर समाजवादी पार्टी का हमला उचित है?

सारांश

क्या संभल में जज विभांशु विभोर का ट्रांसफर न्यायपालिका पर भाजपा के दबाव का संकेत है? जानें समाजवादी पार्टी ने इस पर क्या कहा है और इसके पीछे की सच्चाई क्या है।

मुख्य बातें

न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए।
समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया है।
जज का ट्रांसफर संविधान के अनुसार होना चाहिए।

लखनऊ, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। संभल में जज विभांशु विभोर के ट्रांसफर को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने गुरुवार को कहा कि यह देश बाबासाहेब अंबेडकर का है और इसे संविधान के अनुसार चलना चाहिए। भाजपा को न्यायपालिका पर दबाव बनाना बंद करना चाहिए।

फखरुल हसन चांद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया, "अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि जो न्याय है, वह कभी ट्रांसफर नहीं हो सकता।"

सपा प्रवक्ता ने कहा, "संभल में वकील भी सीजेएम साहब के ट्रांसफर का विरोध कर रहे हैं। देश के बुद्धिजीवियों में भी चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी न्यायपालिका पर दबाव बनाना चाहती है और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है।"

उन्होंने मांग की कि यह देश बाबा साहब का है और संविधान के अनुसार ही चलेगा। सीजेएम साहब का ट्रांसफर वापस होना चाहिए।

फखरुल हसन चांद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था, 'अगर मुस्लिम साथ छोड़ दें, तो सपा प्रधानी का चुनाव तक नहीं जीत पाएगी।' उन्होंने कहा, "2024 के लोकसभा चुनाव में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, किसान और युवा मिलकर भाजपा को सबक सिखाएंगे। यदि भाजपा अपनी सांप्रदायिक राजनीति को छोड़ दे, तो शायद उनके पास प्रधानी या किसी वार्ड की सीट भी नहीं बचेगी।"

उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी यह जानती है कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक अब ब्राह्मण के साथ भी समाजवादी पार्टी के साथ हैं। 2027 में भाजपा का सूपड़ा साफ होना तय है। इसलिए ब्रजेश पाठक समय-समय पर इस तरह के बयान देते हैं।"

फखरुल हसन चांद ने शशि थरूर द्वारा गौतम गंभीर की तारीफ किए जाने पर कहा, "क्या वह गौतम गंभीर को अपने काबिल मानते हैं या खुद को उनके बराबर समझ रहे हैं? उनका मन विचलित है, जो कभी इधर तो कभी उधर घूम रहा है। उन्हें अब गंभीर हो जाना चाहिए।"

सपा प्रवक्ता ने कहा कि गौतम गंभीर पहले से ही गंभीर हैं, लेकिन शशि थरूर कब गंभीर होंगे यह बड़ा सवाल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे राजनीतिक दबाव से मुक्त रखना आवश्यक है। समाजवादी पार्टी का यह कदम उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन न्यायपालिका की स्वायत्तता का सम्मान करना सभी दलों की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समाजवादी पार्टी ने जज के ट्रांसफर पर क्या प्रतिक्रिया दी?
समाजवादी पार्टी ने जज के ट्रांसफर को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि भाजपा को न्यायपालिका पर दबाव बनाना बंद करना चाहिए।
फखरुल हसन चांद ने क्या कहा?
फखरुल हसन चांद ने कहा कि यह देश बाबासाहेब अंबेडकर का है और इसे संविधान के अनुसार चलना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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