महंगाई पर सपा का हमला: फखरुल हसन बोले — भाजपा की नीतियों ने आम जनता की कमर तोड़ी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चंद ने 7 जून 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के चलते देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने एलपीजी मूल्यवृद्धि, नीट पेपर लीक विवाद और इंडिया गठबंधन की एकता सहित कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।
महंगाई पर भाजपा को घेरा
फखरुल हसन ने कहा, 'भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में महंगाई बढ़ रही है।' उन्होंने आटा, दाल, चावल, एलपीजी, सीएनजी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का हवाला दिया। सपा प्रवक्ता ने याद दिलाया कि 2014 में भाजपा का चुनावी नारा था — 'बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार' — और आरोप लगाया कि अब उसी नारे का उल्टा हो रहा है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाया है।
नीट विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
नीट पेपर लीक मामले पर फखरुल हसन ने कहा, 'लगातार हो रहे पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।' उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को उचित ठहराते हुए कहा कि उनसे देश की शिक्षा व्यवस्था नहीं संभाली जा रही। शिक्षाविद खान सर के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवादों को जरूरत से ज्यादा तवज्जो देना जनता का ध्यान असली मुद्दे से भटकाने की कोशिश प्रतीत होती है — हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने धर्मेंद्र प्रधान का बचाव किया था, जिस पर सपा ने यह पलटवार किया।
इंडिया गठबंधन की एकता पर जोर
इंडिया गठबंधन की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठने के बीच फखरुल हसन ने दावा किया कि 'इंडिया गठबंधन मजबूत है और इसके सभी सहयोगी 2027 के साथ-साथ 2029 में भी भाजपा को हराने के लिए एकजुट होंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन की एकता को कमजोर करने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा।
युवाओं के आक्रोश पर सपा का रुख
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि विदेश में बैठे कुछ लोग यहाँ के युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं — सपा प्रवक्ता ने कहा कि यह बात सही है कि देश का नौजवान किसी के हाथ की कठपुतली नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि अपने विवेक से ही युवा भाजपा के खिलाफ प्रदर्शनों में एकत्रित हुए थे, और भाजपा के अपने वादे निभाने में विफल रहने के कारण युवाओं में आक्रोश है।
आगे क्या
नीट विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई जारी है और विपक्षी दलों का दबाव बढ़ता जा रहा है। सपा समेत इंडिया गठबंधन के घटक दल आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद और सड़क — दोनों मोर्चों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।