14 जुलाई 2026
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यूपी कानून-व्यवस्था पर सपा का हमला: धर्म-जाति देखकर हो रही कार्रवाई, NTA पेपर लीक पर भी निशाना

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यूपी कानून-व्यवस्था पर सपा का हमला: धर्म-जाति देखकर हो रही कार्रवाई, NTA पेपर लीक पर भी निशाना

सारांश

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने यूपी सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था अपराध की बजाय अपराधी के धर्म और जाति के आधार पर लागू हो रही है। साथ ही NEET पेपर लीक पर NTA की जवाबदेही और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने 29 मई को लखनऊ में यूपी सरकार पर धर्म-जाति आधारित कार्रवाई का आरोप लगाया।
सपा का कहना है कि गुंडे और माफिया का कोई धर्म-जाति नहीं होती — कार्रवाई अपराध की गंभीरता पर होनी चाहिए।
पार्टी ने बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर सरकार के पास ठोस जवाब न होने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक आयोजनों से जुड़े बयानों को सामाजिक तनाव बढ़ाने वाला बताया।
NEET UG पेपर लीक पर NTA की जवाबदेही और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।

समाजवादी पार्टी (सपा) ने 29 मई को लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई अपराध की गंभीरता के आधार पर नहीं, बल्कि अपराधी के धर्म और जाति को देखकर की जा रही है। पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने यह बयान देते हुए सरकार पर समाज को बाँटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया।

सपा का मुख्य आरोप

फखरुल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है — गुंडे और माफिया का कोई धर्म या जाति नहीं होती, वे केवल अपराधी होते हैं। उनके अनुसार, ऐसे तत्व समाज में भय और दहशत फैलाते हैं और निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुँचाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार इन्हीं अपराधियों का धर्म देखकर कार्रवाई तय करती है, जो कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत का उल्लंघन है।

बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर सवाल

सपा प्रवक्ता ने कहा कि आज व्यापारी, किसान और युवा — सभी परेशान हैं और जनता में भय का माहौल है। उनके अनुसार, सरकार के पास बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दों का कोई ठोस जवाब नहीं है, इसलिए वह असली मुद्दों से ध्यान हटाकर धर्म और जाति की राजनीति में उलझी हुई है।

चांद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक आयोजनों और कानून-व्यवस्था से जुड़े बयानों का भी उल्लेख किया और कहा कि इस प्रकार के बयान समाज में तनाव को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह भय और सख्ती की राजनीति से बाहर निकले और वास्तविक विकास एवं कानून-व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करे।

NTA और NEET पेपर लीक पर सपा की माँग

सपा प्रवक्ता ने NEET UG पेपर लीक मामले पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के गठन के बाद से पेपर लीक की घटनाएँ बार-बार सामने आई हैं, जो अत्यंत गंभीर हैं और देश के युवाओं के भविष्य को दाँव पर लगाती हैं।

चांद ने स्पष्ट किया कि केवल अदालत में जवाब दाखिल करने से जिम्मेदारी तय नहीं होती। उन्होंने माँग की कि जिन अधिकारियों या व्यक्तियों की लापरवाही या मिलीभगत से ऐसी घटनाएँ हुई हैं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं और विपक्षी दल सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना रहे हैं। गौरतलब है कि सपा पहले भी कई अवसरों पर योगी सरकार की कानून-व्यवस्था नीति पर चयनात्मक कार्रवाई के आरोप लगा चुकी है। आने वाले हफ्तों में यह मुद्दा विधानसभा और सड़क — दोनों स्तरों पर और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार NEET पेपर लीक को जोड़कर पार्टी ने अपने हमले को व्यापक बनाने की कोशिश की है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इन आरोपों को ठोस आँकड़ों और दस्तावेज़ों से साबित कर सकता है, या यह केवल चुनावी कथा-निर्माण का हिस्सा है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से इन आरोपों का कोई विस्तृत खंडन अब तक सामने नहीं आया है, जो अपने आप में एक राजनीतिक संकेत है। 2027 के चुनावों से पहले यूपी में कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय का यह विमर्श और तीखा होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा ने यूपी सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई उनके अपराध की गंभीरता के आधार पर नहीं, बल्कि उनके धर्म और जाति को देखकर करती है। पार्टी प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने यह बयान 29 मई को लखनऊ में दिया।
सपा का NEET पेपर लीक पर क्या कहना है?
सपा ने कहा कि NTA के गठन के बाद से बार-बार पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं और केवल अदालत में जवाब दाखिल करना पर्याप्त नहीं है। पार्टी ने माँग की कि जिन अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत से ऐसी घटनाएँ हुईं, उन पर कड़ी कार्रवाई हो।
फखरुल हसन चांद कौन हैं?
फखरुल हसन चांद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता हैं। उन्होंने 29 मई को लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था नीति और NEET पेपर लीक मामले पर पार्टी का पक्ष रखा।
सपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों पर क्या कहा?
सपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक आयोजनों और कानून-व्यवस्था से जुड़े बयानों को समाज में तनाव बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह भय और सख्ती की राजनीति छोड़कर विकास पर ध्यान दे।
क्या यूपी में 2027 के चुनावों से पहले यह मुद्दा बड़ा हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कानून-व्यवस्था, सामाजिक न्याय और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं। सपा इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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