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शैक्षणिक परिसर राजनीति का मंच नहीं: सपा प्रवक्ता फखरुल चंद हसन का कड़ा बयान

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शैक्षणिक परिसर राजनीति का मंच नहीं: सपा प्रवक्ता फखरुल चंद हसन का कड़ा बयान

सारांश

सपा प्रवक्ता फखरुल चंद हसन ने लखनऊ में साफ कहा — स्कूल-कॉलेज राजनीति के अखाड़े नहीं बनने चाहिए। साथ ही नीट में पारदर्शिता, इंडिया गठबंधन की UP में तैयारी, और ओमान हमले पर सरकार की चुप्पी — एक बयान में कई मोर्चे।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता फखरुल चंद हसन ने 13 जून 2026 को कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
नीट परीक्षा में पेपर लीक रोककर पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी — हसन।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर इंडिया गठबंधन के तहत तैयारी कर रहे हैं।
हसन ने कहा — सरकारी योजनाएं जनता के करों से चलती हैं, नेताओं को इसका निजी श्रेय नहीं लेना चाहिए।
ममता बनर्जी पर दर्ज मामले को हसन ने एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग बताया।
ओमान हमले में भारतीय नागरिकों की मौत पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल चंद हसन ने 13 जून 2026 को लखनऊ में स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के शैक्षणिक संस्थान ज्ञान और अध्ययन के केंद्र हैं — किसी भी दल की राजनीतिक गतिविधियों का मंच नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक नारों या संदर्भों पर अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए, लेकिन संस्थानों की मूल गरिमा और शैक्षिक चरित्र को हर हाल में बनाए रखना अनिवार्य है।

शिक्षण संस्थानों पर सपा का रुख

हसन ने अपने बयान में कहा, 'समाजवादी पार्टी मानती है कि शिक्षण संस्थानों में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए। जहाँ तक नारों की बात है, नारों से किसी को क्या आपत्ति हो सकती है। प्रभु श्रीराम का नाम लेने से भी किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम को शिक्षण संस्थानों में नहीं होना चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक आयोजनों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।

नीट परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता

शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर बोलते हुए हसन ने कहा, 'नीट परीक्षा बिना किसी पेपर लीक के पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। छात्रों का भविष्य अंधकार में नहीं जाना चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए।' गौरतलब है कि नीट परीक्षा में पेपर लीक के आरोप पिछले कुछ वर्षों में बार-बार उठते रहे हैं, जिसने लाखों छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगाया है।

इंडिया गठबंधन और उत्तर प्रदेश की तैयारी

विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर हसन ने कहा कि समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों इंडिया गठबंधन के अभिन्न हिस्से हैं और उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन का मूल सिद्धांत यही है कि जो सीट जिस दल के हिस्से में आएगी, वहाँ संयुक्त प्रत्याशी उतारा जाएगा। हसन ने कहा, 'गठबंधन का मतलब ही यही है कि सभी दल मिलकर चुनाव लड़ें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर करें।'

सरकारी योजनाओं का श्रेय और जनता का पैसा

उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हसन ने कहा कि सरकार जनता के करों पर चलती है, किसी नेता की व्यक्तिगत संपत्ति पर नहीं। उन्होंने कहा, 'जो भी राशन या सुविधाएं दी जा रही हैं, वह जनता के टैक्स के पैसे से दी जा रही हैं। मंत्री या नेता अपने निजी पैसे से कुछ नहीं दे रहे हैं, इसलिए उन्हें बयान देने से पहले इस बात को समझना चाहिए।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सपा अपने पीडीए विचार के साथ दृढ़ता से खड़ी है और किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है।

ममता बनर्जी मामला और ओमान हमले पर प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर दर्ज मामले को लेकर हसन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि BJP-शासित राज्यों में जाँच एजेंसियों का उपयोग विपक्षी नेताओं को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन इस दबाव से विचलित नहीं होगा। इसके अलावा, ओमान के तट पर अमेरिकी हमले में भारतीय नागरिकों की मौत के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया और कहा कि भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए मजबूत कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए थे। यह मुद्दा आगे भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गठबंधन राजनीति, और कूटनीतिक विफलता। लेकिन विरोधाभास यह है कि जो पार्टी परिसरों में राजनीति का विरोध करती है, उसके नेता खुद विश्वविद्यालय परिसरों में छात्र संगठनों के जरिए सक्रिय रहते हैं। नीट पारदर्शिता की माँग जायज है, पर सपा के शासनकाल में भी परीक्षा प्रणाली की खामियाँ चर्चा में रही हैं — इस पर चुप्पी उल्लेखनीय है। ओमान हमले पर सरकार की आलोचना राजनीतिक रूप से तीखी है, लेकिन कूटनीतिक विकल्पों की कोई ठोस रूपरेखा बयान में नदारद है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फखरुल चंद हसन ने शैक्षणिक संस्थानों को लेकर क्या कहा?
सपा प्रवक्ता फखरुल चंद हसन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए और इन्हें ज्ञान के केंद्र के रूप में ही रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक नारों पर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए, लेकिन संस्थानों की गरिमा अक्षुण्ण रहनी चाहिए।
नीट परीक्षा पर सपा का क्या रुख है?
हसन ने कहा कि नीट परीक्षा बिना पेपर लीक के पारदर्शी तरीके से आयोजित होनी चाहिए और छात्रों का भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की माँग की।
उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन की क्या तैयारी है?
हसन के अनुसार, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर बूथ स्तर तक तैयारी कर रहे हैं। गठबंधन का लक्ष्य BJP को सत्ता से बाहर करना है और सीट बँटवारे के आधार पर संयुक्त प्रत्याशी उतारे जाएंगे।
ममता बनर्जी के मामले पर सपा ने क्या कहा?
हसन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार BJP-शासित राज्यों में जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन इस दबाव से विचलित नहीं होगा।
ओमान हमले में भारतीय नागरिकों की मौत पर सपा की क्या प्रतिक्रिया है?
हसन ने कहा कि ओमान के तट पर अमेरिकी हमले में भारतीय नागरिकों की मौत अत्यंत गंभीर विषय है और केंद्र सरकार को इस पर कड़ी कूटनीतिक प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। उन्होंने सरकार की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त और चिंताजनक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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