महंगाई और नीट लीक पर कांग्रेस का हमला: अजय उपाध्याय ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. अजय उपाध्याय ने 7 जून को पटना में मीडिया से बातचीत में महंगाई, नीट पेपर लीक और घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता आर्थिक बोझ तले दबी है और इंडिया गठबंधन 8 जून की अपनी प्रस्तावित बैठक में इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही माँगेगा।
महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतें
प्रो. उपाध्याय के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में केंद्र सरकार ने जनता की जेब से ₹44 लाख करोड़ निकालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब भी आम लोगों को कोई राहत नहीं दी गई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में धीरे-धीरे करीब ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा चुकी है।
घरेलू गैस सिलेंडर में ₹29 की हालिया वृद्धि पर उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए थे। उनके अनुसार, इससे आम परिवारों का रसोई बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, 'आमदनी नहीं बढ़ रही, सैलरी स्थिर है, लेकिन महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है — लोगों के लिए अपना खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।'
नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री पर निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, सीबीएसई और छात्रों के साथ हुए अन्याय के मामले में सरकार को जवाब देना होगा। प्रो. उपाध्याय के अनुसार, 'धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए और पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।'
इंडिया गठबंधन की 8 जून की बैठक
प्रो. उपाध्याय ने बताया कि 8 जून को इंडिया गठबंधन की अहम बैठक होगी, जिसमें महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा व्यवस्था और आम जनता से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएँगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वादों से पीछे हट गए हैं और वर्षों से केवल भाषणबाज़ी हो रही है।
डीएमके और गठबंधन की स्थिति
बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के शामिल न होने के सवाल पर प्रो. उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने कभी भी डीएमके को इंडिया गठबंधन से बाहर करने का फैसला नहीं लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद की परिस्थितियों को देखते हुए समझौता हुआ था, लेकिन डीएमके ने यदि कोई अलग निर्णय लिया है तो वह उनका स्वतंत्र फैसला है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की प्राथमिकता तमिलनाडु के जनादेश का सम्मान करना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से दूर रखना रही है।
सरकार पर जवाबदेही का आह्वान
कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव लड़ना और सरकार बनाना अलग बात है — सरकार चलाना भी आना चाहिए। उनके अनुसार, केंद्र सरकार अपने दायित्वों के निर्वहन में विफल रही है और पेट्रोल, डीजल व गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर हर ज़रूरी वस्तु पर पड़ रहा है। इंडिया गठबंधन इन सभी मुद्दों पर सरकार से ठोस जवाब माँगने की तैयारी में है।