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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी: अमरनाथ मार्ग समेत कई जिलों में अलर्ट, डल झील पर नौकायन बंद

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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी: अमरनाथ मार्ग समेत कई जिलों में अलर्ट, डल झील पर नौकायन बंद

सारांश

मौसम विभाग के श्रीनगर केंद्र ने 16 जून को जम्मू-कश्मीर के दर्जनों जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। अमरनाथ यात्रा मार्ग और डल झील पर विशेष अलर्ट है; 18-22 जून तक मौसम अस्थिर रहने का अनुमान है।

मुख्य बातें

मौसम विभाग के श्रीनगर केंद्र ने 16 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की।
कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा, गांदरबल, बडगाम सहित अमरनाथ यात्रा मार्ग (सोनमर्ग–बालटाल और पहलगाम) पर अगले 2-3 घंटों में मौसम बिगड़ने की आशंका।
अगले 3 घंटों तक डल झील सहित सभी जल निकायों पर शिकारा और नौका संचालन बंद ।
ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश से फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा; पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की अपील।
18 से 22 जून तक मौसम अस्थिर रहेगा — बीच-बीच में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के दौर जारी रहेंगे।

मौसम विभाग के श्रीनगर केंद्र ने 16 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के लिए व्यापक मौसम चेतावनी जारी की है, जिसमें अगले कुछ घंटों में कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, बिजली गिरने और आंधी की आशंका जताई गई है। अमरनाथ यात्रा मार्ग सहित कश्मीर घाटी के अनेक संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा भी बताया गया है।

किन जिलों पर है सबसे अधिक खतरा

ताज़ा चेतावनी के अनुसार कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा, गांदरबल और बडगाम के कई हिस्सों में अगले 2 से 3 घंटों के भीतर मौसम अचानक बिगड़ सकता है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।

सोनमर्ग–बालटाल–पवित्र गुफा (अमरनाथ) मार्ग और पहलगाम–पवित्र गुफा मार्ग पर भी बौछारों के साथ मौसम खराब होने की आशंका जताई गई है। दक्षिण कश्मीर और त्राल क्षेत्र में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का अनुमान है।

पहले जारी की गई चेतावनी का दायरा

इससे पहले विभाग ने बारामुला, बडगाम, पुंछ, राजौरी, रामबन, किश्तवाड़, रियासी, कठुआ और जम्मू सहित कई क्षेत्रों में अगले 5 घंटों तक तेज बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई थी। श्रीनगर, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई थी।

मौसम विभाग की सलाह और सावधानियाँ

मौसम विभाग ने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहें और ढीली संरचनाओं, बिजली के खंभों, तारों तथा पुराने पेड़ों से दूरी बनाए रखें। अगले 3 घंटों तक डल झील सहित सभी जल निकायों पर शिकारा और नौका संचालन पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने यह भी चेताया है कि ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश से अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है, इसलिए पहाड़ी और नदी किनारे के क्षेत्रों में रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें।

आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार 16-17 जून को जम्मू-कश्मीर में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक व तेज हवाएं चलने की संभावना है। 18 से 22 जून के दौरान भी मौसम अस्थिर बना रहेगा — बीच-बीच में हल्की बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के दौर आ सकते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब अमरनाथ यात्रा का सीज़न चल रहा है और हज़ारों श्रद्धालु संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि यात्रा मार्गों पर स्थिति की लगातार निगरानी की जाए और ज़रूरत पड़ने पर आवाजाही अस्थायी रूप से रोकी जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार चेतावनी का दायरा असाधारण रूप से व्यापक है — एक साथ दो अमरनाथ यात्रा मार्ग, डल झील और दर्जन भर से अधिक जिले इसकी जद में हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भी इसी दौरान फ्लैश फ्लड से यात्रियों की जान गई है, फिर भी आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारी हर बार सवालों के घेरे में आती है। मौसम विभाग की चेतावनी समय पर है, लेकिन असली परीक्षा प्रशासन की उस क्षमता की है कि वह अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित रखते हुए स्थानीय आबादी को भी सुरक्षित निकाल सके।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में आज किन जिलों में सबसे ज़्यादा खतरा है?
कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा, गांदरबल और बडगाम में अगले 2-3 घंटों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का सबसे अधिक खतरा है। इसके अलावा अमरनाथ यात्रा मार्गों और दक्षिण कश्मीर के त्राल क्षेत्र में भी मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी गई है।
डल झील पर नौकायन क्यों बंद किया गया है?
मौसम विभाग ने तेज हवाओं, बिजली गिरने और अचानक आंधी के खतरे को देखते हुए अगले 3 घंटों तक डल झील सहित सभी जल निकायों पर शिकारा और नौका संचालन बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यह सावधानी यात्रियों और स्थानीय नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम है।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर मौसम की स्थिति क्या है?
सोनमर्ग–बालटाल–पवित्र गुफा मार्ग और पहलगाम–पवित्र गुफा मार्ग दोनों पर बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी है। भारी ओलावृष्टि से फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा भी बताया गया है, इसलिए श्रद्धालुओं को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर में अगले एक हफ्ते मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार 16-17 जून को बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की बारिश व तेज हवाएं चलेंगी। 18 से 22 जून के दौरान भी मौसम अस्थिर बना रहेगा — बीच-बीच में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के दौर आ सकते हैं।
बारिश और बिजली गिरने के दौरान क्या सावधानियाँ बरतें?
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें और ढीली संरचनाओं, बिजली के खंभों, तारों व पुराने पेड़ों से दूर रहें। पहाड़ी और नदी किनारे के क्षेत्रों में रहने वाले लोग फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
राष्ट्र प्रेस
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