कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत का बयान: सीसीएस की बैठक केवल फायर फाइटिंग, सरकार को बुलानी चाहिए सर्वदलीय बैठक
सारांश
Key Takeaways
- सुखदेव भगत ने सीसीएस की बैठक को फायर फाइटिंग बताया।
- सरकार को सर्वदलीय बैठक की आवश्यकता है।
- पश्चिमी एशिया के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।
- असम में भाजपा, कांग्रेस नेताओं को शामिल कर रही है।
- संसद सत्र के बीच संकट की गंभीरता को समझना जरूरी है।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने पश्चिमी एशिया की स्थिति पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सरकार का 'फायर फाइटिंग' जैसा कदम बताते हुए कहा कि वर्तमान में संसद सत्र चल रहा है और संकट पूरे देश में फैला हुआ है। उन्होंने सुझाव दिया कि सीसीएस के बाद सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
सुखदेव भगत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "सीसीएस की बैठक रविवार को हुई, लेकिन यह तो 'फायर फाइटिंग' जैसी स्थिति लगती है। क्या सरकार को इस संकट का पहले से अंदाजा नहीं था? यह युद्ध काफी समय से चल रहा है। ये निर्णय काफी देर से लिए गए हैं। नीति बेहतर हो सकती है, लेकिन उसका क्रियान्वयन किस स्तर का होगा?"
उन्होंने कहा, "वर्तमान में विभिन्न राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। भाजपा किसी भी हाल में चुनाव को प्राथमिकता देती है। मेरा मानना है कि सीसीएस की बैठक के बाद क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।"
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि गैस और तेल के लिए पश्चिमी एशिया पर निर्भरता के बावजूद, लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और रूस हमारे लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। सरकार को अल्पकालिक और दीर्घकालिक नीतियों के समन्वय पर काम करने की आवश्यकता है।
इसी बीच, सुखदेव भगत ने पश्चिम बंगाल में एआईएमआईएम और 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के गठबंधन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जहां कहीं भी सेक्युलर ताकतों के वोटों का बिखराव होता है, वो अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में जाता है। असदुद्दीन ओवैसी इसके लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। उन्हें इस काम में निष्ठा से जुटे रहने के लिए 'बी-टीम' कहा जाता है।"
असम में कई कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर सुखदेव भगत ने कहा, "असम में भाजपा अब 'कांग्रेस युक्त भाजपा' बन चुकी है। उन्हें नेताओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए वे कांग्रेस नेताओं को शामिल कर चुनाव लड़ रहे हैं। हालाँकि, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि गौरव गोगोई के नेतृत्व में असम में हमारी सरकार बनने जा रही है।"