ट्रंप और मोदी के बीच पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा, तनाव कम करने की कोशिश

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ट्रंप और मोदी के बीच पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा, तनाव कम करने की कोशिश

सारांश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन पर चर्चा की। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह बातचीत महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

ट्रंप और मोदी के बीच पहली टेलीफोनिक बातचीत हुई।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित नौवहन की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट का प्रभाव।
भारत ने संवाद और राजनय पर बल दिया।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के संदर्भ में बातचीत की है। यह जानकारी मंगलवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने साझा की। भारत ने हमेशा विवाद समाधान के लिए संवाद और राजनयिक प्रयासों पर जोर दिया है।

यह दोनों नेताओं के बीच युद्ध के आरंभ के बाद पहली बार टेलीफोन पर बातचीत है। उन्होंने मिडिल ईस्ट की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित नौवहन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है और हाल के संघर्षों के कारण यहाँ तनाव में वृद्धि हुई है।

सर्जियो गोर ने एक्स पोस्ट पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष लगभग २५ दिन से जारी है। ईरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले और अवरोध के कारण वैश्विक तेल एवं गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत का इस क्षेत्र से ६० प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल और गैस आयात होता है, जिससे संकट सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।

पीएम मोदी ने संसद में इस संकट को "चिंताजनक" बताते हुए कहा कि भारत सभी पक्षों (ईरान, इजरायल, अमेरिका और गल्फ देशों) के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने तनाव कम करने और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके देश और ईरान के बीच सार्थक संवाद जारी है। उनके प्रतिनिधियों की ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक रही है, जिसके चलते उन्होंने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर अगले पाँच दिनों तक हमला न करने का निर्देश दिया है। हालाँकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है।

इसके पहले ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ४८ घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए, यह बातचीत तनाव कम करने और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप और मोदी के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा क्या था?
बातचीत का मुख्य मुद्दा पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन बनाए रखने की आवश्यकता था।
भारत के लिए इस बातचीत का क्या महत्व है?
भारत इस क्षेत्र से 60% से अधिक कच्चा तेल और गैस आयात करता है, जिससे यह उसकी ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस