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श्रीलंकाई राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री मोदी से ऊर्जा सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा

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श्रीलंकाई राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री मोदी से ऊर्जा सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन वार्ता में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और शिपिंग लाइनों की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। क्या हैं इसके प्रमुख बिंदु?

मुख्य बातें

क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग की आवश्यकता।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भारत-श्रीलंका ऊर्जा सहयोग की प्रगति की समीक्षा।

नई दिल्ली, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के बीच टेलीफोन पर महत्वपूर्ण वार्ता हुई, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर ध्यान दिया।

इस बातचीत में, उन्होंने पश्चिम एशिया में बदलती परिस्थितियों पर चर्चा की और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करने वाली बाधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।

दोनों नेताओं ने विश्व के हित में शिपिंग लाइनों को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व को दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भारत-श्रीलंका ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति के तहत साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए सहयोग करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर साझा करते हुए कहा, ''राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत तनाव कम करने और शीघ्र शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और सुलभ बनाए रखना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। हम शांति की दिशा में प्रयासों पर संपर्क में रहने पर सहमत हुए।''

यह दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के संदर्भ में पहली टेलीफोनिक वार्ता है। उन्होंने मिडिल ईस्ट की वर्तमान स्थिति, विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित और खुला नौवहन बनाए रखने पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और हाल के संघर्षों ने यहां तनाव बढ़ा दिया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को लगभग 25 दिन हो चुके हैं। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में हमले और ब्लॉकेज के कारण वैश्विक तेल-गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत इस क्षेत्र से 60 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल और गैस का आयात करता है, इसलिए यह संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए आवश्यक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति के बीच बातचीत का मुख्य विषय क्या था?
बातचीत का मुख्य विषय वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
क्या भारत-श्रीलंका ऊर्जा सहयोग को लेकर कोई नई पहल हुई है?
हां, दोनों नेताओं ने ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा की।
राष्ट्र प्रेस
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