जी-7 शिखर सम्मेलन: सिसी ने मध्य पूर्व शांति पर ट्रंप को बधाई, ईरान परमाणु समझौते पर बड़े दावे
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाकात में सिसी ने मध्य पूर्व में शांति बहाली की दिशा में ट्रंप के प्रयासों की सराहना की, जबकि ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते को लेकर कई अहम दावे किए।
सिसी की बधाई और समझौते पर रुख
राष्ट्रपति अल-सिसी ने बैठक में कहा कि मध्य पूर्व में शांति बहाल करने की दिशा में जो बड़ी सफलता हासिल की गई है, उसके लिए वे ट्रंप को बधाई देते हैं। उन्होंने हुए समझौते को 'बहुत महत्वपूर्ण' बताया और स्पष्ट किया कि मिस्र अंतिम समझौते का इंतजार कर रहा है, ताकि वह अपनी औपचारिक सकारात्मक प्रतिक्रिया दे सके।
ट्रंप के ईरान पर बड़े दावे
अमेरिका के आधिकारिक डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट 'रैपिड रिस्पांस' के अनुसार, ट्रंप ने दावा किया कि लगभग 99.99 प्रतिशत संभावना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कई वजहों से एक बहुत बड़ा समझौता है, लेकिन सबसे बड़ी वजह यही है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
ट्रंप ने साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि यह समझौता 'अंतिम नहीं' है और यदि ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया, तो 'हम फिर बम बरसाएंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हैं और वैश्विक तेल बाजार इन घटनाक्रमों पर नज़र बनाए हुए है।
बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर
ट्रंप ने दावा किया कि शेयर बाजार इस समझौते की खबर से 'बेहद खुश' है और तेल की कीमतें गिर रही हैं, जो उनके अनुसार समझौते की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अगले एक-दो दिन में पूरी तरह खुल जाएगा और समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
अमेरिका-मिस्र संबंध और व्यापार
बैठक के दौरान ट्रंप ने अमेरिका-मिस्र संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा, 'हमारे रिश्ते काफी लंबे समय से बहुत अच्छे रहे हैं। हम कई मुद्दों पर बात करेंगे, जिसमें व्यापार भी शामिल है। हम मिस्र के साथ काफी कारोबार करते हैं।' गौरतलब है कि मिस्र अमेरिका के प्रमुख अरब सहयोगियों में से एक है और मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में उसकी भूमिका अहम मानी जाती है।
शिखर सम्मेलन का समग्र मूल्यांकन
ट्रंप ने जी-7 शिखर सम्मेलन को सफल बताते हुए कहा कि बैठक बहुत अच्छी रही और फ्रांस ने शानदार आयोजन किया। यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर ईरान परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व संघर्ष को लेकर कूटनीतिक दबाव चरम पर है। आने वाले दिनों में ईरान के साथ अंतिम समझौते की रूपरेखा स्पष्ट होने पर मिस्र समेत अन्य अरब देशों की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी।