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क्या जर्मन चांसलर मर्ज का भारत दौरा महत्वपूर्ण था?

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क्या जर्मन चांसलर मर्ज का भारत दौरा महत्वपूर्ण था?

सारांश

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का दो दिवसीय भारत दौरा रणनीतिक और आर्थिक सहयोग में नई दिशा की ओर अग्रसर। यह यात्रा भारत-जर्मनी संबंधों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। जानें, इस दौरे के दौरान क्या-क्या महत्वपूर्ण समझौते हुए और दोनों देशों के बीच संबंधों का भविष्य कैसा है।

मुख्य बातें

भारत-जर्मनी संबंधों में नई गति आई है।
द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में वृद्धि हुई है।
19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
रक्षा , टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।
अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भागीदारी की गई।

गांधीनगर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने दो दिवसीय भारत यात्रा का समापन करते हुए मंगलवार को अपने देश के लिए प्रस्थान किया।

उन्हें अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने विदाई दी।

यात्रा के पहले दिन, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए, जो रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग पर केंद्रित थे।

सोमवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज ने गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।

इस सफल बातचीत के बाद, पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा: "अहमदाबाद में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मेज़बानी करना मेरे लिए खुशी की बात थी। उनकी यात्रा ने भारत-जर्मनी संबंधों में नई गति प्रदान की है, क्योंकि हम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल और राजनयिक संबंधों के 75 साल का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने एशिया में अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना, जिससे हम गर्वित महसूस कर रहे हैं। यह मजबूत भारत-जर्मनी संबंधों के प्रति उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"

उन्होंने कहा, "हम रक्षा, अंतरिक्ष और अन्य महत्वपूर्ण उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में गहरे सहयोग के साथ अपने संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाने पर सहमत हुए। हमारी जलवायु, भरोसेमंद और लचीली सप्लाई चेन, कौशल विकास, शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।"

पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लिया और इस वार्षिक कार्यक्रम की सांस्कृतिक जीवंतता का आनंद लिया। बाद में, दोनों नेताओं ने पतंगें भी उड़ाईं।

दोनों नेताओं ने जर्मन और भारतीय सीईओ से बातचीत की, जिसका उल्लेख पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में किया। उन्होंने कहा, "चांसलर मर्ज और मैंने भारतीय और जर्मन सीईओ से मुलाकात की। भारत और जर्मनी के बीच घनिष्ठ सहयोग पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारी साझेदारी में नई गति दी है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और कई जर्मन कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं। हम भविष्य में आर्थिक संबंधों को और गहरा करना चाहते हैं।"

भारत और जर्मनी ने सोमवार को व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों पक्षों ने 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए और रणनीतिक, आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को गहरा करने के लिए कई नीतिगत घोषणाएं कीं।

पीएम मोदी और मर्ज ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में निरंतर वृद्धि की प्रशंसा की और कहा कि 2024 में द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है, और यह सकारात्मक प्रवृत्ति 2025 में भी जारी रहेगी।

2024 में भारत-जर्मनी के बीच सामान और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 50 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया, जो ईयू के साथ भारत के कुल व्यापार का 25 प्रतिशत से अधिक है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने जर्मन-इंडियन सीईओ फोरम के जरिए द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

उन्होंने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटलीकरण, दूरसंचार, स्वास्थ्य और बायोइकोनॉमी सहित महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग में हुई प्रगति का भी स्वागत किया, जिससे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप रोडमैप को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप पर एक नए संयुक्त घोषणा पत्र के माध्यम से सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एक संस्थागत संवाद स्थापित करने के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को भी स्वागत योग्य बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और तकनीकी संबंधों को भी मजबूत करेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जर्मन चांसलर मर्ज ने भारत में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण बातें की?
चांसलर मर्ज ने भारत में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें व्यापार, टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र शामिल हैं।
भारत और जर्मनी के बीच व्यापार का स्तर क्या है?
2024 में भारत-जर्मनी का द्विपक्षीय व्यापार 50 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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