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भारत-बेल्जियम संबंध: PM मोदी बोले — WWI में भारतीय सैनिकों का बलिदान हमारी साझा विरासत

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भारत-बेल्जियम संबंध: PM मोदी बोले — WWI में भारतीय सैनिकों का बलिदान हमारी साझा विरासत

सारांश

बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर की पहली भारत यात्रा पर नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच रक्षा, खाद्य और स्वच्छ ऊर्जा में MoU हुए। PM मोदी ने WWI में भारतीय सैनिकों के बलिदान को साझा विरासत बताया और भारत की 7.8% वृद्धि दर को वैश्विक अनिश्चितता में स्थिरता का प्रमाण कहा।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर ने 3 सितंबर 2026 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।
रक्षा, खाद्य और स्वच्छ ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।
दोनों देश जोरावर टैंक और काकीनाडा ग्रीन अमोनिया परियोजना पर मिलकर काम कर रहे हैं।
PM मोदी ने प्रथम विश्व युद्ध में बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के बलिदान को दोनों देशों की साझा स्मृति बताया।
भारत की पिछले क्वार्टर में 7.8% की आर्थिक वृद्धि दर का उल्लेख किया गया।
इस वर्ष हुए भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को द्विपक्षीय संबंधों के लिए नई संभावनाओं का आधार बताया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध इतिहास की गहरी जड़ों पर टिके हैं, और प्रथम विश्व युद्ध में बेल्जियम की धरती पर हजारों भारतीय सैनिकों का साहस व बलिदान दोनों देशों की साझा स्मृति का अविभाज्य हिस्सा है। इससे पहले दोनों नेताओं ने हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, जिसके बाद रक्षा, खाद्य और स्वच्छ ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।

ऐतिहासिक रिश्तों की पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री मोदी ने बार्ट डी वेवर की पहली भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही यह उनकी पहली यात्रा हो, भारत से उनका परिचय पुराना है। मोदी ने बताया कि वेवर लंबे समय तक एन्टवर्प के मेयर रहे और उन्होंने वहाँ के बड़े भारतीय समुदाय तथा भारत-बेल्जियम हीरे के व्यापार को सदैव समर्थन दिया। उन्होंने कहा, "पहले विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा है।"

मोदी ने आगे जोड़ा कि आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाज़ार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच गहरे आपसी संबंध दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।

एक दशक में साझेदारी का विस्तार

दस वर्ष पूर्व की अपनी बेल्जियम यात्रा का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में दोनों देशों की साझेदारी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि सहयोग का दायरा अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुँच गया है। विशेष रूप से, दोनों देश जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर मिलकर काम कर रहे हैं।

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं में से एक विकसित की जा रही है — जो भारत-बेल्जियम स्वच्छ ऊर्जा सहयोग का प्रमुख उदाहरण है।

वैश्विक अनिश्चितता में भारत की आर्थिक स्थिरता

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है — कई हिस्सों में संघर्ष जारी है और खाद्य, ईंधन तथा आपूर्ति श्रृंखला हर क्षेत्र में अनिश्चितता का प्रभाव है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है और पिछले क्वार्टर में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्थाएँ मंदी की आशंकाओं से जूझ रही हैं। मोदी ने कहा कि भारत की विकास गाथा दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।

भारत-EU FTA और नई संभावनाएँ

प्रधानमंत्री ने इस वर्ष की शुरुआत में हुए भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच अभूतपूर्व सहयोग बताया, जो वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती देगा। मोदी के अनुसार, इस समझौते ने भारत-बेल्जियम आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं और आज की बैठक में इन्हें ठोस परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

गौरतलब है कि बेल्जियम यूरोपीय संघ का मुख्यालय राज्य है, जिससे यह यात्रा भारत-EU संबंधों के व्यापक संदर्भ में भी विशेष महत्व रखती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग के और गहरे होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस बड़े समझौते को ज़मीन पर उतारने की पहली कड़ी है। जोरावर टैंक पर सहयोग और काकीनाडा ग्रीन अमोनिया परियोजना दर्शाती हैं कि भारत रक्षा और ऊर्जा दोनों मोर्चों पर यूरोपीय साझेदारी को रणनीतिक गहराई दे रहा है। हालाँकि MoU की संख्या और क्षेत्र प्रभावशाली हैं, असली कसौटी यह होगी कि ये समझौते कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित होते हैं — क्योंकि भारत के कई पूर्व द्विपक्षीय MoU कागज़ों से आगे नहीं बढ़ पाए।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर की बैठक में क्या हुआ?
3 सितंबर 2026 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसके बाद रक्षा, खाद्य और स्वच्छ ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में MoU पर हस्ताक्षर हुए। संयुक्त प्रेस वार्ता में PM मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों और भारत-EU FTA की अहमियत पर प्रकाश डाला।
भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा सहयोग में क्या नया है?
दोनों देश आधुनिक जोरावर टैंक के विकास पर मिलकर काम कर रहे हैं, जो भारत-बेल्जियम रक्षा साझेदारी का प्रमुख उदाहरण है। इस यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में MoU का भी आदान-प्रदान हुआ।
काकीनाडा ग्रीन अमोनिया परियोजना क्या है?
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं में से एक विकसित की जा रही है, जो भारत-बेल्जियम स्वच्छ ऊर्जा सहयोग का हिस्सा है। यह परियोजना भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और वैश्विक हरित ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को मजबूत करती है।
PM मोदी ने प्रथम विश्व युद्ध का उल्लेख क्यों किया?
PM मोदी ने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध में बेल्जियम की धरती पर हजारों भारतीय सैनिकों ने साहस और बलिदान दिया, जो दोनों देशों की साझा ऐतिहासिक स्मृति का अहम हिस्सा है। यह उल्लेख दोनों देशों के संबंधों की गहरी जड़ों को रेखांकित करने के लिए किया गया।
भारत-EU FTA का भारत-बेल्जियम संबंधों पर क्या असर होगा?
इस वर्ष की शुरुआत में हुए भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते ने भारत-बेल्जियम आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाएँ खोली हैं। चूँकि बेल्जियम EU का मुख्यालय राज्य है, यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और गति दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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