भारत-बेल्जियम संबंध: PM मोदी बोले — WWI में भारतीय सैनिकों का बलिदान हमारी साझा विरासत
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध इतिहास की गहरी जड़ों पर टिके हैं, और प्रथम विश्व युद्ध में बेल्जियम की धरती पर हजारों भारतीय सैनिकों का साहस व बलिदान दोनों देशों की साझा स्मृति का अविभाज्य हिस्सा है। इससे पहले दोनों नेताओं ने हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, जिसके बाद रक्षा, खाद्य और स्वच्छ ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।
ऐतिहासिक रिश्तों की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मोदी ने बार्ट डी वेवर की पहली भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही यह उनकी पहली यात्रा हो, भारत से उनका परिचय पुराना है। मोदी ने बताया कि वेवर लंबे समय तक एन्टवर्प के मेयर रहे और उन्होंने वहाँ के बड़े भारतीय समुदाय तथा भारत-बेल्जियम हीरे के व्यापार को सदैव समर्थन दिया। उन्होंने कहा, "पहले विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा है।"
मोदी ने आगे जोड़ा कि आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाज़ार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच गहरे आपसी संबंध दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।
एक दशक में साझेदारी का विस्तार
दस वर्ष पूर्व की अपनी बेल्जियम यात्रा का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में दोनों देशों की साझेदारी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि सहयोग का दायरा अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुँच गया है। विशेष रूप से, दोनों देश जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर मिलकर काम कर रहे हैं।
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं में से एक विकसित की जा रही है — जो भारत-बेल्जियम स्वच्छ ऊर्जा सहयोग का प्रमुख उदाहरण है।
वैश्विक अनिश्चितता में भारत की आर्थिक स्थिरता
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है — कई हिस्सों में संघर्ष जारी है और खाद्य, ईंधन तथा आपूर्ति श्रृंखला हर क्षेत्र में अनिश्चितता का प्रभाव है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है और पिछले क्वार्टर में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्थाएँ मंदी की आशंकाओं से जूझ रही हैं। मोदी ने कहा कि भारत की विकास गाथा दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।
भारत-EU FTA और नई संभावनाएँ
प्रधानमंत्री ने इस वर्ष की शुरुआत में हुए भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच अभूतपूर्व सहयोग बताया, जो वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती देगा। मोदी के अनुसार, इस समझौते ने भारत-बेल्जियम आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं और आज की बैठक में इन्हें ठोस परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
गौरतलब है कि बेल्जियम यूरोपीय संघ का मुख्यालय राज्य है, जिससे यह यात्रा भारत-EU संबंधों के व्यापक संदर्भ में भी विशेष महत्व रखती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग के और गहरे होने की उम्मीद है।