PM मोदी ने हैदराबाद हाउस में बेल्जियम PM डी वेवर से मुलाकात, FIH हॉकी विश्व कप 2026 के आयोजन पर दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 सितंबर 2026 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में मोदी ने डी वेवर को FIH हॉकी विश्व कप 2026 के भव्य आयोजन के लिए बधाई दी, जो 15 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड की सह-मेजबानी में संपन्न हुआ।
मोदी ने क्या कहा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पिछले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड ने मिलकर हॉकी विश्व कप का आयोजन किया था। इस विश्व कप के भव्य आयोजन के लिए मैं आपको बहुत बहुत बधाई देता हूं। मैं अपने खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदर्शन के लिए भी उनकी सराहना करता हूं।' यह टिप्पणी भारत-बेल्जियम संबंधों में खेल को एक सेतु के रूप में रेखांकित करती है।
विश्व कप के नतीजे
पुरुष वर्ग में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से हराकर खिताब जीता। महिला वर्ग में अर्जेंटीना ने 1-1 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को 3-1 से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की। यह टूर्नामेंट पुरुष और महिला दोनों वर्गों में एक साथ आयोजित हुआ।
भारतीय टीमों का प्रदर्शन
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम दूसरे राउंड से बाहर हो गई और टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही। यह प्रदर्शन 1975 के बाद से विश्व कप में पदक जीतने के इंतजार को और लंबा कर गया। हालांकि, कप्तान हरमनप्रीत ने व्यक्तिगत स्तर पर 8 गोल दागे और दक्षिण अफ्रीका के मुस्तफा कैसिएम के साथ संयुक्त रूप से दूसरे सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने जर्मनी को 3-1 से हराकर पाँचवाँ स्थान हासिल किया — जो टीम के लिए एक सकारात्मक समापन रहा, भले ही सेमीफाइनल में जगह नहीं बन सकी।
भारत-बेल्जियम संबंधों का संदर्भ
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हॉकी के क्षेत्र में बेल्जियम एक शीर्ष वैश्विक शक्ति है और भारत के साथ इस खेल में ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता रही है।
आगे की राह
भारतीय हॉकी टीम के विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब हॉकी इंडिया पर दबाव है कि वह अगले बड़े टूर्नामेंट से पहले रणनीतिक सुधार करे। वहीं, मोदी-डी वेवर की यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने के संकेत के रूप में देखी जा रही है।