जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ: संत समाज ने किया स्वागत, कमल नयन दास बोले — 'काबिल को मिली जिम्मेदारी'
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को संत समाज और ट्रस्ट से जुड़े धार्मिक नेताओं ने व्यापक समर्थन दिया है। 3 सितंबर को सामने आई इन प्रतिक्रियाओं में नियुक्ति को मंदिर के सुचारू और व्यवस्थित संचालन के लिए ज़रूरी कदम बताया गया है। विपक्ष की आलोचनाओं के बीच धार्मिक और सामाजिक संगठनों का यह समर्थन ट्रस्ट के लिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
संत समाज की प्रतिक्रिया
महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी और राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य कमल नयन दास ने नियुक्ति का खुलकर स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'यह बहुत अच्छी बात है। हर पहलू पर विचार किया गया है और यह फैसला सही है। वे काबिल हैं, इसीलिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।' उनका यह बयान उन आशंकाओं के बीच आया है जो नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने उठाई हैं।
चंपत राय की वापसी पर कमल नयन दास का रुख
ट्रस्ट में चंपत राय की संभावित वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर कमल नयन दास ने कहा, 'हम चंपत राय को लंबे समय से जानते हैं, जब से वे संगठन से जुड़े हैं। चंपत जैसा दूसरा कोई व्यक्ति नहीं हो सकता। सही समय आने पर सब कुछ संभाल लिया जाएगा। संगठन में अभी बहुत काम होना बाकी है।' यह टिप्पणी संकेत देती है कि ट्रस्ट के भीतर नेतृत्व संरचना अभी भी विकसित हो रही है।
वीएचपी का समर्थन
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के संरक्षक दिनेश चंद्र ने भी नई नियुक्ति पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा, 'एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को बहुत सोच-समझकर जिम्मेदारी दी गई है। हम उनसे मिलेंगे, हालात समझेंगे, उन्हें चीजें समझाएंगे और काम पर लगाएंगे। हम मिलकर काम करेंगे और अच्छा नतीजा निकलेगा।' गौरतलब है कि वीएचपी राम मंदिर आंदोलन से दशकों से जुड़ी रही है, इसलिए उसका समर्थन प्रतीकात्मक रूप से भी महत्त्वपूर्ण है।
विपक्ष की आलोचना
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडेय ने इस नियुक्ति पर तंज कसते हुए कहा कि 'अगर मुखिया ईमानदार होगा तो कर्मचारी भी ईमानदार होंगे।' यह बयान परोक्ष रूप से ट्रस्ट के पिछले प्रशासनिक कार्यकाल पर सवाल उठाता है। आलोचकों का कहना है कि एक सैन्य पृष्ठभूमि के अधिकारी को धार्मिक-सांस्कृतिक संस्था का प्रमुख बनाना अपने आप में विचारणीय है।
राम मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियाँ
इस बीच, राम मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियाँ भी जोरों पर हैं। मंदिर के आचार्य चंद्रभानु शर्मा ने बताया, 'जन्माष्टमी के जश्न की तैयारियाँ चल रही हैं और मंदिर प्रशासन सभी जरूरी इंतजाम कर रहा है। वहाँ मौजूद सभी भक्तों को भोग और प्रसाद बाँटा जाएगा।' यह उत्सव नई प्रशासनिक टीम के लिए पहली बड़ी सार्वजनिक परीक्षा भी मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जितेंद्र मिश्रा की कार्यशैली और प्राथमिकताएँ यह तय करेंगी कि ट्रस्ट किस दिशा में आगे बढ़ता है।