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राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, बोले — जीवन में दूसरी बार सेवा का अवसर मिला

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राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, बोले — जीवन में दूसरी बार सेवा का अवसर मिला

सारांश

भारतीय वायुसेना में चार दशक की सेवा के बाद एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर के पहले CEO बने हैं। अयोध्या पहुंचते ही उन्होंने कहा — जीवन में दूसरी बार सेवा का मौका मिला है, पहले देश की, अब भगवान राम की।

मुख्य बातें

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 3 सितंबर 2025 को एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया।
मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवारत रहे; उनके पास बड़े संस्थानों के प्रशासन का व्यापक अनुभव है।
चयन समिति ने तीन नामों का पैनल सौंपा था — राजेश पांडेय (IPS) , डॉ.
परेश सक्सेना (पूर्व DGP, बिहार) और दिनेश चंद्र (पूर्व IAS) — जिनमें से मिश्रा को चुना गया।
CEO के रूप में वे मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था , श्रद्धालु सुविधाओं और एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
मिश्रा ने कहा — कार्यभार संभालने के बाद ही भविष्य की योजनाओं का विवरण साझा किया जाएगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा 4 सितंबर 2025 को अयोध्या पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। ट्रस्ट ने 3 सितंबर को उन्हें राम मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया था — यह पद अब तक रिक्त था। मिश्रा ने कहा कि देश की सेवा के बाद अब उन्हें भगवान श्रीराम और उनके भक्तों की सेवा का अवसर मिला है।

अयोध्या में पहला दौरा और पहली प्रतिक्रिया

पत्रकारों से बातचीत में जितेंद्र मिश्रा ने कहा, 'इस नई ज़िम्मेदारी को संभालने के बाद अयोध्या का यह मेरा पहला दौरा है। पहले मैं जाकर अपना पद संभाल लूं, उसके बाद ही योजनाओं के बारे में बताऊंगा।' उन्होंने चयन समिति और ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'मेरा दिल आभार से भरा है और मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं कि मुझे जिंदगी में दो बार यह जिम्मेदारी मिली है — एक बार देश की सेवा करने की, और अब भगवान राम, मंदिर और उनके भक्तों की सेवा करने की।'

नियुक्ति प्रक्रिया और अन्य दावेदार

CEO के चयन के लिए गठित समिति ने ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय, बिहार के पूर्व DGP डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र के नाम शामिल थे। विचार-विमर्श के बाद ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई।

मिश्रा की पृष्ठभूमि और नई भूमिका

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। उनका यह लंबा सैन्य अनुभव और बड़े संस्थानों के प्रशासन में दक्षता ही उनकी नियुक्ति का आधार बनी। CEO के रूप में वे राम मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाओं के प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे इसी क्षेत्र के निवासी हैं और देवरिया, गोरखपुर तथा वाराणसी से उनका पुराना नाता है।

अयोध्या और राज्य के विकास पर नज़रिया

मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश तेज़ी से प्रगति कर रहे हैं और अयोध्या भी उसी गति से विकसित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यभार संभालने के बाद ही वे भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा देंगे। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे एक अनुभवी प्रशासक की आवश्यकता और भी ज़रूरी हो गई थी।

आगे क्या

मिश्रा के कार्यभार संभालने के बाद राम मंदिर प्रशासन के पुनर्गठन और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, CEO की नियुक्ति से मंदिर प्रबंधन में दीर्घकालिक संस्थागत स्थिरता आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा प्रशासनिक पारदर्शिता और श्रद्धालु प्रबंधन में होगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ और बुनियादी ढाँचे पर दबाव को देखते हुए, एक अनुभवी सैन्य अधिकारी की नियुक्ति तार्किक है — लेकिन धार्मिक संस्था का प्रशासन और सैन्य संगठन की कार्यशैली में बुनियादी फ़र्क होता है। ट्रस्ट को यह सुनिश्चित करना होगा कि CEO की भूमिका स्पष्ट रूप से परिभाषित हो और धार्मिक-प्रशासनिक शक्तियों के बीच संतुलन बना रहे।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति कब हुई?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 3 सितंबर 2025 को एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। यह पद अब तक रिक्त था और मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर CEO क्यों चुना गया?
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं और बड़े संस्थानों के संचालन में उनकी दक्षता को ट्रस्ट ने प्रमुख आधार माना। चयन समिति ने तीन नामों का पैनल सौंपा था, जिनमें से विचार-विमर्श के बाद मिश्रा के नाम पर सहमति बनी।
राम मंदिर CEO की जिम्मेदारियाँ क्या होंगी?
CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाओं के प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा है कि कार्यभार संभालने के बाद ही भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया जाएगा।
CEO चयन के लिए और कौन-से नाम पैनल में थे?
चयन समिति ने ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था — उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय, बिहार के पूर्व DGP डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र। विचार-विमर्श के बाद ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा को चुना।
जितेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर क्या कहा?
मिश्रा ने कहा कि उन्हें जीवन में दो बार सेवा का अवसर मिला है — पहले देश की सेवा और अब भगवान राम, मंदिर और उनके भक्तों की सेवा। उन्होंने यह भी कहा कि पद संभालने के बाद ही वे योजनाओं का विवरण साझा करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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