राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, बोले — जीवन में दूसरी बार सेवा का अवसर मिला
सारांश
मुख्य बातें
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा 4 सितंबर 2025 को अयोध्या पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। ट्रस्ट ने 3 सितंबर को उन्हें राम मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया था — यह पद अब तक रिक्त था। मिश्रा ने कहा कि देश की सेवा के बाद अब उन्हें भगवान श्रीराम और उनके भक्तों की सेवा का अवसर मिला है।
अयोध्या में पहला दौरा और पहली प्रतिक्रिया
पत्रकारों से बातचीत में जितेंद्र मिश्रा ने कहा, 'इस नई ज़िम्मेदारी को संभालने के बाद अयोध्या का यह मेरा पहला दौरा है। पहले मैं जाकर अपना पद संभाल लूं, उसके बाद ही योजनाओं के बारे में बताऊंगा।' उन्होंने चयन समिति और ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'मेरा दिल आभार से भरा है और मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं कि मुझे जिंदगी में दो बार यह जिम्मेदारी मिली है — एक बार देश की सेवा करने की, और अब भगवान राम, मंदिर और उनके भक्तों की सेवा करने की।'
नियुक्ति प्रक्रिया और अन्य दावेदार
CEO के चयन के लिए गठित समिति ने ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय, बिहार के पूर्व DGP डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र के नाम शामिल थे। विचार-विमर्श के बाद ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई।
मिश्रा की पृष्ठभूमि और नई भूमिका
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। उनका यह लंबा सैन्य अनुभव और बड़े संस्थानों के प्रशासन में दक्षता ही उनकी नियुक्ति का आधार बनी। CEO के रूप में वे राम मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाओं के प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे इसी क्षेत्र के निवासी हैं और देवरिया, गोरखपुर तथा वाराणसी से उनका पुराना नाता है।
अयोध्या और राज्य के विकास पर नज़रिया
मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश तेज़ी से प्रगति कर रहे हैं और अयोध्या भी उसी गति से विकसित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यभार संभालने के बाद ही वे भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा देंगे। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे एक अनुभवी प्रशासक की आवश्यकता और भी ज़रूरी हो गई थी।
आगे क्या
मिश्रा के कार्यभार संभालने के बाद राम मंदिर प्रशासन के पुनर्गठन और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, CEO की नियुक्ति से मंदिर प्रबंधन में दीर्घकालिक संस्थागत स्थिरता आएगी।