राम मंदिर ट्रस्ट का नया सीईओ: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, 5,000 उम्मीदवारों में हुए चयनित
सारांश
मुख्य बातें
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर 2026 को अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रबंधन और संचालन के लिए भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। 5,000 से अधिक आवेदकों के बीच से हुई इस चयन प्रक्रिया पर अब अंतिम मुहर लग चुकी है।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने एक महत्वपूर्ण बैठक में नए सीईओ की नियुक्ति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसके बाद एक योग्य, अनुभवी और सुशासन में दक्ष उम्मीदवार की खोज शुरू हुई। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पद के लिए आवेदन किया, लेकिन अंततः रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का चयन किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब ट्रस्ट पर प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। एक अनुशासित सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारी की नियुक्ति को इन्हीं चिंताओं के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर
6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त करने वाले मिश्रा नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), एयर फोर्स एकेडमी और एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने अमेरिका के अलबामा स्थित एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
मिश्रा एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने 38 वर्षों से अधिक के सैन्य करियर में फाइटर स्क्वाड्रन कमांडर, चीफ टेस्ट पायलट, एयर मुख्यालय में विभिन्न वरिष्ठ पदों तथा डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के रूप में सेवाएँ दीं।
1 जनवरी 2025 को उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला और 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए।
कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका
कारगिल युद्ध के दौरान मिश्रा ने मिराज-2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को संचालन में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में इन बमों का उपयोग 'ऑपरेशन सफेद सागर' के तहत टाइगर हिल और मुंथो ढालो जैसे रणनीतिक ठिकानों पर हमलों में किया गया।
स्वतंत्रता दिवस 2025 पर उन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें 2024 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2013 में विशिष्ट सेवा मेडल भी प्राप्त हो चुका है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अनुभव
अपने वरिष्ठ पदों पर रहते हुए मिश्रा ने एयर मुख्यालय में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के निदेशक, असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स), ASTE के कमांडेंट तथा डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। गौरतलब है कि इतने विविध प्रशासनिक और परिचालन अनुभव वाले अधिकारी का चयन ट्रस्ट की प्रबंधन संरचना को और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक सुविचारित कदम माना जा रहा है।
आगे की राह
रिटायर्ड एयर मार्शल मिश्रा के नेतृत्व में राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढाँचे को और सुदृढ़ किए जाने की उम्मीद है। उनकी नियुक्ति से ट्रस्ट में पारदर्शिता, अनुशासन और दीर्घकालिक संस्थागत प्रबंधन की नींव मज़बूत होने की संभावना है।