राम मंदिर CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सतीश महाना बोले — पहले देश की रक्षा, अब राम सेवा
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के बाद 3 सितंबर 2026 को राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने इस नियुक्ति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि एक समर्पित सैन्य अधिकारी के हाथों में मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी आना संस्था को और मजबूत बनाएगा।
स्पीकर महाना का स्वागत संबोधन
सतीश महाना ने कहा, 'पूरे देश ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर की सेवा की जिम्मेदारी एक ऐसे व्यक्ति को सौंपी है जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है।' उन्होंने जितेंद्र मिश्रा की ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदू धर्म की परंपरा भारत माता की सेवा के प्रति समर्पण की सीख देती है। महाना ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के उस कथन का भी संदर्भ दिया जिसमें कहा गया है कि 'माँ और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक अनुभवी और देशभक्त अधिकारी के नेतृत्व में मंदिर की व्यवस्था 'और अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी।'
चढ़ावा चोरी विवाद और विपक्ष का रुख
गौरतलब है कि यह नियुक्ति राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद हुई है, जिसे लेकर विपक्ष ने इसे 'डैमेज कंट्रोल' का कदम करार दिया है। इस पर पलटवार करते हुए स्पीकर महाना ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चढ़ावा चोरी की घटना हुई। मामले की जाँच के लिए एक एसआईटी बनाई गई थी और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए गए, उन्हें सजा दी गई है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'कुछ लोगों की हरकतों की वजह से संस्थाओं को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।'
महाना के अनुसार ट्रस्ट ने शिकायत दर्ज कराई, सरकार ने संज्ञान लिया और दोषी व्यक्ति अब जेल में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो रही है।
BJP का समर्थन
हैदराबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने भी इस नियुक्ति को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा, 'अयोध्या में जो बदलाव हुए हैं और ट्रस्ट ने जो नियुक्तियाँ की हैं, वे बहुत अच्छे ढंग से की गई हैं।' राव ने विश्वास जताया कि अयोध्या को लेकर जारी विवाद जल्द समाप्त होगा और प्रशासनिक मामले सुचारु रूप से संभाले जाएंगे।
आगे क्या होगा
एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा के CEO पद संभालने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढाँचे में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और तीर्थयात्री सेवाओं में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में रहने की संभावना है। विपक्ष की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नई नियुक्ति संस्थागत पारदर्शिता के वादे को व्यवहार में कितना उतार पाती है।