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राम मंदिर CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सतीश महाना बोले — पहले देश की रक्षा, अब राम सेवा

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राम मंदिर CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सतीश महाना बोले — पहले देश की रक्षा, अब राम सेवा

सारांश

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को CEO नियुक्त किया। UP स्पीकर सतीश महाना ने इसे देशभक्ति और सेवा का संगम बताया, जबकि विपक्ष इसे चढ़ावा चोरी विवाद के बाद 'डैमेज कंट्रोल' कह रहा है।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का नया CEO नियुक्त किया।
UP विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि मंदिर प्रबंधन 'और पारदर्शी और मजबूत' होगा।
मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी — महाना ने इसे उनकी योग्यता का प्रमाण बताया।
चढ़ावा चोरी मामले में गठित एसआईटी की जाँच में दोषी पाए गए लोग जेल में हैं, महाना ने पुष्टि की।
BJP के हैदराबाद प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने भी नियुक्ति को 'सही कदम' बताया।

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के बाद 3 सितंबर 2026 को राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने इस नियुक्ति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि एक समर्पित सैन्य अधिकारी के हाथों में मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी आना संस्था को और मजबूत बनाएगा।

स्पीकर महाना का स्वागत संबोधन

सतीश महाना ने कहा, 'पूरे देश ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर की सेवा की जिम्मेदारी एक ऐसे व्यक्ति को सौंपी है जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है।' उन्होंने जितेंद्र मिश्रा की ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदू धर्म की परंपरा भारत माता की सेवा के प्रति समर्पण की सीख देती है। महाना ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के उस कथन का भी संदर्भ दिया जिसमें कहा गया है कि 'माँ और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक अनुभवी और देशभक्त अधिकारी के नेतृत्व में मंदिर की व्यवस्था 'और अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी।'

चढ़ावा चोरी विवाद और विपक्ष का रुख

गौरतलब है कि यह नियुक्ति राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद हुई है, जिसे लेकर विपक्ष ने इसे 'डैमेज कंट्रोल' का कदम करार दिया है। इस पर पलटवार करते हुए स्पीकर महाना ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चढ़ावा चोरी की घटना हुई। मामले की जाँच के लिए एक एसआईटी बनाई गई थी और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए गए, उन्हें सजा दी गई है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'कुछ लोगों की हरकतों की वजह से संस्थाओं को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।'

महाना के अनुसार ट्रस्ट ने शिकायत दर्ज कराई, सरकार ने संज्ञान लिया और दोषी व्यक्ति अब जेल में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो रही है।

BJP का समर्थन

हैदराबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने भी इस नियुक्ति को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा, 'अयोध्या में जो बदलाव हुए हैं और ट्रस्ट ने जो नियुक्तियाँ की हैं, वे बहुत अच्छे ढंग से की गई हैं।' राव ने विश्वास जताया कि अयोध्या को लेकर जारी विवाद जल्द समाप्त होगा और प्रशासनिक मामले सुचारु रूप से संभाले जाएंगे।

आगे क्या होगा

एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा के CEO पद संभालने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढाँचे में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और तीर्थयात्री सेवाओं में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में रहने की संभावना है। विपक्ष की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नई नियुक्ति संस्थागत पारदर्शिता के वादे को व्यवहार में कितना उतार पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह नियुक्ति संस्थागत सुधार की शुरुआत है या केवल छवि प्रबंधन। चढ़ावा चोरी जैसी घटना ने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रशासन में संरचनात्मक खामियाँ हैं जिन्हें केवल एक नए चेहरे से नहीं सुधारा जा सकता। विपक्ष का 'डैमेज कंट्रोल' वाला आरोप तभी निराधार साबित होगा जब नया CEO चढ़ावा प्रबंधन और ऑडिट में पारदर्शी बदलाव लाए। देशभक्ति की साख काफी है — पर मंदिर प्रशासन को जवाबदेही के ठोस तंत्र की भी उतनी ही जरूरत है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का CEO क्यों नियुक्त किया गया?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव और सैन्य सेवा के आधार पर CEO नियुक्त किया। UP स्पीकर सतीश महाना के अनुसार, उनकी नियुक्ति मंदिर प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है।
ऑपरेशन सिंदूर में जितेंद्र मिश्रा की क्या भूमिका थी?
सतीश महाना के बयान के अनुसार, एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी। यही उनकी देशसेवा की पृष्ठभूमि है जिसे ट्रस्ट ने नियुक्ति का आधार माना।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई?
चढ़ावा चोरी की घटना के बाद एक एसआईटी गठित की गई थी। स्पीकर सतीश महाना ने बताया कि जाँच में दोषी पाए गए लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है और वे जेल में हैं। ट्रस्ट ने शिकायत दर्ज कराई थी और सरकार ने मामले का संज्ञान लिया था।
विपक्ष ने इस नियुक्ति को 'डैमेज कंट्रोल' क्यों कहा?
विपक्ष का तर्क है कि यह नियुक्ति राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद हुई है, इसलिए यह ट्रस्ट की छवि सुधारने की कोशिश है। स्पीकर महाना ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोगों की गलती के कारण पूरी संस्था को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
BJP ने इस नियुक्ति पर क्या प्रतिक्रिया दी?
हैदराबाद से BJP के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने नियुक्ति को 'सही कदम' बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में हो रहे बदलाव सकारात्मक हैं और उन्हें उम्मीद है कि प्रशासनिक विवाद जल्द सुलझ जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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