3 सितंबर 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ एयर मार्शल (रि.) जीतेंद्र मिश्रा: BJP का स्वागत, विपक्ष ने चढ़ावा चोरी पर माँगा जवाब

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राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ एयर मार्शल (रि.) जीतेंद्र मिश्रा: BJP का स्वागत, विपक्ष ने चढ़ावा चोरी पर माँगा जवाब

सारांश

राम मंदिर ट्रस्ट को मिला नया सीईओ — लेकिन नियुक्ति से ज़्यादा सवाल चढ़ावा चोरी के आरोपों पर हैं। BJP ने ऑपरेशन सिंदूर के दौर के एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को देशसेवा का सम्मान बताया, जबकि विपक्ष ने पूछा — पहले जवाबदेही, फिर जश्न।

मुख्य बातें

एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया सीईओ नियुक्त किया गया है।
BJP नेता लाकेट चटर्जी , प्रवक्ता आरपी सिंह और UP उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नियुक्ति का स्वागत किया।
UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कथित चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई की माँग की।
तेलंगाना के मंत्री एन.
उत्तम कुमार रेड्डी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं को 'चौंकाने वाला' बताया।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने उम्मीद जताई कि नई नियुक्ति से मंदिर का वित्तीय प्रबंधन मज़बूत होगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। 2 सितंबर को सामने आई इस नियुक्ति पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं — एक ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे सकारात्मक कदम बताया, तो दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं पर जवाबदेही की माँग उठाई है।

BJP का स्वागत: देशसेवा को मिला सम्मान

BJP नेता लाकेट चटर्जी ने नियुक्ति को 'अच्छी खबर' करार दिया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा और सुरक्षा में योगदान देने वाले व्यक्ति को रामलला से जुड़ी जिम्मेदारी मिलना एक सकारात्मक संदेश है और यह एक तरह का आशीर्वाद है।

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने मिश्रा को बधाई देते हुए कहा कि वे उस समय एयर मार्शल के पद पर थे जब ऑपरेशन सिंदूर संचालित हुआ था। उन्होंने उम्मीद जताई कि मिश्रा ट्रस्ट के कामकाज को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करेंगे।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी मिश्रा को बधाई दी और भगवान श्रीराम की कृपा से ट्रस्ट के सभी कार्य सुचारु रूप से संपन्न होने की कामना की।

विपक्ष के सवाल: चढ़ावा चोरी पर जवाबदेही कब?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने नियुक्ति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि केवल सीईओ बदलने से क्या होगा, जब तक मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोपियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं होती। उनका कहना है कि जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित किए बिना यह नियुक्ति महज एक औपचारिकता है।

तेलंगाना के मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि राम मंदिर में दिए जाने वाले दान और चढ़ावे करोड़ों भारतीयों की आस्था से जुड़े हैं। उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं को 'बेहद चौंकाने वाला' बताया और कहा कि यह और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि कथित तौर पर यह उन लोगों की निगरानी में हुआ जो स्वयं को धर्मनिष्ठ हिंदू बताते हैं।

हिमाचल विपक्ष नेता की शुभकामनाएँ

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने ट्रस्ट को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है और उम्मीद है कि आगे भी इससे जुड़े सभी कार्यों में आस्था का भाव प्रमुख बना रहेगा तथा लोगों का विश्वास और मज़बूत होगा।

इमाम एसोसिएशन की प्रतिक्रिया और वित्तीय प्रबंधन पर उम्मीद

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने सवाल उठाया कि सेना में जिम्मेदारी संभाल चुके व्यक्ति के लिए धार्मिक मंदिर का प्रबंधन किस तरह की चुनौती होगी। हालाँकि, उन्होंने माना कि ट्रस्ट के सदस्यों ने विधिवत चयन प्रक्रिया के बाद मिश्रा पर भरोसा जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस नियुक्ति से मंदिर के वित्तीय प्रबंधन को और मज़बूत करने में मदद मिलेगी।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट पर कथित चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्षी दलों का दबाव बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि नए सीईओ के नेतृत्व में ट्रस्ट इन आरोपों का सामना कैसे करता है और पारदर्शिता की दिशा में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या एक सैन्य पृष्ठभूमि वाला नेतृत्व उस संस्थागत विश्वास-घाटे को पाट सकता है जो कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों ने पैदा किया है। ट्रस्ट के पास करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और अरबों रुपये का चढ़ावा है — फिर भी अब तक कोई स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट सार्वजनिक नहीं हुआ। नया सीईओ तभी विश्वसनीय होगा जब वह पारदर्शी लेखा-परीक्षा और जवाबदेही तंत्र स्थापित करे — वरना यह नियुक्ति भी विवाद की उसी लंबी सूची में जुड़ जाएगी जिसने मंदिर प्रशासन की छवि को धुंधला किया है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ कौन हैं?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा को नया सीईओ नियुक्त किया है। मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर मार्शल के पद पर कार्यरत थे।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला क्या है?
विपक्षी नेताओं ने राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। अब तक इस मामले में कोई सार्वजनिक जाँच रिपोर्ट या आधिकारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
BJP ने इस नियुक्ति का स्वागत क्यों किया?
BJP नेताओं का कहना है कि देश की सेवा और सुरक्षा में योगदान देने वाले व्यक्ति को रामलला से जुड़ी जिम्मेदारी मिलना सकारात्मक है। प्रवक्ता आरपी सिंह ने उम्मीद जताई कि मिश्रा ट्रस्ट को पारदर्शिता के साथ संचालित करेंगे।
विपक्ष की मुख्य माँग क्या है?
UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सहित विपक्षी नेताओं की माँग है कि नए सीईओ की नियुक्ति के साथ-साथ कथित चढ़ावा चोरी के आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी होनी चाहिए। उनका कहना है कि जवाबदेही के बिना यह नियुक्ति अधूरी है।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन ने इस नियुक्ति पर क्या कहा?
एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने सवाल उठाया कि सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के लिए धार्मिक मंदिर का प्रबंधन एक नई चुनौती होगी। हालाँकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे मंदिर का वित्तीय प्रबंधन मज़बूत होगा।
राष्ट्र प्रेस
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