राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा: BJP का स्वागत, विपक्ष ने चढ़ावा चोरी पर माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ने 2 सितंबर 2026 को राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस निर्णय को देशसेवा के प्रतीक व्यक्ति को रामलला की सेवा का अवसर मिलने के रूप में सराहा, वहीं विपक्षी दलों ने मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं पर जवाबदेही की माँग को फिर से उठा दिया।
मुख्य नियुक्ति और BJP का रुख
BJP नेता लाकेट चटर्जी ने नियुक्ति को 'अच्छी खबर' करार देते हुए कहा कि जो व्यक्ति देश की सुरक्षा में अपनी सेवाएँ समर्पित कर चुका हो, उसे रामलला से जुड़ी जिम्मेदारी मिलना एक सकारात्मक और आशीर्वाद-स्वरूप घटना है। उन्होंने कहा कि यह संदेश देता है कि राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने वालों को भगवान का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है।
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने जीतेंद्र मिश्रा को बधाई देते हुए उल्लेख किया कि वे उस समय एयर मार्शल के पद पर थे जब ऑपरेशन सिंदूर संचालित हुआ था। सिंह ने उम्मीद जताई कि मिश्रा ट्रस्ट के कामकाज को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करेंगे।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी नवनियुक्त CEO को बधाई दी और भगवान श्रीराम की कृपा से सभी कार्यों के सुचारु रूप से संपन्न होने की प्रार्थना की।
विपक्ष की चुनौती: चढ़ावा चोरी पर जवाबदेही
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने नियुक्ति पर सीधे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि क्या मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई हुई है और क्या नए CEO उन पर कार्रवाई करेंगे जिन पर यह आरोप लगे हैं। राय ने कहा कि केवल एक नई नियुक्ति को बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं — मंदिर प्रशासन में वास्तविक जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
तेलंगाना के मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान और चढ़ावे के संदर्भ में कथित अनियमितताओं का सामने आना उनके लिए अत्यंत चौंकाने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि यह और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि ये घटनाएँ कथित तौर पर उन लोगों की निगरानी में हुईं जो खुद को अत्यंत धार्मिक बताते हैं।
हिमाचल विपक्ष नेता की प्रतिक्रिया
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने ट्रस्ट को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंदिर से जुड़े सभी कार्यों में आस्था का भाव प्रमुख बना रहेगा और लोगों का विश्वास और सुदृढ़ होगा। गौरतलब है कि ठाकुर BJP से हैं, और उनकी प्रतिक्रिया तुलनात्मक रूप से संयमित और भावनात्मक रही।
इमाम एसोसिएशन की अनूठी टिप्पणी
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने सवाल उठाया कि सैन्य पृष्ठभूमि के व्यक्ति के लिए एक धार्मिक मंदिर का प्रशासनिक प्रबंधन किस प्रकार की चुनौती होगी। हालाँकि उन्होंने यह भी माना कि ट्रस्ट के सदस्यों ने एक विस्तृत चयन प्रक्रिया के बाद जीतेंद्र मिश्रा पर भरोसा जताया है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि इस नियुक्ति से मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और खातों की पारदर्शिता को बल मिलेगा।
आगे क्या होगा
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट पर चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर विपक्ष लगातार दबाव बनाए हुए है। जीतेंद्र मिश्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर जनता और विपक्ष दोनों को संतुष्ट कर सकें। आने वाले हफ्तों में ट्रस्ट का रुख और नए CEO की कार्यशैली इस विवाद की दिशा तय करेगी।