दुर्गा पूजा 2026: कोलकाता पुलिस के 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' को मिले गुलाबी वेस्टकोट और नए हेलमेट
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस के 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' की महिला सदस्यों को अब ड्यूटी के दौरान विशेष रूप से डिज़ाइन की गई गुलाबी और नारंगी रंग की वेस्टकोट पहनना अनिवार्य होगा, जिन पर देवी दुर्गा का चेहरा और उनका त्रिशूल अंकित होगा। 30 जुलाई 2026 को जारी इस जानकारी के अनुसार, यह कदम दुर्गा पूजा से पहले महिला सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया है।
नई वेस्टकोट की विशेषताएँ
स्कूटर पर गश्त करने वाली स्क्वाड सदस्यों के लिए तैयार इस वेस्टकोट के आगे और पीछे दोनों तरफ देवी दुर्गा का चेहरा और त्रिशूल बना होगा। वेस्टकोट पर अंग्रेज़ी में 'Durga Suraksha Squad' भी लिखा जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह डिज़ाइन स्क्वाड की दोहरी भूमिका को दर्शाता है — मुसीबत में फँसी महिलाओं की सहानुभूतिपूर्वक मदद करना और महिलाओं के खिलाफ अपराध व हिंसा के मामलों में सख्त कार्रवाई करना।
लालबाज़ार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय ने लगभग ₹2.75 लाख की लागत से 110 वेस्टकोट का ऑर्डर दिया है। निर्माताओं को निर्देश दिए गए हैं कि ये वेस्टकोट प्रोफेशनल, मज़बूत और आरामदायक हों, तथा इनसे ड्यूटी के दौरान काम करने की क्षमता पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।
गुलाबी हेलमेट भी होंगे शामिल
वेस्टकोट के अलावा, स्क्वाड सदस्यों को कोलकाता पुलिस के लोगो वाले नए गुलाबी हेलमेट भी प्रदान किए जाएँगे। इन हेलमेट में कई परतों वाली सॉफ्ट पैडिंग, पूर्ण साइड प्रोटेक्शन, चिन गार्ड और उचित वेंटिलेशन की सुविधा होगी। पुलिस ने लगभग ₹1.08 लाख की लागत से करीब 80 हेलमेट का ऑर्डर दिया है।
दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड की पृष्ठभूमि
दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड को जुलाई 2026 की शुरुआत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने और शहर में महिला सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यह स्क्वाड मुख्य रूप से कोलकाता में स्कूटर पर गश्त करती है। गौरतलब है कि इस पहल को एक व्यापक संयुक्त गश्त नेटवर्क का समर्थन प्राप्त है, जिसमें शहर भर के पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, महिला पुलिस स्टेशन और महिला सेल के कर्मी शामिल हैं।
आम जनता और महिला सुरक्षा पर असर
यह पहल ऐसे समय में आई है जब दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक उमड़ते हैं, और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिला सुरक्षा एक प्रमुख चिंता बनी रहती है। विशिष्ट पहचान योग्य वर्दी और हेलमेट से स्क्वाड सदस्यों की दृश्यता बढ़ेगी, जिससे ज़रूरतमंद महिलाएँ उन्हें आसानी से पहचान सकेंगी। आने वाले त्योहारी सीज़न में यह स्क्वाड कोलकाता की सड़कों पर और अधिक सक्रिय भूमिका में नज़र आएगी।