कोलकाता: विधानसभा चुनाव से पूर्व उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस का विशेष अभियान

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कोलकाता: विधानसभा चुनाव से पूर्व उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस का विशेष अभियान

सारांश

कोलकाता में विधानसभा चुनावों की तैयारी में पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए विशेष अभियान आरंभ किया है। क्या यह चुनावी हिंसा को रोकने में सफल होगा?

Key Takeaways

  • कोलकाता पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
  • 83 उपद्रवियों के नाम की पहचान की गई है।
  • पुलिस रिकॉर्ड और पिछले चुनावों के आंकड़ों का उपयोग किया गया है।
  • 64 उपद्रवियों के खिलाफ पहले से कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
  • चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी बाकी है।

कोलकाता, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में कोलकाता पुलिस ने शहर में संभावित उपद्रवियों की पहचान के लिए एक विशेष अभियान आरंभ किया है।

पुलिस आयुक्त ने हाल ही में सभी थानों के उपद्रव-विरोधी अधिकारियों (एआरओ) को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने पुलिस उपायुक्तों के समक्ष एक ‘रफ रजिस्टर’ प्रस्तुत करें, जिसमें उनके क्षेत्राधिकार के उपद्रवियों के नाम और विस्तृत जानकारी दर्ज की जाए।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह रिपोर्ट सोमवार को लालबाजार पुलिस मुख्यालय में प्रस्तुत की गई।

पुलिस के खुफिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक लगभग 83 ‘दागी’ उपद्रवियों के नाम लालबाजार को सौंपे जा चुके हैं।

ये नाम बेलियाघाटा, टॉपसिया, करेआ, फूलबागान, भांगर पुलिस थाना क्षेत्रों तथा कोलकाता पुलिस के हाल में शामिल किए गए क्षेत्रों से आए हैं।

इसके अतिरिक्त, बेहाला, परनाश्री और ठाकुरपुकुर क्षेत्रों के उपद्रवियों को भी सूची में शामिल किया गया है।

लालबाजार के अधिकारियों का कहना है कि इन थानों के क्षेत्राधिकार में और भी संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान संभावित हिंसा को रोकने के लिए अग्रिम तैयारियों के तहत फिलहाल 83 लोगों को संभावित उपद्रवी के रूप में चिन्हित किया गया है।

पुलिस के अनुसार, सूची तैयार करने में खुफिया विभाग के जांचकर्ताओं ने प्रत्येक थाने के एआरओ की सहायता की। यह सूची मुख्य रूप से 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 2024 के भारतीय आम चुनाव के दौरान हुई हिंसक घटनाओं से संबंधित आंकड़ों, पुलिस रिकॉर्ड और चार्जशीट के आधार पर बनाई गई है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूची में शामिल उपद्रवियों की संख्या बढ़ सकती है। इनमें से 64 व्यक्तियों के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि शेष 19 लोगों के खिलाफ जल्द ही कार्यवाही शुरू की जाएगी।

पुलिस की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता पुलिस के बेहाला और दक्षिण-पूर्वी डिवीजन में सबसे अधिक कुख्यात अपराधियों की पहचान की गई है, जहां से 11-11 नाम दर्ज किए गए हैं। इसके बाद भांगर और पूर्वी डिवीजन में 10-10 लोगों की पहचान की गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले चुनावों के अनुभव से यह पता चला है कि मतदान के दौरान उपद्रवी तत्व अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए लंबे समय से फरार उपद्रवियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की अभी घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पुलिस ने एहतियात के तौर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

Point of View

दोनों ही महत्वपूर्ण कदम हैं। यह स्थिति चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है, और इसलिए पुलिस की तैयारियाँ आवश्यक हैं।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

कोलकाता पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए क्या कदम उठाए हैं?
कोलकाता पुलिस ने खास अभियान शुरू किया है जिसमें सभी थानों के उपद्रव-विरोधी अधिकारियों को संदिग्ध उपद्रवियों की सूची तैयार करने का आदेश दिया गया है।
कितने उपद्रवियों के नाम पुलिस द्वारा पहचान लिए गए हैं?
पुलिस के अनुसार, अब तक लगभग 83 उपद्रवियों के नाम की पहचान की गई है।
इन उपद्रवियों की पहचान कैसे की गई?
ये नाम पुलिस रिकॉर्ड, चार्जशीट और पिछले चुनावों में हुई हिंसक घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई हैं।
क्या उपद्रवियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है?
जी हां, इनमें से 64 उपद्रवियों के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
क्या चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है?
अभी तक राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।
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