क्या योगी सरकार की पहल से मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना को गति मिल रही है?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
- योजना में 10 लाख रुपए तक का बैंक ऋण उपलब्ध है।
- योगी सरकार का लक्ष्य स्व-रोजगार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
- महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- ग्रामीण औद्योगिकीकरण और विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में ग्रामीण रोजगार और ग्रामीण औद्योगिकीकरण का स्थान सबसे ऊंचा है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में तेज़ी से प्रगति कर रही है।
इस वित्तीय वर्ष में अब तक योजना के अंतर्गत 94 इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिससे 648.63 लाख रुपए का पूंजी निवेश संभव हुआ है। इस पहल के माध्यम से 2,586 युवाओं को रोजगार मिला है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना ने इस वित्तीय वर्ष में मजबूत प्रगति की है और शेष अवधि में लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
यह योजना गांवों में उद्योग स्थापित कर स्थानीय युवाओं को उनके नजदीक ही रोजगार उपलब्ध कराने का अवसर प्रदान कर रही है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षित और तकनीकी योग्य बेरोजगार युवक-युवतियों को 10 लाख रुपए तक का बैंक ऋण दिया जा रहा है।
योगी सरकार ने उद्यमियों के लिए ब्याज सब्सिडी की बड़ी सुविधा दी है, जिसमें सामान्य वर्ग के उद्यमियों के लिए 4 प्रतिशत से ऊपर का ब्याज सरकार प्रदान करती है, जबकि आरक्षित वर्ग के उद्यमियों का पूरा ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
इस योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष एवं महिला उद्यमी पात्र हैं। चयन प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से की जाती है। सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जबकि आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान देना होता है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में और अधिक युवाओं को इस योजना से जोड़कर स्व-रोजगार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
योगी सरकार ग्रामीण विकास को सिर्फ सड़क और बिजली तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि ग्रामीण उद्योगों का एक नेटवर्क विकसित कर रही है। पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पकारों को सशक्त बना रही है।
महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, और साथ ही स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार सृजन हो रहा है। सरकार का मानना है कि 'गांव मजबूत होंगे तो प्रदेश मजबूत होगा'। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है।