मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना में 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्री का लक्ष्य, मोहन यादव ने पटवारियों को किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में दशकों से सरकारी जमीन पर बिना दस्तावेज़ के मकान बनाकर रहने वाले लाखों परिवारों को वैधानिक स्वामित्व दिलाने के लिए मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 6 नवंबर 2026 को मुरैना जिले के ग्राम करुआ में इस योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 200 से अधिक रजिस्ट्रियाँ पूरी करने वाले उत्कृष्ट पटवारियों को भी सम्मानित किया गया।
योजना की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि स्वाधीनता के बाद से ग्रामीण संपत्तियों की पक्की रजिस्ट्री एक बड़ी चुनौती रही है। लाखों रुपए खर्च कर पक्का मकान बनाने के बावजूद ग्रामीणों के पास कोई पंजीकृत दस्तावेज़ नहीं होता था, जिसके कारण बैंक उस संपत्ति पर ऋण देने से इनकार कर देते थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण आबादी को पट्टे दिए जाने के बाद अब राज्य सरकार ने पक्की रजिस्ट्री कराने का व्यापक अभियान छेड़ा है।
50 लाख रजिस्ट्री का बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत प्रदेशभर में 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्रियाँ कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण युवाओं की आर्थिक आकांक्षाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब गाँव के बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर या इंजीनियर बनेंगे और अपना नर्सिंग होम, अस्पताल या अन्य व्यवसाय खोलना चाहेंगे, तब बैंक ऋण के लिए रजिस्ट्री दस्तावेज़ उनके काम आएंगे। गौरतलब है कि जिन गाँवों में 80 से 100 प्रतिशत रजिस्ट्रियाँ पूर्ण हो चुकी हैं, वहाँ मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी धनतेरस के अवसर पर हितग्राहियों को दस्तावेज़ सौंप रहे हैं।
पटवारियों का अनुभव और सम्मान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में पटवारी मुकेश तिवारी एवं विवेक सिकरवार से रजिस्ट्री कार्य की विस्तृत जानकारी ली। पटवारियों ने बताया कि जब वे किसी ग्रामीण के मकान की रजिस्ट्री करा कर उसे पक्का मालिकाना अधिकार दिलाते हैं, तो हितग्राही के चेहरे पर आने वाली खुशी उन्हें आत्मिक संतोष देती है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि वर्षों से अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को न्याय दिलाने का अवसर बताया। 200 से अधिक रजिस्ट्रियाँ करने वाले उत्कृष्ट पटवारियों को मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्मानित किया।
किसान कल्याण और पशुपालन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यदि कोई किसान 25 गाय या भैंस खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेता है, जिस पर लगभग ₹40 लाख का खर्च आता है, तो सरकार उस पर ₹10 लाख का अनुदान दे रही है। इसके अलावा राज्य के सभी विकासखंडों में एक-एक गाँव को वृंदावन ग्राम के रूप में विकसित किया गया है और उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार का इरादा है कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा के ज़रिए दूर-दराज़ के ग्रामीण परिवारों को बेहतर संपर्क सुविधा मिले। स्वामित्व योजना के अंतर्गत शेष रजिस्ट्रियाँ पूरी करने का अभियान जारी रहेगा। यह योजना ग्रामीण भारत में संपत्ति अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में ग्रामीण ऋण तक पहुँच का रास्ता खोलेगी।