5 अक्टूबर 2026
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स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन का भारत दौरा: 9 साल बाद पहली यात्रा, PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता

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स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन का भारत दौरा: 9 साल बाद पहली यात्रा, PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

नौ साल के अंतराल के बाद स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन भारत पहुँचे हैं — और यह दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं है। टीईपीए की पहली वर्षगांठ, PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता और व्यापार-विज्ञान जगत के साथ बैठकों के साथ, यह यात्रा भारत-स्विट्जरलैंड आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने का मौका है।

मुख्य बातें

स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन 5 अक्टूबर 2026 को भारत पहुँचे — नौ साल में किसी स्विस राष्ट्रपति का यह पहला भारत दौरा है।
राजदूत माया तिस्साफी ने एक्स पर इस राजकीय यात्रा का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में राष्ट्रपति परमेलिन से द्विपक्षीय वार्ता की।
भारत-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट में टीईपीए (व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते) की पहली वर्षगांठ मनाई जाएगी।
दोनों नेता बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श करेंगे।

स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारत की राजकीय यात्रा शुरू की — यह नौ वर्षों में किसी स्विस राष्ट्रपति का पहला भारत दौरा है। भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया तिस्साफी ने इस यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए कहा कि अगले तीन दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, व्यापार जगत और विज्ञान क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ कई महत्त्वपूर्ण बैठकें होंगी।

राजदूत ने एक्स पर किया स्वागत

राजदूत माया तिस्साफी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन का भारत में बहुत-बहुत स्वागत है। इस अहम राजकीय दौरे पर नई दिल्ली में आपका स्वागत करना मेरे लिए खुशी की बात है। नौ साल में किसी स्विस राष्ट्रपति का यह पहला भारत दौरा है।' उन्होंने आगे लिखा कि अगले तीन दिनों में कई अहम बातचीत और बैठकें होंगी, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, व्यापार और विज्ञान जगत के प्रमुख लोगों के साथ मुलाकातें शामिल हैं।

टीईपीए की पहली वर्षगांठ का संदर्भ

राष्ट्रपति परमेलिन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) लागू होने की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है। राजदूत तिस्साफी ने एक्स पर यह भी बताया कि भारत-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट इस दौरे का एक विशेष आकर्षण होगा, जहाँ इस महत्त्वपूर्ण समझौते की वर्षगांठ मनाई जाएगी। यह समझौता स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिख्टेंश्टाइन सहित ईएफटीए के चार सदस्य देशों और भारत के बीच आर्थिक सहयोग का आधार है।

राष्ट्रपति परमेलिन के संबोधन की मुख्य बातें

राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में राष्ट्रपति परमेलिन ने कहा कि यह दौरा इस बात पर जोर देने का एक बेहतरीन मौका है कि स्विट्जरलैंड और भारत दोनों इस रिश्ते को कितनी अहमियत देते हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी भरोसे और सम्मान पर टिके हुए हैं।' परमेलिन ने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच 'करीबी, व्यापक और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को गहरा और मज़बूत बनाने की दिशा में अहम कदम' बताया।

PM मोदी से हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता

स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया और इसके बाद द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, साथ ही बहुपक्षीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।

आगे क्या होगा

यह तीन दिवसीय दौरा भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को नई ऊँचाई देने का अवसर है। व्यापार, विज्ञान और बहुपक्षीय सहयोग के एजेंडे के साथ यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शीर्ष-स्तरीय कूटनीतिक उपस्थिति के मामले में पीछे रहे। टीईपीए की पहली वर्षगांठ पर यह दौरा प्रतीकात्मक से अधिक है — यह एक परीक्षण है कि क्या व्यापार समझौता वास्तविक द्विपक्षीय निवेश में तब्दील हो रहा है। विज्ञान और व्यापार जगत के साथ बैठकें इस बात का संकेत हैं कि दोनों पक्ष सरकारी घोषणाओं से आगे उद्योग-स्तरीय साझेदारी की ओर बढ़ना चाहते हैं — जो किसी भी समझौते की असली कसौटी है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यह यात्रा भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने और टीईपीए (व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते) की पहली वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित की गई है। तीन दिनों में PM मोदी से वार्ता, भारत-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट और व्यापार-विज्ञान जगत के दिग्गजों से बैठकें होंगी।
यह दौरा इतना खास क्यों है?
नौ साल में किसी स्विस राष्ट्रपति का यह पहला भारत दौरा है, जो इसे कूटनीतिक दृष्टि से विशेष बनाता है। इसके साथ ही यह भारत-ईएफटीए टीईपीए की पहली वर्षगांठ पर हो रहा है, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।
भारत-ईएफटीए टीईपीए क्या है?
टीईपीए अर्थात व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता, भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) — जिसमें स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिख्टेंश्टाइन शामिल हैं — के बीच हस्ताक्षरित एक महत्त्वपूर्ण व्यापार समझौता है। इसकी पहली वर्षगांठ राष्ट्रपति परमेलिन की इस यात्रा के दौरान मनाई जा रही है।
PM मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन की बैठक में क्या मुद्दे उठे?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बहुपक्षीय मंचों पर भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
स्विस राजदूत माया तिस्साफी ने इस यात्रा पर क्या कहा?
राजदूत माया तिस्साफी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति परमेलिन का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि अगले तीन दिनों में PM मोदी, व्यापार और विज्ञान जगत के प्रमुख लोगों के साथ अहम बैठकें होंगी। उन्होंने इस दौरे को भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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