6 अक्टूबर 2026
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भारत-स्विट्जरलैंड विज्ञान साझेदारी पर राजदूत माया तिस्साफी का जोर, स्विस राष्ट्रपति पारमेलिन नोएडा एयरपोर्ट का करेंगे दौरा

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भारत-स्विट्जरलैंड विज्ञान साझेदारी पर राजदूत माया तिस्साफी का जोर, स्विस राष्ट्रपति पारमेलिन नोएडा एयरपोर्ट का करेंगे दौरा

सारांश

स्विस राजदूत माया तिस्साफी ने एक्स पर विज्ञान और नवाचार को दोनों देशों की साझेदारी की धुरी बताया। राष्ट्रपति पारमेलिन का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दौरा और 2026-27 एआई समिट की साझा कड़ी — भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों में तकनीकी सहयोग की नई इबारत लिख रहे हैं।

मुख्य बातें

स्विट्जरलैंड की राजदूत माया तिस्साफी ने केंद्रीय मंत्री डॉ.
जितेंद्र सिंह व स्विस राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन की मुलाकात को विज्ञान-नवाचार सहयोग के लिहाज़ से अहम बताया।
राजदूत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दोनों देश इनोवेशन के क्षेत्र में एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं।
भारत ने 2026 एआई समिट की मेजबानी की; 2027 में जिनेवा इसकी मेजबानी करेगा।
राष्ट्रपति पारमेलिन ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे; कार्गो टर्मिनल व कनेक्टिविटी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
पुलिस व प्रशासन ने दिल्ली-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था कड़ी की।

भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया तिस्साफी ने 6 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन की मुलाकात को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी की सबसे बड़ी विशेषता विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पारस्परिक सीख की संभावना है।

राजदूत का एक्स पर संदेश

राजदूत माया तिस्साफी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'स्विट्जरलैंड और भारत की साझेदारी की जो बातें मुझे सबसे ज़्यादा अहम लगती हैं, उनमें से एक है विज्ञान और इनोवेशन के क्षेत्र में एक-दूसरे से सीखने का मौका।' उन्होंने आगे कहा कि स्विस राष्ट्रपति पारमेलिन और डॉ. जितेंद्र सिंह के बीच हुई यह मुलाकात तेज़ी से बदलती टेक्नोलॉजी के संदर्भ में भावी सहयोग की नई संभावनाएँ तलाशने का एक सुनहरा अवसर थी।

तिस्साफी ने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने 2026 में एआई समिट की मेजबानी की थी, और 2027 में जिनेवा इसकी मेजबानी करेगा — जो दोनों देशों के बीच उभरती प्रौद्योगिकियों पर बढ़ते तालमेल का संकेत है।

स्विस राष्ट्रपति का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दौरा

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे। उनके दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा ग्रेटर नोएडा पहुँचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद कर दी है। यातायात को भी नियंत्रित किया गया है।

इस दौरे में राष्ट्रपति पारमेलिन को विशेष रूप से कार्गो टर्मिनल की व्यवस्थाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही यात्री सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जुड़ी भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होगी।

एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय महत्ता

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का यह दौरा एयरपोर्ट की वैश्विक साख को और मज़बूत करता है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने राष्ट्रपति की यात्रा के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।

भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने में जुटा है। गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड वैश्विक नवाचार सूचकांक में शीर्ष स्थान पर रहता है, जबकि भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में तेज़ी से अपनी रैंकिंग सुधार रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच विज्ञान-केंद्रित साझेदारी को नई गति मिलना रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

आगे क्या

स्विस राष्ट्रपति की यह यात्रा भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है। 2027 में जिनेवा में होने वाले एआई समिट से पहले दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग की रूपरेखा तय करने की दिशा में यह बैठकें और दौरे नींव का काम कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे एयरपोर्ट को स्विस निवेश या प्रौद्योगिकी हस्तांतरण मिलेगा या नहीं — यह अभी स्पष्ट नहीं है। भारत-स्विट्जरलैंड EFTA व्यापार वार्ताओं की पृष्ठभूमि में यह यात्रा संबंधों को नई गहराई देने की क्षमता रखती है, बशर्ते इरादे कागज़ से ज़मीन पर उतरें।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्विस राजदूत माया तिस्साफी ने भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी पर क्या कहा?
राजदूत माया तिस्साफी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दोनों देशों की साझेदारी में विज्ञान और इनोवेशन के क्षेत्र में एक-दूसरे से सीखने का मौका सबसे अहम है। उन्होंने स्विस राष्ट्रपति पारमेलिन और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मुलाकात को इस साझेदारी को आगे बढ़ाने का अच्छा अवसर बताया।
स्विस राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन नोएडा एयरपोर्ट का दौरा क्यों करेंगे?
स्विस राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे, जहाँ उन्हें कार्गो टर्मिनल की व्यवस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। यह दौरा एयरपोर्ट के वैश्विक महत्व को रेखांकित करता है।
2026 एआई समिट और 2027 जिनेवा समिट का भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों से क्या संबंध है?
भारत ने 2026 में एआई समिट की मेजबानी की, और 2027 में जिनेवा इसकी अगली मेजबान होगी। यह कड़ी दोनों देशों के बीच उभरती प्रौद्योगिकियों पर बढ़ते तालमेल को दर्शाती है और भावी सहयोग की नींव रखती है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का क्या महत्व है?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे NCR के लिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का दौरा इसकी वैश्विक साख को मज़बूत करता है और अंतरराष्ट्रीय उड़ान विस्तार की योजनाओं को बल देता है।
स्विस राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
स्विस राष्ट्रपति पारमेलिन के दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा ग्रेटर नोएडा आने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यातायात को भी नियंत्रित किया गया है और एयरपोर्ट प्रबंधन ने सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
राष्ट्र प्रेस
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