यमन: सना के पास हवाई हमलों में 11 की मौत, महिलाएं-बच्चे भी शामिल; सऊदी विमानों पर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
यमन की राजधानी सना के निकट बानी हुशैश जिले के 'अश शर्याह' गांव में शनिवार, 7 नवंबर को हुए हवाई हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। हूती-नियंत्रित मीडिया ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं और बचाव कार्य अभी भी जारी है, इसलिए आशंका है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।
हमले का विवरण और नुकसान
हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, हवाई हमलों में पांच रिहायशी घर पूरी तरह तबाह हो गए। बानी हुशैश जिले के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख ने बताया कि बचाव दलों ने मलबे से अब तक 11 शव निकाले हैं और तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
चैनल ने यह भी दावा किया कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने बाद में दो और हवाई हमले किए — पहला, बचाव कार्य में जुटे लोगों को निशाना बनाकर, और दूसरा गांव की ओर जाने वाली सड़कों पर। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो सकी है।
ताइज बाजार हमले के एक दिन बाद
गौरतलब है कि ये हमले उस घटना के ठीक एक दिन बाद हुए, जिसमें यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत के एक भीड़भाड़ वाले बाजार पर हुए हमले में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी और 8 अन्य घायल हुए थे। उस हमले की जिम्मेदारी को लेकर हूती समूह और यमनी सरकारी अधिकारियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। लगातार दो दिनों में बड़े पैमाने पर नागरिक हताहत यमन में बढ़ते संघर्ष की गंभीरता को उजागर करते हैं।
हूती-सऊदी तनाव की पृष्ठभूमि
ताजा हमले ऐसे समय हुए हैं जब हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। हूती समूह लगातार सऊदी अरब के अंदर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा कर रहा है। इसी हफ्ते बुधवार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने सऊदी क्षेत्र को निशाना बनाकर भेजे गए तीन ड्रोन मार गिराए, जिनमें से एक पश्चिमी मक्का क्षेत्र के ऊपर था।
वहीं, हूती समूह ने दावा किया था कि उसने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में एक हवाई अड्डे और एक एयरबेस पर ड्रोन तथा बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।
गठबंधन प्रवक्ता का बयान
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उनकी सेना ने मक्का क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। बाद में उन्होंने पुष्टि की कि दो और ड्रोन मार गिराए गए — एक पूर्वी प्रांत में और दूसरा दक्षिणी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था।
आम नागरिकों पर असर
यमन में वर्षों से जारी इस संघर्ष में हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाइयों के बीच आम नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने के बार-बार के आरोप और बाजारों तथा गांवों पर हमले यह संकेत देते हैं कि युद्धविराम की दिशा में प्रयास अब तक नतीजा नहीं दे पाए हैं। बचाव कार्य जारी रहने के साथ मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है।