यमन में हवाई हमले तेज: लाहज और ताइज में 6 की मौत, 23 घायल; अदन मार्ग पर खतरा
सारांश
मुख्य बातें
यमन के लाहज और ताइज प्रांतों में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को हुए हवाई हमलों और मिसाइल हमलों में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और 23 से अधिक लोग घायल हुए। स्थानीय सैन्य अधिकारियों और हूती मीडिया के अनुसार, दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन की ओर जाने वाले संवेदनशील मोर्चे पर संघर्ष और तेज हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
यमनी सरकारी सेना के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलें सरकार के नियंत्रण वाले लाहज प्रांत के एक सार्वजनिक बाज़ार में आकर गिरीं। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 लोग घायल हुए।
हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी ने दावा किया कि ताइज शहर के उत्तर में स्थित एक प्लास्टिक चप्पल बनाने वाले कारखाने पर हवाई हमला हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हुई और 8 घायल हुए। चैनल ने इस हमले के लिए सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों को जिम्मेदार ठहराया। घटनास्थल पर लगी आग को बुझाने के लिए नागरिक सुरक्षा दल लगातार काम करते रहे।
ताइज के दक्षिणी इलाके अश-शमायतेन जिले में हुए एक अन्य हवाई हमले में रिपोर्टों के अनुसार 2 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक महिला भी शामिल थी। इसके अलावा 5 अन्य लोग घायल हुए।
अदन मार्ग पर खतरा
ये हमले ऐसे समय में हुए जब ताइज-लाहज मोर्चे पर संघर्ष और तेज हो गया है। हाल के दिनों में हूती लड़ाके ताइज के पहाड़ी अल-मकतिराह इलाके से आगे बढ़ते हुए तुर अल-बाहा जिले की ओर बढ़े हैं, जो सरकार के नियंत्रण में है और अदन जाने वाले महत्वपूर्ण मार्गों पर स्थित है।
गौरतलब है कि अदन यमनी सरकार की अस्थायी राजधानी है, और इन मोर्चों पर हूती आगे बढ़ने से सरकारी प्रशासन के लिए रणनीतिक खतरा बढ़ जाता है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से सरकारी सेना हूती लड़ाकों की आगे बढ़ने की कोशिशों को रोकने का प्रयास कर रही है।
हूती समूह की प्रतिक्रिया
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरेया ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, 'हमारी सेना ने आज सऊदी क्षेत्र की ओर कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं की है।' हूती समूह ने उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें कहा गया था कि उसने पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाया था।
दूसरी ओर, हूती समूह कथित तौर पर सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों और सऊदी अरब के भीतर भी मिसाइल व ड्रोन हमले जारी रखे हुए है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
एक दशक से अधिक समय से यमन लगातार युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता और गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र इसे दुनिया की सबसे खराब मानवीय आपदाओं में से एक बता चुका है।
आगे क्या होगा
ताइज-लाहज मोर्चे पर बढ़ती सक्रियता और अदन मार्ग पर हूती दबाव से आने वाले दिनों में और तेज संघर्ष की आशंका है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इन घटनाक्रमों पर टिकी हैं क्योंकि किसी भी शांति वार्ता की संभावनाएँ इन मोर्चों पर स्थिरता से जुड़ी हैं।