ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर हमला: 'सपा की करतूतें जनता नहीं भूली, कारसेवकों पर गोली याद है'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 4 अक्टूबर 2026 को अयोध्या पहुँचकर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। पाठक ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में प्रदेश में गुंडागर्दी और माफिया संस्कृति पनपी, और कारसेवकों पर गोली चलाने की घटना अयोध्या की जनता आज भी नहीं भूली।
अखिलेश के प्रस्तावित दौरे पर तंज
अखिलेश यादव के अयोध्या में प्रस्तावित दौरे और रामकथा में शामिल होने को लेकर पाठक ने कहा कि वह व्यक्तिगत एजेंडे के तहत आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान राम और हनुमान जी से सपा नेताओं का कोई वास्तविक सरोकार नहीं है। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सनातन संस्कृति के विरोधी रही हैं और चुनाव के समय वोट के लिए अलग-अलग रूप धारण करती हैं, लेकिन जनता उनकी असलियत भली-भाँति समझती है।
सपा के शासनकाल पर सीधा हमला
पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को प्रदेश की जनता ने चार बार सरकार बनाने का मौका दिया, लेकिन उसके राज में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' जैसी व्यवस्था हावी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में बहू-बेटियों का घर से निकलना तक दूभर था। साथ ही उन्होंने सपा पर निषाद समाज के अपमान का आरोप लगाते हुए गोरखपुर की घटना का भी उल्लेख किया।
राम मंदिर और सनातन संस्कृति पर बयान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में सपा और कांग्रेस ने जितने रोड़े अटका सकती थीं, उन्होंने अटकाने की कोशिश की, लेकिन सनातन संस्कृति की पताका कभी नहीं झुकी। उन्होंने दावा किया कि प्रभु रामलला का भव्य मंदिर आज विश्व के सामने अपनी भव्यता बिखेर रहा है और सनातन संस्कृति अपने चरमोत्कर्ष पर है।
दीपोत्सव और 'भारत टैक्सी' पर भी बोले
आगामी दीपोत्सव को लेकर पाठक ने कहा कि इस वर्ष का उत्सव पिछले वर्ष से भी अधिक भव्य होगा और ऐसा वातावरण बनाया जाएगा जिसमें स्वयं प्रभु श्रीराम के पधारने का अनुभव हो। 'भारत टैक्सी' को लेकर विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय का कार्यक्रम है, जिसमें वाहन का मालिक स्वयं चालक होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि युवा आगे बढ़ें, जबकि प्रदेश सरकार युवाओं को हर हाल में सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सपा पर 'प्रभु राम के श्राप' का दावा
पाठक ने अखिलेश यादव को 'नाटक मंडली का पुराना सरगना' बताते हुए कहा कि कोई भी रूप धारण करने से जनता की नज़र में सच्चाई नहीं बदलती। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रभु राम समाजवादी पार्टी को श्राप दे चुके हैं कि वह अब कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापस नहीं आएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब सपा अयोध्या में अपनी धार्मिक पहुँच बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जिसे भाजपा सीधे चुनौती दे रही है।