क्या उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को जवाब दिया?
सारांश
Key Takeaways
- ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर आरोप
- समाजवादी पार्टी का सनातन संस्कृति से कोई संबंध नहीं
- अयोध्या की घटनाओं का संदर्भ
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि
- प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री मोदी के साथ काम करने की अपील
लखनऊ, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संबंध में अखिलेश यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का सनातन संस्कृति से कोई संबंध नहीं है।
अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा था कि भाजपा सनातन धर्म का अपमान कर रही है। इस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कहा, "समाजवादी पार्टी को बोलने का कोई अधिकार नहीं है। पहले उसे यह बताना होगा कि जब अयोध्या धाम में कार सेवक इकट्ठा हुए थे, तो उन्होंने निहत्थे कार सेवकों पर गोली क्यों चलाई और सरयू नदी का पानी क्यों खून से रंगा।"
उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा, "अखिलेश यादव केवल ढोंग कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी का सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है। इतिहास समाजवादी पार्टी को कभी माफ नहीं करेगा।"
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी को जाति आधारित दल बताते हुए कहा कि ऐसे दल जाति-धर्म, संप्रदाय के आधार पर समाज में विभेद डालते हैं। उन्होंने कहा, "अगर समाजवादी पार्टी जाति के आधार पर वोट मांगना बंद कर दे, तो यह दो टके की पार्टी रह जाएगी। मुस्लिम समाज अगर तय कर ले कि वह अपना नुमाइंदा आगे बढ़ाएगा, तो समाजवादी पार्टी प्रधानी का चुनाव भी नहीं जीत सकेगी।"
इस बीच, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर उनकी स्मृतियों को नमन करता हूं। उन्होंने भारत माता को ब्रिटिश शासन से आजाद कराने के लिए जो संघर्ष किया, वह देश और दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित करता रहेगा।"
उन्होंने कहा कि जहां-जहां आजादी के संघर्ष होते हैं, वहां नेताजी की स्मृतियां उन देशों को प्रेरणा देने का काम करती हैं। प्रदेश सरकार की तरफ से नेताजी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, "मां भारती के तिरंगे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह दुनिया के सर्वोच्च शिखर पर 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ पहुंचाने का बीड़ा उठाया है, सभी लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए तैयार रहें।"