काली पूजा के बाद पश्चिम बंगाल में बारिश का अलर्ट, तापमान 4 डिग्री तक गिरने के आसार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 नवंबर 2026 को जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में अगले 24 घंटों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। रविवार को काली पूजा तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन सोमवार से दक्षिण और उत्तर बंगाल में बारिश की गतिविधियाँ शुरू होने की संभावना जताई गई है।
मौसम का ताज़ा हाल
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार और रविवार को शहर में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे काली पूजा के दौरान पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ को राहत मिलेगी। तापमान में गिरावट का असर राज्य के पश्चिमी जिलों में सुबह और रात के समय अधिक महसूस किया जाएगा।
सोमवार से बदलेगा मौसम का मिज़ाज
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, 'रविवार को काली पूजा तक मौसम शुष्क रहेगा। सोमवार से मौसम में बदलाव शुरू होगा। दक्षिण और उत्तर बंगाल में बारिश होने की संभावना है।' उन्होंने आगे कहा कि कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, नादिया और मुर्शिदाबाद जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
मंगलवार-बुधवार को बढ़ेगी बारिश की तीव्रता
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को बारिश की गतिविधियाँ और तेज हो सकती हैं। दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में बुधवार तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। पश्चिम मेदिनीपुर में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। गौरतलब है कि उत्तर बंगाल के ऊपर बने नए निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के कारण यह मौसमी बदलाव आने की आशंका है।
उत्तर बंगाल में भी बारिश का पूर्वानुमान
उत्तर बंगाल में भी मंगलवार से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। बुधवार को दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी में हल्की बारिश होने का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में अतिरिक्त गिरावट के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
आम जनता पर असर
काली पूजा के उत्सव के बाद मौसम में यह बदलाव राज्य के किसानों और तटीय मछुआरों के लिए सतर्कता का संकेत है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में उत्सव का माहौल है और लाखों लोग काली पूजा के पंडालों में एकत्रित होते हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट के साथ सर्दी की दस्तक धीरे-धीरे महसूस होने लगेगी।