चक्रवात मुरासु कमजोर पड़ा, कोलकाता में पारा 23.5°C पर; अगले 2 दिन और गिरेगा तापमान
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता में 5 नवंबर 2026 को चक्रवात मुरासु के कमजोर पड़ने के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई — न्यूनतम पारा बुधवार के 25.8 डिग्री सेल्सियस से घटकर गुरुवार को 23.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तापमान अभी भी मौसमी औसत से 1.3 डिग्री अधिक है, परंतु अगले दो दिनों में पारा 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
मौसम में बदलाव की पृष्ठभूमि
चक्रवात मुरासु के कमजोर पड़ने के बाद दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में सूखा मौसम लौट आया है। ठंडी हवाओं ने कोलकाता और आसपास के इलाकों में गर्मी और उमस से लोगों को राहत दी है। शहर का अधिकतम तापमान भी बुधवार को 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो मौसमी सामान्य से 1.3 डिग्री कम है। यह बदलाव सर्दियों के शुरुआती आगमन का संकेत माना जा रहा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD के मुताबिक, रविवार तक इस क्षेत्र में बारिश की कोई संभावना नहीं है। गौरतलब है कि रविवार को काली पूजा है, जिससे पर्व के दौरान मौसम के साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, अगले सप्ताह से स्थिति बदल सकती है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे सोमवार से दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बारिश हो सकती है।
प्रभावित जिले और आने वाले खतरे
मौसम विभाग ने उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हावड़ा, हुगली, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में अगले सप्ताह गरज-चमक और बिजली के साथ छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है। कोलकाता में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, हालांकि भारी बारिश का कोई अनुमान नहीं है।
उत्तर बंगाल में सर्दियों का धीमा आगमन
उत्तर बंगाल के जिलों में फिलहाल बारिश का कोई अनुमान नहीं है और सूखा मौसम बना रहेगा। दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, परंतु रात के न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की उम्मीद है। IMD के अनुसार, रात के तापमान में यह गिरावट उत्तर बंगाल में सर्दियों के क्रमिक आगमन का संकेत है।
आगे क्या
अगले दो दिनों में कोलकाता का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में नए सिस्टम की गतिविधि पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है। यदि निम्न दबाव क्षेत्र आकार लेता है, तो दक्षिण बंगाल के जिले अगले सप्ताह की शुरुआत में एक बार फिर बारिश और तूफानी मौसम का सामना कर सकते हैं।