श्रेया घोषाल की सुरों की जादूगर गुरु से भेंट: जानें उनके संगीत के सफर का राज
सारांश
Key Takeaways
- गुरु-शिष्य का रिश्ता हमेशा महत्वपूर्ण होता है।
- श्रया घोषाल की आवाज उनके गुरु की मेहनत का परिणाम है।
- संगीत की यात्रा में अविराम प्रयास की आवश्यकता होती है।
- हर कलाकार का एक अनूठा सफर होता है।
- शिक्षा और प्रेरणा का महत्व अत्यधिक है।
मुंबई, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें होती हैं, जो सदियों तक लोगों के दिलों में बसी रहती हैं। ऐसी ही एक सुरमयी आवाज हैं गायिका श्रुति घोषाल। उनकी इस आवाज के पीछे एक अद्भुत गुरु का योगदान है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, लेकिन श्रेया के लिए उनका महत्व अत्यधिक है।
वर्तमान में, श्रेया 'इंडियन आइडल' में जज के रूप में दिखाई दे रही हैं। आने वाला एपिसोड विशेष होगा, जिसमें श्रेया के पहले गुरु महेश चंद्र शर्मा शामिल होंगे। इस एपिसोड में प्रसिद्ध कंपोजर प्यारेलाल शर्मा भी उपस्थित रहेंगे। इस शो में मोहम्मद रफी और मुकेश जैसे महान गायकों के क्लासिक गानों की विशेष प्रस्तुति होगी।
एपिसोड में होस्ट आदित्य नारायण श्रेया का एक पुराना पत्र पढ़ते हैं, जो उन्होंने अपने गुरु के लिए बचपन में लिखा था। श्रेया ने लिखा था, "नमस्ते, आशा है आप सब ठीक होंगे। मेरी शास्त्रीय शिक्षा अभी शुरू नहीं हुई है। मेरे पिता अच्छे गुरु से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं कुछ दिनों के लिए कल्याणजी अंकल के पास सीखने जा रही थी लेकिन पीलिया के कारण डेढ़ महीने नहीं जा पाई। मैं रोज आपके सिखाए रागों का अभ्यास करती हूं। आपको भक्ति-पूर्ण प्रणाम। आपके आशीर्वाद की आकांक्षी, श्रेया घोषाल।"
यह सुनकर श्रेया भावुक हो जाती हैं और अपने गुरु के पैर छूने लगती हैं। इसके बाद, वे अपने संगीत की यात्रा के बारे में बताती हैं। उन्होंने कहा, "राजस्थान में बहुत गर्मी होती थी। गुरुजी के घर जाने के लिए मुझे दो-तीन घंटे की बस यात्रा करनी पड़ती थी। रास्ते में जंगल भी आता था। घर दिखते ही मुझे ऐसा लगता था जैसे मैं किसी मंदिर में जा रही हूं।"
महेश चंद्र शर्मा ने श्रेया को एक अनमोल उपहार दिया। उन्होंने एक डायरी दी, जिसमें उन्होंने अपनी सभी कक्षाओं, बंदिशों और रचनाओं को वर्षों से संजोया था। डायरी देते हुए उन्होंने कहा, "यह मेरी जिंदगी की सारी कमाई है। शुरुआत से लेकर अंत तक की मेरी बंदिशें यहां हैं। मैं यह तुम्हारे लिए लाया हूं।"
श्रुति ने डायरी लेते हुए आंसुओं के साथ गुरुजी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद, उनके गुरुजी ने फिल्म देवदास का गाना 'बैरी पिया' गाने की इच्छा जताई। गुरुजी की इच्छा का सम्मान करते हुए श्रेया ने इसे बहुत खूबसूरत अंदाज़ में गाया।