श्रेया घोषाल की आवाज़ में 'जन गण मन': '20 से ज़्यादा भाषाओं में गाया, पर राष्ट्रगान का पल सबसे भावुक'
सारांश
मुख्य बातें
प्रसिद्ध पार्श्वगायिका श्रेया घोषाल ने राष्ट्रगान 'जन गण मन' का अपना विशेष संस्करण जारी किया है, जिसे उन्होंने अपने करियर के सबसे भावुक अनुभवों में से एक बताया है। 11 अगस्त 2026 को मुंबई से इस प्रस्तुति की घोषणा करते हुए घोषाल ने कहा कि राष्ट्रगान को आवाज़ देना उनके लिए गर्व और सम्मान दोनों का क्षण है।
गायिका की भावनाएँ
श्रेया घोषाल ने इस अवसर पर अपनी बात साझा करते हुए कहा, 'एक कलाकार के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है कि उसे ऐसे गीत को अपनी आवाज़ देने का मौका मिले, जो पूरे देश को एक भावना और एक पहचान के साथ जोड़ता है? मुझे खुशी है कि मेरी यह प्रस्तुति अब सभी लोगों के लिए जारी की जा रही है। मैं चाहती हूँ कि लोग इस संस्करण को अपने-अपने तरीके से महसूस करें और राष्ट्रगान से अपने भावनात्मक जुड़ाव को और मज़बूत कर सकें।'
सोशल मीडिया पर इस प्रोजेक्ट को साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'मेरे लिए बेहद गर्व और सम्मान का क्षण है। पेश है 'जन गण मन' का मेरा वर्जन।' यह पोस्ट सामने आते ही संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
करियर की यात्रा
श्रेया घोषाल ने वर्ष 2002 में निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' से पार्श्वगायन की शुरुआत की थी। इस फिल्म में 'बैरी पिया', 'डोला रे डोला', 'मोरे पिया', 'सिलसिला ये चाहत का' और 'काहे छेड़ मोहे' जैसे गीत गाकर उन्होंने रातोंरात पहचान हासिल की।
तब से लेकर अब तक उन्होंने हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और मराठी समेत 20 से अधिक भाषाओं में 3,000 से ज़्यादा गीत गाए हैं — यह आँकड़ा भारतीय पार्श्वगायन के इतिहास में विरले ही किसी गायिका ने हासिल किया है।
यादगार गीत और सम्मान
घोषाल के करियर में 'तेरी ओर', 'पियू बोले', 'जादू है नशा है', 'बरसो रे', 'समझावाँ', 'दीवानी मस्तानी', 'तुम क्या मिले', 'वे कमलेया' और 'सुन रहा' जैसे अनेक यादगार गीत शामिल हैं। उनकी गायकी को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है।
यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस 2026 नज़दीक है और देशभक्ति से जुड़ी कलात्मक प्रस्तुतियों की माँग हमेशा बढ़ जाती है। श्रेया घोषाल का यह संस्करण उस भावना को एक नई संगीतात्मक अभिव्यक्ति देता है।
आगे क्या
घोषाल की इस प्रस्तुति को लेकर संगीत जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। उनके प्रशंसक इस संस्करण को स्वतंत्रता दिवस समारोहों में विशेष स्थान मिलने की उम्मीद जता रहे हैं।