हॉर्मुज स्ट्रेट विवाद: ईरान की कड़ी चेतावनी — 'बाहरी ताकतें सैन्य शक्ति प्रदर्शन न करें'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान ने 5 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के जवाब में स्पष्ट कर दिया कि हॉर्मुज स्ट्रेट बाहरी ताकतों के लिए सैन्य बल प्रदर्शन का अखाड़ा नहीं है। तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर किसी भी विदेशी सैन्य गतिविधि के विरुद्ध कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इसका उपयोग क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षित नौवहन के लिए होना चाहिए, न कि शक्ति प्रदर्शन के लिए।
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री की सीधी चेतावनी
ईरान के कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ईरान, स्ट्रेट में सुरक्षा का जिम्मेदार अधिकारी और गारंटर होने के नाते, इस संवेदनशील समुद्री मार्ग में किसी भी सैन्य आंदोलन के खिलाफ चेतावनी देता है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा पूरी तरह ईरान और ओमान की संयुक्त जिम्मेदारी है।
ब्रिटेन-फ्रांस के बयान को किया खारिज
गरीबाबादी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के शुक्रवार को जारी संयुक्त बयान को सिरे से नकार दिया। उल्लेखनीय है कि स्टार्मर इस्तीफे की घोषणा कर चुके हैं और अगले प्रधानमंत्री के चुने जाने तक पद पर बने रहेंगे। अपने संयुक्त बयान में स्टार्मर और मैक्रों ने हॉर्मुज स्ट्रेट को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य मार्ग बताते हुए कहा था, 'स्ट्रेट से सभी देशों के जहाजों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट फिर से शुरू करना वैश्विक चिंता का विषय है।' दोनों नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वे हॉर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन तैनात करने को तैयार हैं।
जहाजों को वापस लौटाया, समुद्री तनाव बढ़ा
ईरान की अर्धसरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने ताजा मैरीटाइम ट्रैकिंग डेटा के हवाले से बताया कि शनिवार को ओमान के तट के निकट समुद्री मार्ग पार करने का प्रयास कर रहे आठ जहाजों को वापस भेज दिया गया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जहाज मुसंदम प्रायद्वीप के अग्रभाग तक पहुँच गए थे, परंतु वहाँ पहुँचते ही उन्होंने अचानक दिशा बदल ली। रिपोर्टों के अनुसार, एक कच्चा तेल टैंकर, दो पेट्रोलियम उत्पाद टैंकर और एक बल्क कैरियर ने ईरान के निर्देश पर उत्तर की ओर रुख किया और वैकल्पिक बाहरी समुद्री मार्ग का उपयोग किया।
28 फरवरी के हमलों के बाद और कड़ा हुआ नियंत्रण
रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को ईरानी क्षेत्र पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निगरानी और नियंत्रण और अधिक सख्त कर दिया। इसके तहत उसने इजरायल और अमेरिका से जुड़े या उनसे संबद्ध जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है — हॉर्मुज स्ट्रेट से प्रतिदिन कथित तौर पर वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुजरता है।
आगे क्या होगा
यह संकट उस व्यापक भू-राजनीतिक तनाव का हिस्सा है जो ईरान-अमेरिका संबंधों में लंबे समय से बना हुआ है। ओमान की भूमिका अब और महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि वह एक ओर ब्रिटेन-फ्रांस के साथ नौवहन सुरक्षा पर सहमत है, तो दूसरी ओर ईरान के साथ इस जलडमरूमध्य की संयुक्त जिम्मेदारी भी निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव और बढ़ा तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।