3 अगस्त 2026
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होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित शिपिंग: ईरान-ओमान वार्ता अंतिम चरण में, ट्रंप ने कहा — समझौता होगा

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होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित शिपिंग: ईरान-ओमान वार्ता अंतिम चरण में, ट्रंप ने कहा — समझौता होगा

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित शिपिंग के लिए ईरान-ओमान वार्ता अंतिम चरण में है — एक अस्थायी संयुक्त कॉरिडोर पर सहमति की कोशिश जारी है। साथ ही ट्रंप ने होर्मुज और ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण दोनों पर समझौते का संकेत दिया है, जबकि तनाव और कूटनीति एक साथ चल रहे हैं।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 3 अगस्त को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित शिपिंग के लिए एक अस्थायी मध्यवर्ती कॉरिडोर बनाने पर ईरान-ओमान वार्ता केंद्रित है।
प्रस्तावित कॉरिडोर ओमान के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र और ईरान के उत्तरी क्षेत्रीय जल को मिलाकर बनेगा।
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान-ओमान वार्ता अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।
बाघेई ने यूक्रेन को एक ईरानी जहाज पर हमले के लिए जवाबदेह ठहराने की चेतावनी दी; यूक्रेन ने 25 जुलाई को कैस्पियन सागर में हमले का दावा किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज और ईरानी परमाणु निरस्त्रीकरण दोनों पर समझौते का संकेत दिया; सऊदी अरब, UAE और कतर ने अमेरिकी सैन्य हमले रोकने का अनुरोध किया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार, 3 अगस्त को अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर तय करना ही ईरान-ओमान वार्ता का केंद्रीय उद्देश्य है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस जलमार्ग के बंद होने की जड़ में ईरान और ओमान के बीच कोई मतभेद नहीं, बल्कि अमेरिका और इज़रायल की कथित 'सैन्य आक्रामकता' है।

वार्ता का स्वरूप और प्रस्तावित कॉरिडोर

बाघेई ने बताया कि चर्चा दो अलग-अलग रास्तों पर नहीं, बल्कि एक एकीकृत मध्यवर्ती मार्ग पर केंद्रित है। उनके अनुसार, दक्षिणी मार्ग — जो ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजरता है — और उत्तरी मार्ग — जो ईरान के क्षेत्रीय जल से होकर जाता है — दोनों को मिलाकर एक संयुक्त कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है।

बाघेई ने स्पष्ट किया कि यह मध्यवर्ती मार्ग अस्थायी रहेगा — जब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बन जाती। आने-जाने के लिए एक ही कॉरिडोर प्रस्तावित है, न कि कई समानांतर रास्ते।

वार्ता अंतिम चरण में — अराघची का बयान

रविवार को तेहरान में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। यह जानकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (IRNA) ने दी।

होर्मुज बंद होने की वजह: ईरान का रुख

बाघेई ने दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट की मौजूदा स्थिति के लिए अमेरिका और इज़रायल की कथित सैन्य आक्रामकता ज़िम्मेदार है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ अपनी 'दुर्भावनापूर्ण' कार्रवाइयाँ जारी रखेगा, तब तक इस जलमार्ग की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है — दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी से गुजरता है। इसके बंद होने की स्थिति में वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ईरानी जहाज पर हमला और यूक्रेन पर आरोप

बाघेई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि हाल ही में एक ईरानी जहाज पर हुए हमले के लिए यूक्रेन को जवाबदेह ठहराने के लिए ईरान हर ज़रूरी कदम उठाएगा। उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने दावा किया था कि यूक्रेनी सेना ने कैस्पियन सागर में एक रूसी युद्धपोत और उन जहाजों को निशाना बनाया, जिनका उपयोग ईरान से जुड़े सैन्य सामान की ढुलाई के लिए हो रहा था।

ट्रंप का बयान: होर्मुज और परमाणु — दोनों पर समझौते की उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से शुरू होगी। एयर फोर्स वन में जॉइंट बेस एंड्रयूज़ की ओर जाते हुए पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट पर एक समझौता होने जा रहा है, और उसके बाद परमाणु मुद्दे पर भी — जिसे आप ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण के रूप में देख सकते हैं।"

ट्रंप ने यह भी बताया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने अमेरिका से प्रस्तावित सैन्य हमले रोकने का अनुरोध किया है, क्योंकि उन्हें समझौते की संभावना दिखती है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने भी अमेरिका से प्रस्तावित हमलों को वापस लेने का अनुरोध किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार होर्मुज की स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। आने वाले दिनों में ईरान-अमेरिका वार्ता की दिशा यह तय करेगी कि यह कूटनीतिक खिड़की खुलती है या बंद हो जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इसे लागू कौन करेगा और उल्लंघन पर जवाबदेही किसकी होगी — जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर 'आक्रामकता' का आरोप लगा रहे हों। ट्रंप का 'होर्मुज समझौते के बाद परमाणु समझौता' वाला क्रम कूटनीतिक दृष्टि से महत्वाकांक्षी है, लेकिन ईरान के घरेलू राजनीतिक दबाव और अमेरिकी कांग्रेस की मंज़ूरी की ज़रूरत को देखते हुए यह रास्ता उतना सीधा नहीं है जितना ट्रंप के बयान से लगता है। खाड़ी देशों — सऊदी अरब, UAE, कतर — का अमेरिका से हमले रोकने का अनुरोध बताता है कि क्षेत्रीय शक्तियाँ सैन्य टकराव से कहीं ज़्यादा आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रही हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में प्रस्तावित अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर क्या है?
यह एक मध्यवर्ती समुद्री मार्ग है जो ओमान के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र और ईरान के उत्तरी क्षेत्रीय जल को मिलाकर बनाया जाएगा, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। यह व्यवस्था तब तक अस्थायी रहेगी जब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता।
ईरान-ओमान वार्ता कहाँ तक पहुँची है?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को तेहरान में कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि वार्ता अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। प्रवक्ता बाघेई ने भी पुष्टि की कि चर्चा एक एकीकृत कॉरिडोर पर केंद्रित है।
ट्रंप ने होर्मुज और ईरान के परमाणु मुद्दे पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि पहले होर्मुज स्ट्रेट पर और फिर ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण पर समझौता होगा। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, UAE और कतर ने अमेरिका से प्रस्तावित सैन्य हमले रोकने का अनुरोध किया है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह ईरान क्या बताता है?
ईरान के प्रवक्ता बाघेई के अनुसार, जलमार्ग की मौजूदा स्थिति के लिए ईरान-ओमान के बीच कोई मतभेद नहीं, बल्कि अमेरिका और इज़रायल की कथित सैन्य आक्रामकता ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जब तक यह आक्रामकता जारी रहेगी, स्थिति नहीं बदलेगी।
ईरानी जहाज पर हमले में यूक्रेन की क्या भूमिका बताई जा रही है?
ईरान के प्रवक्ता बाघेई ने कहा कि हाल ही में एक ईरानी जहाज पर हुए हमले के लिए यूक्रेन को जवाबदेह ठहराया जाएगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने 25 जुलाई को दावा किया था कि यूक्रेनी सेना ने कैस्पियन सागर में रूस से जुड़े जहाजों पर हमला किया, जिनमें ईरानी सैन्य सामान ले जाने वाले जहाज भी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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