क्या 40 लाख से अधिक फास्टैग एनुअल पास बिक गए?
सारांश
Key Takeaways
- फास्टैग वार्षिक पास अब 40 लाख से ज्यादा बिक चुके हैं।
- 20 प्रतिशत कार चालक इसका लाभ उठा रहे हैं।
- यह पास 3,000 रुपए में 200 बार टोल पार करने की सुविधा देता है।
- यह व्यवस्था टोल खर्च को स्थिर और सरल बनाती है।
- 98 प्रतिशत वाहन अब फास्टैग का उपयोग कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने बुधवार को खुलासा किया है कि पिछले कुछ महीनों में 40 लाख से अधिक फास्टैग वार्षिक पास बिक चुके हैं, और अब लगभग 20 प्रतिशत कार चालक इस वार्षिक पास का लाभ ले रहे हैं। यह दर्शाता है कि सुविधा और सामर्थ्य दोनों को एक साथ लाना संभव है।
सरकार के अनुसार, यह वार्षिक फास्टैग पास 15 अगस्त 2025 को आरंभ किया गया था। इसके अंतर्गत, कोई भी व्यक्ति केवल 3,000 रुपए देकर 200 बार टोल पार कर सकता है या फिर पूरे एक वर्ष तक यात्रा कर सकता है, जो भी पहले हो। यह सुविधा देश के 1,159 टोल प्लाजा पर उपलब्ध है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में हाईवे पर नियमित यात्रा करने वालों को इसने बड़ी राहत दी है।
कई यात्रियों के लिए, यह वार्षिक पास यात्रा के खर्च को कम करने के साथ-साथ यात्रा को सरल और बिना किसी कठिनाई के बनाने में मदद कर रहा है।
हरियाणा के यमुनानगर में रहने वाले एक यात्री ने बताया कि उन्हें अक्सर चंडीगढ़ जाना पड़ता है। पहले उन्हें एक बार आने-जाने में 150 रुपए खर्च करने पड़ते थे, लेकिन वार्षिक पास लेने के बाद अब केवल 30 रुपए में काम हो जाता है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।
सरकार ने कहा है कि वार्षिक पास ने हर महीने बदलने वाले टोल खर्च को स्थिर और सरल बना दिया है। इससे रोज यात्रा करने वालों को पूरे साल में पैसे की बचत, निश्चित खर्च और बिना किसी परेशानी के यात्रा का लाभ मिल रहा है। अब उन्हें बार-बार फास्टैग रिचार्ज करने की चिंता नहीं रहती।
मंत्रालय के अनुसार, 15 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 के बीच टोल प्लाजा पर 15 लाख से अधिक यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी कुल राशि 19.44 करोड़ रुपए रही।
इसके साथ ही, नकद भुगतान में 25 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे टोल प्लाजा पर भीड़ कम हुई है और व्यवस्था अधिक साफ और पारदर्शी हो गई है। वर्तमान में 98 प्रतिशत वाहन फास्टैग का उपयोग कर रहे हैं, और बाकी वाहन भी धीरे-धीरे इससे जुड़ रहे हैं। यह कार्य अब केवल जुर्माने से नहीं, बल्कि लोगों को सुविधाजनक और लाभदायक विकल्प देकर किया जा रहा है।
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यदि किसी सड़क को 2 लेन से 4, 6 या उससे अधिक लेन में अपग्रेड किया जा रहा है, तो जब तक काम पूरा नहीं होता, तब तक लोगों को पहले के टोल का केवल 50 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा।