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जोकोविच का विराट कोहली को न्योता: 'भारत आकर साथ क्रिकेट खेलना चाहता हूं', विंबलडन में फेडरर का रिकॉर्ड तोड़ा

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जोकोविच का विराट कोहली को न्योता: 'भारत आकर साथ क्रिकेट खेलना चाहता हूं', विंबलडन में फेडरर का रिकॉर्ड तोड़ा

सारांश

विंबलडन के बीच नोवाक जोकोविच ने दो बड़े काम किए — फेडरर का 105 जीत का रिकॉर्ड तोड़ा और विराट कोहली को भारत में मेजबानी का न्योता दिया। दो अलग-अलग खेलों के दो महानायकों की यह दोस्ती अब मैदान पर उतरने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

नोवाक जोकोविच ने जियोस्टार पर कहा कि वे जल्द भारत आकर विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस खेलना चाहते हैं।
जोकोविच ने विंबलडन चौथे राउंड में रोमन सफीउलिन को 7-6(6), 6-3, 3-6, 6-3 से हराया।
रोजर फेडरर के 105 विंबलडन पुरुष एकल जीत के रिकॉर्ड को तोड़कर जोकोविच इस टूर्नामेंट के सबसे सफल एकल खिलाड़ी बने।
जोकोविच लगातार 9वीं बार विंबलडन क्वार्टर-फाइनल में पहुंचे।
अगला मुकाबला फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे या एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से होगा।

नोवाक जोकोविच ने 7 जुलाई को विंबलडन के बीच एक बड़ा खुलासा किया — सर्बियाई टेनिस स्टार ने कहा कि वे जल्द भारत आने और क्रिकेट दिग्गज विराट कोहली के साथ क्रिकेट व टेनिस खेलने की योजना बना रहे हैं। जोकोविच ने यह बात उस दिन कही जब उन्होंने विंबलडन में रोजर फेडरर के 105 पुरुष एकल जीत के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ा।

विराट के लिए जोकोविच के दिल में क्या है

जोकोविच ने जियोस्टार पर दिए एक साक्षात्कार में कहा, 'मैं विराट कोहली के साथ कुछ क्रिकेट और टेनिस खेलना पसंद करूंगा। मैं जल्द ही इंडिया आने की योजना बना रहा हूं। हम इस बारे में बात कर रहे हैं। मुझे पता है कि विराट एक वैश्विक स्टार हैं, लेकिन खासकर भारत में, वह कमाल के हैं। मैं चाहूंगा कि वह मेरे मेजबान बनें और मुझे घुमाएं। मेरे मन में उनके और भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत सम्मान है।'

उन्होंने यह भी जोड़ा, 'मैं सर्बिया से आता हूं, जहां क्रिकेट बड़ा खेल नहीं है। लेकिन मेरी टीम में कुछ लोग ब्रिटिश हैं, और उन्हें क्रिकेट पसंद है। इसलिए मैं पिछले 10 से 15 वर्षों से इस गेम के बारे में सीख रहा हूं। मुझे अभी भी अपनी क्रिकेट स्किल्स पर काम करने की जरूरत है। शायद विराट मेरी तकनीक और बैट स्विंग में मदद कर सकें।'

विंबलडन में ऐतिहासिक उपलब्धि

जोकोविच ने रविवार को चौथे राउंड में रोमन सफीउलिन को 7-6(6), 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर न केवल क्वार्टर-फाइनल में जगह पक्की की, बल्कि फेडरर के 105 विंबलडन पुरुष एकल जीत के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। इस जीत के साथ जोकोविच विंबलडन इतिहास के सबसे सफल पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए। यह लगातार उनका 9वां विंबलडन क्वार्टर-फाइनल है।

विंबलडन से जोकोविच का खास रिश्ता

अपनी विंबलडन विरासत पर जोकोविच ने कहा, 'विंबलडन में मैंने जो भी हासिल किया है, वो मेरी विरासत है। यह वह टूर्नामेंट था जिसे जीतने का सपना मैंने बचपन में देखा था। 2011 में पहली बार यह अनुभव करना मेरे लिए खुशी की बात थी। और फिर, कुल सात बार टूर्नामेंट जीतना और इतने सारे फाइनल में खेलना, यह एक अविश्वसनीय सफर रहा है।'

उन्होंने आगे कहा, 'किसी वजह से, मैं हमेशा इस घास वाली सतह पर, खासकर सेंटर कोर्ट पर अपनी जिंदगी का सबसे अच्छा टेनिस खेलने में कामयाब रहा हूं। ऊर्जा, इतिहास, माहौल — यह सब मुझमें कुछ अलग लाता है।' गौरतलब है कि जोकोविच ने विंबलडन में अब तक सात खिताब जीते हैं, जो पुरुष वर्ग में एक असाधारण उपलब्धि है।

आगे का सफर

जोकोविच का अगला मुकाबला क्वार्टर-फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे या एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे इस वर्ष अपना आठवां विंबलडन खिताब जीत पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत यात्रा की 'योजना' अभी केवल बातचीत के स्तर पर है — इसे पुष्टि मानना जल्दबाजी होगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोवाक जोकोविच ने विराट कोहली के बारे में क्या कहा?
जोकोविच ने कहा कि वे विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस खेलना चाहते हैं और जल्द भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने विराट को 'वैश्विक स्टार' बताते हुए कहा कि उनके मन में विराट और भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत सम्मान है।
जोकोविच ने विंबलडन में कौन-सा रिकॉर्ड तोड़ा?
जोकोविच ने रोमन सफीउलिन को हराकर रोजर फेडरर के 105 विंबलडन पुरुष एकल जीत के रिकॉर्ड को तोड़ा और इस टूर्नामेंट के सबसे सफल पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए।
जोकोविच विंबलडन 2024 में कहाँ तक पहुंचे हैं?
जोकोविच लगातार 9वीं बार विंबलडन क्वार्टर-फाइनल में पहुंचे हैं। उनका अगला मुकाबला फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे या एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से होगा।
क्या जोकोविच को क्रिकेट का ज्ञान है?
जोकोविच ने स्वयं माना कि सर्बिया में क्रिकेट बड़ा खेल नहीं है, लेकिन उनकी टीम में ब्रिटिश सदस्यों के कारण वे पिछले 10 से 15 वर्षों से क्रिकेट सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि विराट उनकी बैटिंग तकनीक सुधारने में मदद कर सकते हैं।
जोकोविच ने विंबलडन को अपनी विरासत क्यों बताया?
जोकोविच ने कहा कि बचपन से विंबलडन जीतना उनका सपना था। 2011 में पहला खिताब जीतने के बाद कुल सात बार यह टूर्नामेंट जीतना और अब फेडरर का रिकॉर्ड तोड़ना उनके करियर का सबसे अविश्वसनीय सफर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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