21 अगस्त 2026
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कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' को भी बांटा — दिलीप घोष का तीखा हमला, राहुल के ओबीसी बयान पर भी निशाना

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कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' को भी बांटा — दिलीप घोष का तीखा हमला, राहुल के ओबीसी बयान पर भी निशाना

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने कांग्रेस पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला — 'वंदे मातरम' के दो पद गाने को 'देश बांटने की राजनीति' करार दिया, राहुल गांधी के ओबीसी बयान को खोखला बताया और जादवपुर यूनिवर्सिटी में देश-विरोधी गतिविधियों पर कड़ी आपत्ति जताई।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने कहा कि कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाकर राष्ट्रगीत को भी 'बांट दिया है'।
उन्होंने कांग्रेस पर 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के ओबीसी बयान को घोष ने 'सिर्फ राजनीति' करार दिया, न कि वास्तविक न्याय।
जादवपुर यूनिवर्सिटी में देश-विरोधी गतिविधियों पर घोष ने कड़ी आपत्ति जताई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे को पिछले 10-12 वर्षों की निरंतर प्राथमिकता का हिस्सा बताया।

पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने 21 अगस्त को कोलकाता में कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी ने पहले देश को बांटा और अब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को भी बांट दिया है। कांग्रेस के केवल दो पद गाने के रुख, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ओबीसी संबंधी बयान, जादवपुर यूनिवर्सिटी की घटना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे — इन सभी विषयों पर घोष ने अपनी बेबाक राय रखी।

वंदे मातरम विवाद पर घोष का हमला

कांग्रेस द्वारा 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने पर अड़े रहने को लेकर दिलीप घोष ने कहा, 'कांग्रेस ने देश को बांटा है और अब 'वंदे मातरम' को भी बांट दिया है। उन्होंने समाज में बांटने की राजनीति ला दी, जिसे जनता ने नकार दिया है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'अंग्रेजों से सीखी हुई 'फूट डालो और राज करो' की नीति अब नहीं चलेगी।'

राहुल गांधी के ओबीसी बयान पर पलटवार

गौरतलब है कि हाल ही में राहुल गांधी ने ओबीसी और जातिगत जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार ने दबाव में जाति जनगणना पर सहमति तो दी, लेकिन जनगणना प्रक्रिया में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम नहीं रखा गया।

इस पर दिलीप घोष ने कहा, 'जहाँ-जहाँ उन्होंने ऐसा ज़्यादा किया है, वहाँ हम जीते हैं। उन्होंने कभी लोगों को न्याय या सुविधा नहीं दी, सिर्फ राजनीति की। कांग्रेस आज भी उसी से बाहर नहीं निकल पा रही है।'

जादवपुर यूनिवर्सिटी घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया

जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई घटना को लेकर घोष ने कहा कि वहाँ कुछ समूह सक्रिय हैं जो लगातार देश-विरोधी नारे लगाते हैं और उत्तेजक हरकतें करते हैं। उन्होंने कहा, 'वहाँ इसके पहले राज्यपाल से बदतमीजी की गई थी, वो सबने देखी। उस समय हम लोगों ने वहाँ जाकर प्रोटेस्ट भी किया था। समाज के अंदर, देश के अंदर इस प्रकार की एंटी-नेशनल एक्टिविटी, एंटी-सोशल एक्टिविटी नहीं चलनी चाहिए।'

अमित शाह के बंगाल दौरे का महत्व

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे पर घोष ने कहा कि शाह का बंगाल पर विशेष ध्यान पिछले 10-12 वर्षों से बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'यहाँ संगठन बनाना और इसे जीत दिलाना उनकी विशेष प्राथमिकता रही है। बदलाव भी हुआ है लेकिन सबसे संवेदनशील सीमा — बंगाल और बांग्लादेश की सीमा — यहीं पश्चिम बंगाल में है। गृह मंत्री ने हमेशा इस सीमा को सुरक्षित रखने और कानून-व्यवस्था पर नज़र रखी है।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है और अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ दोनों दलों में तेज़ हो रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे बार-बार उठाना बताता है कि BJP इसे चुनावी ध्रुवीकरण का औज़ार मानती है। राहुल गांधी के ओबीसी बयान पर घोष की प्रतिक्रिया भी सतही है — जातिगत जनगणना में OBC कॉलम की माँग एक ठोस नीतिगत सवाल है जिसका जवाब राजनीतिक पलटवार से नहीं दिया जा सकता। पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में ये सभी बयान BJP की ज़मीनी तैयारी के संकेत हैं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने 'वंदे मातरम' पर कांग्रेस को क्यों घेरा?
कांग्रेस के केवल दो पद गाने के रुख पर दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पार्टी ने देश के साथ-साथ राष्ट्रगीत को भी बांट दिया है। उन्होंने इसे 'फूट डालो और राज करो' की नीति का विस्तार बताया।
राहुल गांधी ने ओबीसी पर क्या कहा था जिस पर घोष ने प्रतिक्रिया दी?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार ने जाति जनगणना में SC और ST की तरह OBC के लिए अलग कॉलम नहीं रखा। घोष ने इस बयान को 'सिर्फ राजनीति' करार दिया और कहा कि जहाँ कांग्रेस ने ऐसा किया, वहाँ BJP जीती।
जादवपुर यूनिवर्सिटी में क्या हुआ था जिस पर घोष ने आपत्ति जताई?
घोष के अनुसार जादवपुर यूनिवर्सिटी में कुछ समूह देश-विरोधी नारे लगाते हैं और पहले राज्यपाल के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया था। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को समाज और देश के लिए हानिकारक बताया।
अमित शाह का पश्चिम बंगाल दौरा क्यों अहम माना जा रहा है?
दिलीप घोष के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह पिछले 10-12 वर्षों से बंगाल पर विशेष ध्यान देते आए हैं। बंगाल-बांग्लादेश सीमा की संवेदनशीलता और राज्य में BJP के संगठन विस्तार को देखते हुए यह दौरा रणनीतिक महत्व रखता है।
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल में किस पद पर हैं?
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं। वे पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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